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आप हिंदी पढ़ें यह कथन देखिए।
खत्म है आज इसका चलन देखिए।।
देव वाणी सुता है धनी शब्द से।
पल रही कुछ दिलों की जलन देखिए।।
है लिखी यह वही जो कही है सदा।
भाव समता लिए है मगन देखिए।।
अज्ञता हर अ से यह ज्ञ ज्ञानी करे।
शिष्टता युक्त इसके वरन देखिए।।
श्रेष्ठ साहित्य को साजती विश्व में।
छंद की हर विधा में सघन देखिए।।
है अछूता नहीं आज कोना कहीं।
हो रहे राम पर हैं रचन देखिए।।
कर जरा कुछ यतन हम अगर देख लें।
हो सकेगा इसी को नमन देखिए।।
रचयिता:- राम किशोर पाठक
प्रधान शिक्षक
प्राथमिक विद्यालय कालीगंज उत्तर टोला
बिहटा, पटना, बिहार।
संपर्क- 9835232978

