भोलेनाथ हो-राम किशोर पाठक

Ram Kishore Pathak

लेकर आए हैं बाराती, करके चौड़ी छाती, भोले नाथ हो।

है हैरत में दुनिया सारी, अद्भुत रूप निहारी, शशिधर माथ हो।।

भूत-प्रेत सब नाच रहे हैं, सुरगण सजकर धाए।

हाथी घोड़ा संग पालकी, लेकर सब हैं आए।।

भोले भंग लिए गटकाए, तन पर भस्म रमाए, नंदी साथ हो।

लेकर आए हैं बाराती, करके चौड़ी छाती, भोले नाथ हो।।०१।।

थाली लेकर मैना आई, परिछन करूँ जमाई।

ज्यों ही अपनी नजर घुमाई, गिरती मुर्छा खाई।।

कोई ढंग नहीं है जिनको, कैसे दें दूँ इनको, गौरी हाथ हो।

लेकर आए हैं बाराती, करके चौड़ी छाती, भोले नाथ हो।।०२।।

सखिया गौरी को बतलाई, गौरी ध्यान लगाई।

लखी चंद्रशेखर छवि माई, तब जाकर हर्षाई।।

पड़ते गौरी को वरमाला, है शिव-शक्ति निराला, करते गाथ हो।

लेकर आए हैं बाराती, करके चौड़ी छाती, भोले नाथ हो।।०३।।

गीतकार:- राम किशोर पाठक

प्रधान शिक्षक

प्राथमिक विद्यालय कालीगंज उत्तर टोला

बिहटा, पटना, बिहार।

संपर्क – 9835232978

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