गुरु पग गहकर- सुपवित्रा छंद वार्णिक हम-सब हरपल, सफल यहाँ हैं। सबल प्रबल बन, मगन जहाँ हैं।। सरस सहज सब, गजब कहाँ है। हितकर गुरु जब, सजग वहाँ है।। पथ…
Category: दिवस
शिक्षक दिवस
शक्ति छंद क्षितिज लाल है भाल हर्षित दिखे। सितंबर दिवस आज चर्चित दिखे।। अशिक्षा डगर छोड़ते वे चले। सु-शिक्षा डगर जोड़ते वे चले।। उन्हीं के दिवस पर चलो कुछ करें।…
यादों को छोड़ आते-एस०के०पूनम
पावन दिवस पाँच, सितंबर हर साल, विद्यार्थी के जीवन को,हर्षित कर जाते। जमावड़ा है शिष्यों का, गुलदस्ता है फूलों का, शिक्षार्थी के आँगन से,जाते हैं जुड़ नाते। आचार्य के सानिध्य…
राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस- राम किशोर पाठक
राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस अंतरिक्ष की बात अलग है, इसकी सीमा ज्ञात नहीं। धरती अम्बर संग मिलें तो, बदले कुछ हालात कहीं।। अगणित तारें ग्रह नक्षत्र, नभ में दिखते रहते हैं।…
भारत के अग्निवीर – गीत – राम किशोर पाठक
भारत के अग्निवीर – गीत शूर वीर हैं धरती के हम, लिखते हौसलों से तकदीर। हम पीछे हटना क्या जानें, हम हैं भारत के अग्निवीर।। गद्दारों पर मेरी रहती, पैनी…
एक अनोखी प्रेम कहानी- गीत- राम किशोर पाठक
एक अनोखी प्रेम कहानी- गीत युग पुरुष एक ऐसा देखा, देखी जिसमें अलग रवानी। आओ तुमको याद दिलाए, एक अनोखी प्रेम कहानी।। गया गहलौर में जन्में थे, दशरथ मांझी गुमनाम…
वो मुरलीवाले- अमरनाथ त्रिवेदी
वो मुरलीवाले वो मुरली वाले तेरी मुरली पड़ी है , अब तो यह नहीं बजती , यमुना तट रास रचानेवाले , अब रास नहीं कभी सजती। दुनिया का रखवाला मोहन , कहाँ…
पावस की यह रात सुहानी – प्रदीप छंद गीत- राम किशोर पाठक
पावस की यह रात सुहानी – प्रदीप छंद गीत बदल रहा है रंग धरा का, अच्छा होगा मान लो। पावस की यह रात सुहानी, बन जाएगी जान लो।। नारायण को…
आयो कृष्ण कन्हाई- कुमकुम कुमारी ‘काव्याकृति’
आयो कृष्ण कन्हाई भादों माह कृष्ण अष्टमी को, देवकीनंदन जन्म लिए हैं। कारागार के बंधन टूटे, द्वारपाल सब औंधे पड़े हैं। लेकर टोकरी में कान्हा को, देखो वसुदेव निकल पड़े…
श्रीकृष्ण – गिरींद्र मोहन झा
श्रीकृष्ण बचपन से तेरी लीला हुई शुरु, सदा रहा कर्तव्य का ध्यान, सत्य-धर्म पर चलकर तूने, किया सदा जगत का कल्याण, मथुरा में ले जन्म, महामानव ! पिता-मातु का किया…