Category: छंद

Ram Kishore Pathak

तन्हा तन्हा..राम किशोर पाठकतन्हा तन्हा..राम किशोर पाठक

0 Comments 2:50 pm

कुण्डलिया तन्हा-तन्हा है आज-कल, यहाँ सकल संसार।कारण इसका क्या भला, करिए जरा विचार।।करिए जरा विचार, कभी खुद को भी झाँके।बना[...]

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Ram Kishore Pathak

हे सखी! – पथिका छंद – राम किशोर पाठकहे सखी! – पथिका छंद – राम किशोर पाठक

0 Comments 10:23 pm

हे सखी! – पथिका छंद – राम किशोर पाठक हे सखी! मुझे बतलाओ। कैसे रहूँ बिना साजन के, बैठी घर[...]

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Ram Kishore Pathak

संविधान- लावणी छंद – राम किशोर पाठकसंविधान- लावणी छंद – राम किशोर पाठक

0 Comments 10:13 pm

संविधान- लावणी छंद – राम किशोर पाठक नीति नियम का ग्रंथ यही है, जिसके सन्मुख समरस रहते। देश चलाते हैं[...]

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Ram Kishore Pathak

राम विवाह..रामकिशोर पाठकराम विवाह..रामकिशोर पाठक

0 Comments 9:04 pm

राम विवाह – सरसी छंद गीत संग सभी भ्राता भी उनके, परिणय को तैयार।सिया वरण करने को आयें, सजे-धजे सुकुमार।।[...]

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Ram Kishore Pathak

राष्ट्र भक्त हम, कहलाएँ- वासुदेव छंद गीत  राम किशोर पाठक राष्ट्र भक्त हम, कहलाएँ- वासुदेव छंद गीत  राम किशोर पाठक 

0 Comments 7:59 pm

राष्ट्र भक्त हम, कहलाएँ- वासुदेव छंद गीत  राष्ट्र हेतु हम, मिट जाएँ। राष्ट्र-भक्त हम, कहलाएँ।। आओ मिलकर, पले यहाँ। कदम[...]

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Ram Kishore Pathak

प्रकाश..राम किशोर पाठकप्रकाश..राम किशोर पाठक

0 Comments 7:16 pm

प्रकाश- अनंद छंद गीत (मात्रिक १२-१२-१२-१२, १२-१२-१२) सुमन यहाँ विछा रहें, पथिक चलो अभी।प्रदीप हम जला रहे, उदास क्यों सभी।।[...]

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Ram Kishore Pathak

घर में आकर.. राम किशोर पाठकघर में आकर.. राम किशोर पाठक

0 Comments 7:18 pm

घर में आकर- वासुदेव छंद गीत अपनों से जब, नैन मिले।घर में आकर, चैन मिले।। दौड़ लगाकर, थक जाते।दुनिया की[...]

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दुविधा…राम किशोर पाठकदुविधा…राम किशोर पाठक

0 Comments 7:16 pm

मनहरण घनाक्षरी दुविधा में हम पड़े,अपनी ही जिद अड़े,अधिकारी पास खड़े, होते परेशान हैं।साथी सारे कह रहे,लेन-देन कर कहे,चैन आप[...]

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