Category: छंद

Ram Kishore Pathak

राम विवाह..रामकिशोर पाठकराम विवाह..रामकिशोर पाठक

0 Comments 9:04 pm

राम विवाह – सरसी छंद गीत संग सभी भ्राता भी उनके, परिणय को तैयार।सिया वरण करने को आयें, सजे-धजे सुकुमार।।[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Ram Kishore Pathak

राष्ट्र भक्त हम, कहलाएँ- वासुदेव छंद गीत  राम किशोर पाठक राष्ट्र भक्त हम, कहलाएँ- वासुदेव छंद गीत  राम किशोर पाठक 

0 Comments 7:59 pm

राष्ट्र भक्त हम, कहलाएँ- वासुदेव छंद गीत  राष्ट्र हेतु हम, मिट जाएँ। राष्ट्र-भक्त हम, कहलाएँ।। आओ मिलकर, पले यहाँ। कदम[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Ram Kishore Pathak

प्रकाश..राम किशोर पाठकप्रकाश..राम किशोर पाठक

0 Comments 7:16 pm

प्रकाश- अनंद छंद गीत (मात्रिक १२-१२-१२-१२, १२-१२-१२) सुमन यहाँ विछा रहें, पथिक चलो अभी।प्रदीप हम जला रहे, उदास क्यों सभी।।[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Ram Kishore Pathak

घर में आकर.. राम किशोर पाठकघर में आकर.. राम किशोर पाठक

0 Comments 7:18 pm

घर में आकर- वासुदेव छंद गीत अपनों से जब, नैन मिले।घर में आकर, चैन मिले।। दौड़ लगाकर, थक जाते।दुनिया की[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Ram Kishore Pathak

दुविधा…राम किशोर पाठकदुविधा…राम किशोर पाठक

0 Comments 7:16 pm

मनहरण घनाक्षरी दुविधा में हम पड़े,अपनी ही जिद अड़े,अधिकारी पास खड़े, होते परेशान हैं।साथी सारे कह रहे,लेन-देन कर कहे,चैन आप[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

कुंडलिया.रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’कुंडलिया.रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’

0 Comments 2:31 pm

भाषा अच्छी बोलना,मुख का है शृंगार।संधारित जिसने किये,लूट लिए संसार।। लूट लिए संसार,स्वर्ग सुंदर मुस्काया।अवतारण की चाह,देव मानस पर छाया।।[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

धनतरेस रामकिशोर पाठकधनतरेस रामकिशोर पाठक

0 Comments 8:08 am

धनतेरस – मनहरण घनाक्षरी धनतेरस है आया, लेकर धन की माया, बाजार धूम मचाया, हाट गुलजार है। करना है दीप-दान,[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

धनतरेस -रामपाल प्रसाद सिंहधनतरेस -रामपाल प्रसाद सिंह

0 Comments 8:03 am

धनतेरस। रोला छंद । पावन कार्तिक मास,स्वर्ग से सुंदर भाता। त्रयोदशी का योग,कृष्ण पक्ष अति सुहाता। प्रकट हुए धनदेव, ग्रंथ[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें