जय स्कंदमाता -डॉ स्नेहलता द्विवेदी

जय स्कंदमाता ममतामयी माँ ममतामयी तू है जगदम्बा, तू कार्तिकेय सुत जननी है। ताड़कासुर बध संकल्प लिये, माँ तू संतन हित करनी है। चार भुजायें धारण कर, पद्मासना तू महारानी…

जीवित्पुत्रिका व्रत

जीवित्पुत्रिका व्रत माता निर्जल व्रत करे, सुखी रहे संतान। महाकाल को पूजती, जो लेते संज्ञान।। एक दिवस उपवास का, कोटि विधि स्वीकार। सुखमय मेरा लाल हो, करती सदा विचार।। भाँति-भाँति…

राष्ट्रीय हिंदी दिवस – दोहे

राष्ट्रीय हिंदी दिवस – दोहे भाषा मधुरिम सरल सी, जन-मानस की चाह। रस अलंकार से युक्त है, रखती शब्द अथाह।।०१।। शब्द समाहित कर रही, हरपल सिंधु समान। स्वाद सभ्यता की…

हिंदी है अस्मिता हमारी -प्रदीप छंद गीत – राम किशोर पाठक

हिंदी है अस्मिता हमारी -प्रदीप छंद गीत मन के भावों को करती जो, सरल सहज गुणगान है। हिंदी है अस्मिता हमारी, इससे हर पहचान है।। दसों दिशाएँ गूँज रही है,…

जीवित्पुत्रिका व्रत -रुचिका

जीवित्पुत्रिका व्रत सन्तान के सुख की कामना कर कर रही है माँ साधना चौबीस घण्टे का निर्जला उपवास कर कर रही है बस यही प्रार्थना। दुःख तकलीफ कभी जीवन में…

हुई उत्पत्ति है हिंदी की – गीत – राम किशोर पाठक

हुई उत्पत्ति है हिंदी की – गीत शौरसेनी अपभ्रंश जिसे, अपनी तनुजा माने। हुई उत्पत्ति है हिंदी की, सुरवाणी से जाने।। उत्तर भारत में जन्म हुआ, जानी दुनिया सारी। भाषाएँ…

गुरू बिना ज्ञान

गुरू बिना ज्ञान (शिक्षक दिवस पर विशेष) रूप घनाक्षरी छंद में ऋषि-मुनि या हों संत, चाहे कोई भगवंत, किसी को भी मिला नहीं, बिना गुरु कभी ज्ञान। कभी हमें मारते…

गुरु पग गहकर

गुरु पग गहकर- सुपवित्रा छंद वार्णिक हम-सब हरपल, सफल यहाँ हैं। सबल प्रबल बन, मगन जहाँ हैं।। सरस सहज सब, गजब कहाँ है। हितकर गुरु जब, सजग वहाँ है।। पथ…

शिक्षक दिवस

शक्ति छंद क्षितिज लाल है भाल हर्षित दिखे। सितंबर दिवस आज चर्चित दिखे।। अशिक्षा डगर छोड़ते वे चले। सु-शिक्षा डगर जोड़ते वे चले।। उन्हीं के दिवस पर चलो कुछ करें।…