दुर्गा मांँ के मंदिर में, जलता अखंड ज्योति, आओ सब मिल करें, माता की आराधना। नैवेद्य कर्पूर धूप, चंदन अक्षत[...]
Category: दिवस
बेटियां -रुचिकाबेटियां -रुचिका
बेटियाँ पिता की पगड़ी को सम्भालती, खुद को हर साँचे में है ढालती, बेटियाँ रब की रहमत है, न जाने[...]
मेरी बेटियां -डॉ स्नेहलता द्विवेदी आर्यामेरी बेटियां -डॉ स्नेहलता द्विवेदी आर्या
मेरी बेटियां मेरी बेटियां! मेरी प्रतिरूप, मैं बसती हूं उनमें, अंतस्त बिल्कुल अंदर, आद्यो पांत सर्वांग, प्राण वायु की तरह।[...]
भवानी आ गयी है – राम किशोर पाठकभवानी आ गयी है – राम किशोर पाठक
भवानी आ गयी है, घर हमारे। खुशी अब छा रही है, जग निहारे।। किया वंदन उन्हें सब, चरण धोएँ। अलौकिक[...]
जय स्कंदमाता -डॉ स्नेहलता द्विवेदीजय स्कंदमाता -डॉ स्नेहलता द्विवेदी
जय स्कंदमाता ममतामयी माँ ममतामयी तू है जगदम्बा, तू कार्तिकेय सुत जननी है। ताड़कासुर बध संकल्प लिये, माँ तू संतन[...]
जीवित्पुत्रिका व्रतजीवित्पुत्रिका व्रत
जीवित्पुत्रिका व्रत माता निर्जल व्रत करे, सुखी रहे संतान। महाकाल को पूजती, जो लेते संज्ञान।। एक दिवस उपवास का, कोटि[...]
राष्ट्रीय हिंदी दिवस – दोहेराष्ट्रीय हिंदी दिवस – दोहे
राष्ट्रीय हिंदी दिवस – दोहे भाषा मधुरिम सरल सी, जन-मानस की चाह। रस अलंकार से युक्त है, रखती शब्द अथाह।।०१।।[...]
हिंदी है अस्मिता हमारी -प्रदीप छंद गीत – राम किशोर पाठकहिंदी है अस्मिता हमारी -प्रदीप छंद गीत – राम किशोर पाठक
हिंदी है अस्मिता हमारी -प्रदीप छंद गीत मन के भावों को करती जो, सरल सहज गुणगान है। हिंदी है अस्मिता[...]
जीवित्पुत्रिका व्रत -रुचिकाजीवित्पुत्रिका व्रत -रुचिका
जीवित्पुत्रिका व्रत सन्तान के सुख की कामना कर कर रही है माँ साधना चौबीस घण्टे का निर्जला उपवास कर कर[...]
हुई उत्पत्ति है हिंदी की – गीत – राम किशोर पाठकहुई उत्पत्ति है हिंदी की – गीत – राम किशोर पाठक
हुई उत्पत्ति है हिंदी की – गीत शौरसेनी अपभ्रंश जिसे, अपनी तनुजा माने। हुई उत्पत्ति है हिंदी की, सुरवाणी से[...]
