उमर हमर नौनिहाल यौ – मनु कुमारी बाबूजी कियै करैछी हमर बाल विवाह यौ। उमर हमर नौनिहाल यौ ना।। ई अछि खेलय पढैय केर दिन। हम नय रहब अम्मा केर…
Category: बालगीत
बचपन
बचपन ना ही किसी की फिक्र है, ना ही किसी का जिक्र हैं, करते हरदम अपने मन की, यही उमर हैं बचपन की। तुरंत रूठना तुरंत मान जाना, लड़ना झगड़ना…
मेरी पोषण वाली थाली – अवधेश कुमार
माँ ने सजाये थाली में अनोखे रंग , पोषण थाली अब करेगी कुपोषण से जंग । मोटे अनाज देंगे हमें बल, गेहूँ, चावल भरें संबल। दाल हमें दे प्रोटीन प्यारा,…
बाल गीत, रामपाल प्रसाद सिंह
बाल गीत मैं तो माॅंग सकूॅंगा बचपन। आकर कोई पूछे हमसे,जो चाहो मैं दे दूॅंगा। मैं तो माॅंग सकूॅंगा बचपन,और नहीं कुछ भी लूॅंगा।। इतनी दुनिया गंदी होगी, मुझको ना…
एक छोटी चिड़िया – नीतू रानी
एक छोटी चिड़िया, तिनका लेके आई। एक- एक तिनके से , सुंदर घोंसला बनाई। घोंसले में दी चार छोटे अंडे, उस अंडे पर बैठ उसे गरमाई। बड़ा हुआ अंडा फूटा…
आओ गीत खुशी के गाएँ- अमरनाथ त्रिवेदी
चलो झूम के नाचें गाएँ , मिल जुलकर हम खुशी मनाएँ। हम प्यारे बच्चे कितने अच्छे, जितने नील गगन के तारे सच्चे। सच्ची बात हम ही हैं करते, नहीं तनिक…
मेरी नानी – मनु कुमारी
कितनी प्यारी मेरी नानी रोज सुनाती हमें कहानी। परीलोक की सैर कराती, बात -बात में हमें हँसाती। मम्मी जब भी डाँट लगाती, नानी आकर हमें बचाती। मीठी-मीठी बातें कहतीं,…
बच्चों का अंदाज- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
आने वाले समय की,उसको न चिंता होती, हमेशा वो हर पल, रहता बिंदास है। आँखों में बसा के चित्र, सबको बनाए मित्र, अपना ही हमजोली, आता उसे रास है। मलाई…
सुनो कहानी – मीरा सिंह “मीरा”
आयी है फिर रात सुहानी। आओ हम सब सुने कहानी।। एक समय की बात पुरानी दादी कहती रोज कहानी। परी नाम की एक परी थी हाथ लिए वह एक छड़ी…
दाँत दर्द – नीतू रानी
मैंने मानी पापा की बात, जो दाँत दर्द से पाई निजात। बहुत जोड़ से उठा दाँतों में दर्द लगता था जाएँगे अब हम मर, खाए हम अपने मन से दवा…