खेलोगे कूदोगे होगे खराब। पढ़ोगे लिखोगे होगे नबाब। अब यह बात पुरानी है। लिखनी नयी कहानी है। अब खेलों की[...]
Category: बालगीत
फूल बनूँ- अमरनाथ त्रिवेदीफूल बनूँ- अमरनाथ त्रिवेदी
फूल बनूँ ; काँटें न बनूँ , सबके मन का मीत बनूँ । रगड़ा नही किसी जन से हो ,[...]
बच्चे की कामना -सुधीर कुमारबच्चे की कामना -सुधीर कुमार
नहीं चाहिए टॉफी,बिस्कुट , नई किताबें ला दो पापा । खेतों में अब काम छुड़ाकर , पढ़ने मुझे भिजा दो[...]
चहक -अशोक कुमारचहक -अशोक कुमार
चहक उठे सब बच्चे, जैसे चिड़िया चहकती। नित्य विद्यालय जाना, जैसे मन मचलता।। खेल खेल में शिक्षा, हमें आनंदित करे।[...]
बेटी धन अनमोल-कुमकुम कुमारीबेटी धन अनमोल-कुमकुम कुमारी
बेटी धन अनमोल मेरे जन्म से पापा क्यों डरते हो, मुख अपना मलिन क्यों करते हो? बेटी हूँ कोई अभिशाप[...]
मोबाइल – सुधीर कुमारमोबाइल – सुधीर कुमार
मोबाइल ध्यान सदा भटकाया देखो , बच्चों का मोबाइल । पढ़ाई लिखाई दोनों छुड़़वाया , सबका यह मोबाइल । होम[...]
बकरी का बच्चा-नीतू रानीबकरी का बच्चा-नीतू रानी
बकरी का बच्चा नदी किनारे बकरी का बच्चा चरने निकला घास, अगल -बगल से आ रही थी कुछ कुत्तों की[...]
पीहु रानी – नीतू रानीपीहु रानी – नीतू रानी
पीहु रानी मेरी प्यारी पीहु रानी, मीठी है तुम्हारी वाणी। चुपके से मेरे रुम में घुसकर, मेकअप का सब समान[...]
जंगल में मंगल-मधु कुमारीजंगल में मंगल-मधु कुमारी
जंगल में मंगल संग हरियाली के जी ले पल दो पल करती सरिता जहाँ पगपग कलकल मनहर सी छटा छाई[...]
बालमन-प्रियंका दुबेबालमन-प्रियंका दुबे
बालमन कल्पनाओं के अंबुज में गोते लगाता बालमन, भरना चाहता है सदैव उन्मुक्तता की उड़ान, अंगीकार कर लेना चाहता है[...]
