बाल गीत मैं तो माॅंग सकूॅंगा बचपन। आकर कोई पूछे हमसे,जो चाहो मैं दे दूॅंगा। मैं तो माॅंग सकूॅंगा बचपन,और[...]
Category: बालगीत
एक छोटी चिड़िया – नीतू रानीएक छोटी चिड़िया – नीतू रानी
एक छोटी चिड़िया, तिनका लेके आई। एक- एक तिनके से , सुंदर घोंसला बनाई। घोंसले में दी चार छोटे अंडे,[...]
आओ गीत खुशी के गाएँ- अमरनाथ त्रिवेदीआओ गीत खुशी के गाएँ- अमरनाथ त्रिवेदी
चलो झूम के नाचें गाएँ , मिल जुलकर हम खुशी मनाएँ। हम प्यारे बच्चे कितने अच्छे, जितने नील गगन के[...]
मेरी नानी – मनु कुमारीमेरी नानी – मनु कुमारी
कितनी प्यारी मेरी नानी रोज सुनाती हमें कहानी। परीलोक की सैर कराती, बात -बात में हमें हँसाती। मम्मी जब[...]
बच्चों का अंदाज- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’बच्चों का अंदाज- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
आने वाले समय की,उसको न चिंता होती, हमेशा वो हर पल, रहता बिंदास है। आँखों में बसा के चित्र, सबको[...]
सुनो कहानी – मीरा सिंह “मीरा”सुनो कहानी – मीरा सिंह “मीरा”
आयी है फिर रात सुहानी। आओ हम सब सुने कहानी।। एक समय की बात पुरानी दादी कहती रोज कहानी। परी[...]
दाँत दर्द – नीतू रानीदाँत दर्द – नीतू रानी
मैंने मानी पापा की बात, जो दाँत दर्द से पाई निजात। बहुत जोड़ से उठा दाँतों में दर्द लगता था[...]
ओ सूरज चाचू – अवनीश कुमारओ सूरज चाचू – अवनीश कुमार
ओ सूरज चाचू! थोड़ा गुस्सा कम दिखाओ ना थोड़ा गुस्सा कम दिखाओ ना ओ काले बादल भैया! खूब बारिश बरसाओं[...]
बचपन की शरारतें – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’बचपन की शरारतें – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
जब कोई फल भाता, दूर से नज़र आता, छिप कर बागानों से, टिकोले को तोड़ता। गाँव की हीं महिलाएँ, कुएँ[...]
जलहरण घनाक्षरी छंद – जैनेन्द्र प्रसाद “रवि’जलहरण घनाक्षरी छंद – जैनेन्द्र प्रसाद “रवि’
प्रभाती पुष्प जलहरण घनाक्षरी छंद हमेशा मगन रहें ईष्ट का भजन करें, वृथा नहीं नष्ट करें, समय को पल भर।[...]
