सफल बनो- मनमोहन छंद प्यारे बच्चों, बनो सफल, श्रम से होते, सभी सबल, रुकों नहीं तुम, चलो निकल, श्रेष्ठ सीख[...]
Category: बाल कविता
मेरे गाँव की नदिया – संस्कृति चौधरीमेरे गाँव की नदिया – संस्कृति चौधरी
गिरती है पर्वत से नदिया, मेरे गाँव से बहकर जाती है बारिश में नदिया इठलाती है, हम बच्चों को खुश[...]
मेरी मुन्नी- बाल कविता- राम किशोर पाठकमेरी मुन्नी- बाल कविता- राम किशोर पाठक
मेरी मुन्नी सुबह खिड़की जब खोली माई, सूरज की किरणें थी आई। मुन्नी आँखें खोल न पाई, मईया ने आवाज[...]
फल, फूल, सब्जी- नीतू रानी निवेदिताफल, फूल, सब्जी- नीतू रानी निवेदिता
फल, फूल, सब्जी, खाइए भरपूर जी। चीनी, तेल, घी, खाने से पहले मुँह को लें सी। ज्यादा न खाओ चावल[...]
मुन्नी रोज आती स्कूलमुन्नी रोज आती स्कूल
बाल कविता। मुन्नी रोज आती स्कूल, लेकिन आज रास्ता गई भूल। रास्ते में बैठकर रो रही थी, आँसू से मुख[...]
बाल कविता – पेंसिल – राम किशोर पाठकबाल कविता – पेंसिल – राम किशोर पाठक
पेंसिल की है बात निराली, चलती है यह काली काली। अब तो रंग बिरंगी है आती, बच्चों का मन खूब[...]
नई सुबह – डॉ स्वराक्षी स्वरानई सुबह – डॉ स्वराक्षी स्वरा
जागो जागो हुई सुबह फिर से आई नई सुबह चिड़ियां गाए फूल खिले है मुस्काई नई सुबह….।। उठकर प्रभु को[...]
मन करता मैं भी कुछ गाऊँ- अमरनाथ त्रिवेदीमन करता मैं भी कुछ गाऊँ- अमरनाथ त्रिवेदी
जीवन खुशियों से जब भरता, मन करता मैं भी कुछ गाऊँ। जब शीतल मंद सुगंध हवा हो, खुशियों के संग[...]
दिन-रात- रामकिशोर पाठकदिन-रात- रामकिशोर पाठक
हम बच्चों के मन में आती तरह तरह की है बातें। गुरुवर हमें बता दो इतना क्यों होती हैं दिन[...]
पढ़ने को स्कूल चलें हम- अमरनाथ त्रिवेदीपढ़ने को स्कूल चलें हम- अमरनाथ त्रिवेदी
नित पढ़ने को स्कूल चलें हम, किसी बात पर नहीं लड़ें हम। जीवन में खुशियाँ भरने को, नित बस्ता लें[...]
