लिए खिलौने हाथ में, खेलने को हम सब बेकरार। पापा निकले घर से, हम सब हुए फरार। देख उनकी त्योरी,[...]
Category: बाल कविता
नन्हे बच्चे – प्रियंका कुमारीनन्हे बच्चे – प्रियंका कुमारी
नन्हे बच्चे मन के सच्चे लगते हैं वे कितने अच्छे है तोतली उनकी वाणी सदा ही करते हैं मनमानी।[...]
प्यारे-न्यारे चंदा मामा- अमरनाथ त्रिवेदीप्यारे-न्यारे चंदा मामा- अमरनाथ त्रिवेदी
चंदा मामा चंदा मामा, लगते कितने प्यारे हो। अनगिनत तारों के संग तू , लगते शीतल न्यारे हो। तुममें जो[...]
बीज की चाह- मेराज रजाबीज की चाह- मेराज रजा
दाना हूँ मैं नन्हा-मुन्ना, मिट्टी में हूँ गड़ा-गड़ा! कैसी होगी दुनिया बाहर, सोच रहा हूँ पड़ा-पड़ा! मीठा-मीठा पानी पीकर,[...]
सूरज दादा – अमरनाथ त्रिवेदीसूरज दादा – अमरनाथ त्रिवेदी
सूरज दादा सूरज दादा, तुम प्रकाश फैलाते हो। गर्मी में तुम बड़े सवेरे आते, जाड़े में क्यों इतनी देर लगाते[...]
प्यारा-सा चाँद – भोला प्रसाद शर्माप्यारा-सा चाँद – भोला प्रसाद शर्मा
चमक रहा है आसमान में, प्यारा-सा चाँद, सितारों के संग खेल रहा है प्यारा-सा चाँद। चुपके-चुपके झाँक रहा है[...]
स्वच्छता हमारा मूलमंत्र – अमरनाथ त्रिवेदीस्वच्छता हमारा मूलमंत्र – अमरनाथ त्रिवेदी
स्वच्छता हमारा मूलमंत्र है, यह शरीर का मजबूत तंत्र है। सबसे यही अनुरोध करें हम, स्वच्छ रहने का यत्न करें[...]
दिवाली आज मनाएँगे- रामकिशोर पाठकदिवाली आज मनाएँगे- रामकिशोर पाठक
दादा जी फुलझड़ी चाहिए, जगमग वाली लड़ी चाहिए, हम भी दीप जलाएँगे, दिवाली आज मनाएँगे। देखो पटाखे फूट रहे[...]
दीप जलाएँ- अमरनाथ त्रिवेदीदीप जलाएँ- अमरनाथ त्रिवेदी
मिलकर ऐसे दीप सजाएँ, हर कोने के तम को हर लें। सब मिलकर ऐसे दीप जलाएँ, हर खुशियों को [...]
प्यासा कौवा – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’प्यासा कौवा – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’
भीषण गर्मी का एक दिन था सूरज चमक रहा था सिर पर। गर्म हवा के झोंकों को, झाँक रही[...]
