छम छम करती वर्षा रानी, मूसलाधार गिराए पानी। बैठ गयी अब वो थककर, सूरज दादा आएँ निकलकर। संग में झोला[...]
Category: बाल कविता
शिक्षा का हम लें मशाल- अमरनाथ त्रिवेदीशिक्षा का हम लें मशाल- अमरनाथ त्रिवेदी
शिक्षा का हम लें मशाल, कदम मिलाकर रक्खें चाल। शिक्षा के बिन मिलता नहीं ताल, ज्ञान ही लेता सबका हाल। पढ़ने से कभी[...]
अपने बोल में मिसरी घोलें- अमरनाथ त्रिवेदीअपने बोल में मिसरी घोलें- अमरनाथ त्रिवेदी
अपने बोल में मिसरी घोलें, सबके दिल के ताले खोलें। हम हैं बच्चे बहुत सयाने, मीठे बोल के बहुत दीवाने। हर मुश्किल में[...]
बहती शीतल मंद बयार- अमरनाथ त्रिवेदीबहती शीतल मंद बयार- अमरनाथ त्रिवेदी
देखो मौसम यह कैसा आया है, सर्द हवा संग लाया है। प्रकृति के अनमोल पलों में, जीवन का राग सुनाया[...]
सर्द हवा- रामकिशोर पाठकसर्द हवा- रामकिशोर पाठक
कुहासा बाहर गहरा है सर्द हवा का पहरा है। कुछ नहीं पड़ती है दिखाई बच्चों तुम न करो ढिठाई[...]
आओ सीखें – रामकिशोर पाठकआओ सीखें – रामकिशोर पाठक
आओ बच्चों पढ़ना सीखें जीवन रंग बदलना सीखें। अक्षर अक्षर गढ़ना सीखें शब्दों के अर्थ समझना सीखें। मिलजुल कर[...]
पुस्तक – देवकांत मिश्र ‘दिव्य’पुस्तक – देवकांत मिश्र ‘दिव्य’
आओ बच्चों पुस्तक पढ़ लें। नई-नई बातों को गढ़ लें।। पुस्तक तो है ज्ञान-खजाना। करें न कोई और बहाना।। नये-नये[...]
हम सब हैं भारत के बच्चे – अमरनाथ त्रिवेदीहम सब हैं भारत के बच्चे – अमरनाथ त्रिवेदी
लेकर हम सब प्रभु का नाम, सदा करें ही अच्छे काम। खेल-खेल में नहीं लड़ेंगे, बात-बात में नहीं झगड़ेंगे।[...]
चाँद सलोना- रामकिशोर पाठकचाँद सलोना- रामकिशोर पाठक
लगता बड़ा सलोना चॉंद जैसे कोई खिलौना चॉंद। मन को मेरे भाता यह पर बड़ा इठलाता यह। दिखता नहीं[...]
बालपन के अनमोल पल – अमरनाथ त्रिवेदीबालपन के अनमोल पल – अमरनाथ त्रिवेदी
पढ़ने को नहीं दिल है करता, पर पढ़ना बहुत जरूरी है। सब हैं मुझसे आस लगाए, पर खेलना भी मजबूरी[...]
