Category: बाल कविता

नन्हे बच्चे – प्रियंका कुमारीनन्हे बच्चे – प्रियंका कुमारी

0 Comments 2:00 pm

  नन्हे बच्चे मन के सच्चे लगते हैं वे कितने अच्छे है तोतली उनकी वाणी सदा ही करते हैं मनमानी।[...]

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Amarnath Trivedi

प्यारे-न्यारे चंदा मामा- अमरनाथ त्रिवेदीप्यारे-न्यारे चंदा मामा- अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 7:31 pm

चंदा मामा चंदा  मामा, लगते कितने प्यारे हो। अनगिनत तारों के संग तू , लगते शीतल न्यारे हो। तुममें जो[...]

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बीज की चाह- मेराज रजाबीज की चाह- मेराज रजा

0 Comments 3:58 pm

  दाना हूँ मैं नन्हा-मुन्ना, मिट्टी में हूँ गड़ा-गड़ा! कैसी होगी दुनिया बाहर, सोच रहा हूँ पड़ा-पड़ा! मीठा-मीठा पानी पीकर,[...]

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Amarnath Trivedi

सूरज दादा – अमरनाथ त्रिवेदीसूरज दादा – अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 8:10 am

सूरज दादा   सूरज दादा, तुम प्रकाश फैलाते हो। गर्मी में तुम बड़े सवेरे आते, जाड़े  में  क्यों इतनी  देर  लगाते[...]

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Bhola

प्यारा-सा चाँद – भोला प्रसाद शर्माप्यारा-सा चाँद – भोला प्रसाद शर्मा

0 Comments 8:51 pm

  चमक रहा है आसमान में, प्यारा-सा चाँद, सितारों के संग खेल रहा है प्यारा-सा चाँद। चुपके-चुपके झाँक रहा है[...]

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Amarnath Trivedi

स्वच्छता हमारा मूलमंत्र – अमरनाथ त्रिवेदीस्वच्छता हमारा मूलमंत्र – अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 9:36 pm

स्वच्छता  हमारा  मूलमंत्र है, यह शरीर का मजबूत तंत्र है। सबसे  यही अनुरोध  करें हम, स्वच्छ रहने का यत्न करें[...]

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ram किशोर

दिवाली आज मनाएँगे- रामकिशोर पाठकदिवाली आज मनाएँगे- रामकिशोर पाठक

0 Comments 11:04 am

  दादा जी फुलझड़ी चाहिए, जगमग वाली लड़ी चाहिए, हम भी दीप जलाएँगे, दिवाली आज मनाएँगे। देखो पटाखे फूट रहे[...]

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Amarnath Trivedi

दीप जलाएँ- अमरनाथ त्रिवेदीदीप जलाएँ- अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 10:48 pm

मिलकर  ऐसे  दीप   सजाएँ, हर कोने  के  तम  को  हर  लें। सब  मिलकर  ऐसे   दीप जलाएँ, हर  खुशियों  को [...]

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प्यासा कौवा – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’प्यासा कौवा – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’

0 Comments 8:38 pm

  भीषण गर्मी का एक दिन था सूरज चमक रहा था सिर पर। गर्म हवा के झोंकों को, झाँक रही[...]

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तितली रानी – देवकांत मिश्र ‘दिव्य’तितली रानी – देवकांत मिश्र ‘दिव्य’

0 Comments 8:29 pm

तितली रानी! तितली रानी! लगती हो तुम बड़ी सयानी।। रख लो तुम आँखों में पानी, नहीं करो अब तुम मनमानी।।[...]

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