हिंदी हिन्द की आवाज, प्राकृत, पाली, संस्कृत से क्रमशः निःसृत, भारतीयता की पहचान हिंदी। भारतेंदु से पंत तक, महादेवी से भावपूरित, निराला के अंनत तक, दिनकर की ओज…
Category: शैक्षणिक
हिंदी हैं हम – आशीष कुमार पाठक
हिंदी हैं हम हिंदी हमारी वेदना हिंदी हमारी गान हिंदी हमारी आत्मा यह देश की हर तोतली आवाज हिंदी हमारी जान हमारी आन बान और शान मातृभूमि पर मर…
भारत के मंत्रिमंडल – उषा कुमारी
हमारे देश का नाम है भारत, इसकी बहुत पुरानी कहानी। नई दिल्ली है भारत की राजधानी।। जुकाम जब कभी आए, हमेशा करे रुमाल का उपयोग करें ना अपने नाक को…
स्कूल कितना जरूरी है – अमृता कुमारी
स्कूल कितना जरूरी है! यह स्वतंत्र हंसी ये आंखों की चमक बता रही है कि… लड़कियों के लिए स्कूल कितना जरूरी है! अपने सपनों को एक दूसरे से कहकर…
एक पौधा लगाऊंगा – राम बाबू राम
एक पौधा लगाऊंगा एक पौधा लगाऊंगा, उसमें रोज पानी डालूंगा। जंगल-झाड़ काटकर, साफ-सुथरा रखूंगा, जब पौधा बड़ा हो जाए, उसके छांव में बैठूंगा। फिर झूला झूलूंगा, फल तोड़ घर…
हिंदी: सुर वाणी की जाया- राम किशोर पाठक
हिंदी, सुर वाणी की जाया- किशोर छंद सुर वाणी की जाया कहिए, हिंदी को। भूल रहे सब क्यों है गहिए, हिंदी को।। हृदय भाव में फिर से भरिए, हिंदी को।…
हिंदी मेरी भाषा
“हिंदी मेरी भाषा ” हिंदी मेरी भाषा है, हिन्दी मेरी आशा है। हिंदी का उत्थान करना, यही मेरी जिज्ञासा है। हिंदी की बोली अनमोल, एक शब्द के की विलोम।…
स्कूल कितना जरूरी है!
शीर्षक – स्कूल कितना जरूरी है! यह स्वतंत्र हंसी ये आंखों की चमक बता रही है कि.. लड़कियों के लिए स्कूल कितना जरूरी है! अपने सपनों को एक दूसरे…
बस मेरे सामने – विजय शंकर ठाकुर
बस !मेरे सामने …………। बस !मेरे सामने……….।बैठे हैं, उनींद आंखों में सपने लिए,एकटक निहारते काले श्यामपट्ट,तलाशते हुए भविष्य के रास्ते।बस ! मेरे सामने…………।कलम लिए नाज़ुक,दुर्बल हाथों में,धीमे स्वर में बुदबुदाते…
शिक्षक का अर्थ-विवेक कुमार
शिक्षक समाज के होते दर्पण, शिक्षा का वो करते अर्पण, बच्चों को देते हैं ज्ञान, शिखर पर पहुंँचना उनका काम, कच्ची मिट्टी से घड़ा बनाते, तपाकर उसे मूल्यवान बनाते, शिल्पकार…