Category: संदेश

Amarnath Trivedi

पर्व संक्रांति पावन अनमोल- अमरनाथ त्रिवेदीपर्व संक्रांति पावन अनमोल- अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 7:41 pm

  पावन  मकर संक्रांति का पर्व अनमोल, मास जनवरी  में यह  अमृत   घोल। सर्दी से बचने का यह पर्व अनुपम[...]

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Suresh Kumar gaurav

मकर संक्रांति – सुरेश कुमार गौरवमकर संक्रांति – सुरेश कुमार गौरव

0 Comments 2:50 pm

  सूरज की किरणें संग उमंग लाई, मकर संक्रांति ने खुशियाँ बरसाई। खिचड़ी की महक, तिल-गुड़ का मिठास, हर मन[...]

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Vivek Kumar

जागो उठो और आगे बढ़ो – विवेक कुमारजागो उठो और आगे बढ़ो – विवेक कुमार

0 Comments 8:05 pm

सृष्टि पर, यशस्वी कर्मठ, संत हुए एक महान, थी उनकी अलग पहचान। सरल सौम्यता, थी जिनकी शान, वो कोई और[...]

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युवाशक्ति का हो आगाज़ – आशीष अंबरयुवाशक्ति का हो आगाज़ – आशीष अंबर

0 Comments 5:08 pm

प्रखर युवा का जोशीला आगाज़ हो। बदलते तकनीक में भी नया अंदाज हो।। करुणा भरी नदी में विशाल जहाज़ हो।[...]

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एक योगी – स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या”एक योगी – स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या”

0 Comments 11:19 am

  एक योगी ! मानव को है जगाता, चेतना को है उठाता, विश्व के रण में उतरता, एक योगी ![...]

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Suresh Kumar gaurav

युवाशक्ति के प्रतीक स्वामी विवेकानंद- सुरेश कुमार गौरवयुवाशक्ति के प्रतीक स्वामी विवेकानंद- सुरेश कुमार गौरव

0 Comments 10:38 am

  हे स्वामी! जग में ज्ञानदीप आपने जलाया, हर हृदय में नवचेतना को खूब सजाया। कर्म का संदेश देकर विश्व[...]

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ram किशोर

हम हिन्दी के दिवाने हैं – रामकिशोर पाठकहम हिन्दी के दिवाने हैं – रामकिशोर पाठक

0 Comments 6:56 pm

  यह अंग्रेजी का जमाना है, हम हिन्दी के दिवाने हैं। होता समाज का नवीनीकरण, और हमारे ख्याल पुराने हैं।।[...]

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Amarnath Trivedi

हम सब हैं भारत के बच्चे – अमरनाथ त्रिवेदीहम सब हैं भारत के बच्चे – अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 7:07 pm

  लेकर हम सब प्रभु का नाम, सदा करें ही  अच्छे काम। खेल-खेल में नहीं लड़ेंगे, बात-बात में नहीं झगड़ेंगे।[...]

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Nitu Rani

छुआछूत- नीतू रानीछुआछूत- नीतू रानी

0 Comments 1:36 pm

भारत के ये वीर सपूत, जिसने मिटाया छुआछूत। रामजी मालोजी सकपाल के थे सुपुत्र भीमाबाई के थे चौदहवीं पुत्र। गरीब[...]

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दोहावली – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’दोहावली – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’

0 Comments 8:51 pm

पर्व दिवाली ज्योति का, करता तम का अंत। खुशियाँ बाँटें मिल सभी, कहते सब मुनि संत। कहती दीपों की अवलि,[...]

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