पावन मकर संक्रांति का पर्व अनमोल, मास जनवरी में यह अमृत घोल। सर्दी से बचने का यह पर्व अनुपम है, इसमें चूड़ा, दही औ लाई का दम है। पर्व…
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मकर संक्रांति – सुरेश कुमार गौरव
सूरज की किरणें संग उमंग लाई, मकर संक्रांति ने खुशियाँ बरसाई। खिचड़ी की महक, तिल-गुड़ का मिठास, हर मन को भाए यह त्यौहार खास।। गगन में उड़ते विविध पतंगों…
जागो उठो और आगे बढ़ो – विवेक कुमार
सृष्टि पर, यशस्वी कर्मठ, संत हुए एक महान, थी उनकी अलग पहचान। सरल सौम्यता, थी जिनकी शान, वो कोई और नहीं, विवेकानंद थे महान। अद्भुत तेज, धैर्य गुण सहेज, प्रतिभा…
युवाशक्ति का हो आगाज़ – आशीष अंबर
प्रखर युवा का जोशीला आगाज़ हो। बदलते तकनीक में भी नया अंदाज हो।। करुणा भरी नदी में विशाल जहाज़ हो। पौरुष ऐसा निर्भीक मानो सक्षम यमराज हो।। जिसमें हर बाधा…
एक योगी – स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या”
एक योगी ! मानव को है जगाता, चेतना को है उठाता, विश्व के रण में उतरता, एक योगी ! एक योगी ! उस शिकागो को बुलाता, भ्रातृत्व का संदेश…
युवाशक्ति के प्रतीक स्वामी विवेकानंद- सुरेश कुमार गौरव
हे स्वामी! जग में ज्ञानदीप आपने जलाया, हर हृदय में नवचेतना को खूब सजाया। कर्म का संदेश देकर विश्व को समझाया, योग का मर्म आपने जग में पहुँचाया।। शिकागो…
हम हिन्दी के दिवाने हैं – रामकिशोर पाठक
यह अंग्रेजी का जमाना है, हम हिन्दी के दिवाने हैं। होता समाज का नवीनीकरण, और हमारे ख्याल पुराने हैं।। हिन्दी की व्यथा से आज, हर कोई बनें अनजाने हैं।…
हम सब हैं भारत के बच्चे – अमरनाथ त्रिवेदी
लेकर हम सब प्रभु का नाम, सदा करें ही अच्छे काम। खेल-खेल में नहीं लड़ेंगे, बात-बात में नहीं झगड़ेंगे। हम सब हैं भारत के बच्चे, कहते जो करते सब…
छुआछूत- नीतू रानी
भारत के ये वीर सपूत, जिसने मिटाया छुआछूत। रामजी मालोजी सकपाल के थे सुपुत्र भीमाबाई के थे चौदहवीं पुत्र। गरीब परिवार में लिए अवतार, व्यक्तियों में बन गए सबसे खास।…
दोहावली – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’
पर्व दिवाली ज्योति का, करता तम का अंत। खुशियाँ बाँटें मिल सभी, कहते सब मुनि संत। कहती दीपों की अवलि, दूर करें अँधियार। दुख दीनों का दूर कर, लाएँ नव…