मोहन रंग लिए कर में छुपते छुपते जब दौड़ लगाए। धूल सभी अति हर्षित होकर माधव के तन से लिपटाए।। लाल गुलाल अबीर नहीं मकरंद सजा तन को चमकाए। दर्श…
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होली का रंग-कार्तिक कुमार
बच्चों, बुद्ध, महिला, पुरुष, युवती-युवक सब मिलें भरपूर। होली का रंग सबको भाए, प्रेम का संदेश जग में फैलाए। नन्हे बच्चे हँसते-गाते, पिचकारी से रंग बरसाते। युवक-युवती झूम-झूम गाएँ, मित्रों…
फाग में महका है हर अंग– राम किशोर पाठक
खिली जो कलियाँ ले नव रंग। फाग में महका है हर अंग।। देख कर फूलों का शृंगार। भ्रमर ने छेड़ा कोई तार।। प्रीत है गाता उसका गान। सुनी तो कलियाँ…
फाग-राम किशोर पाठक
हुआ है धूमिल सभी उमंग। फाग में कैसे खेलें रंग।। लगे हैं रोटी में श्रीमान। सदा हैं वे भी तो हलकान।। याद उनको भी आती रोज। रहे नित अवसर को…
वो होली का अंदाज़ कहाँ -अवनीश कुमार
अब वो फनकार कहाँ, अब वो रंगों का चटकार कहाँ, अब वो अल्हड़-सी शरारतें कहाँ, अब वो फाल्गुन का अंदाज़ कहाँ? अब वो ढोल-मंजीरा सजी शाम कहाँ, सजी महफ़िल में…
रंगोली होली – सुरेश कुमार गौरव
आसियाने रंगे जाए तो जगमग मनती दीपावली.. जब सब रंग से हो जाए सराबोर तो खिलती होली, घर में ‘दीपक’ जलाते तो प्रकाश मय दीपावली.. जब चौराहे में अग्नि जलाएं…
होली – संजय कुमार
कुसुम किसलय खिलते हैं कुंञ्ज उपवन वाग में कोकिल मधुर कूकते हैं आम्र मंजर वाग में आग लगते हैं पलाश के फाग के ही मास में हवा मादकता लिए झूमते…
होली अंक – एस.के.पूनम
मचाया है हुडदंग, मर्यादा को किया भंग, भूल गया शालीनता,वाह भाई होली है। मदिरा पी झूम रहा, फटेहाल घूम रहा, नैयनो में नींद नहीं,खा ली भांग गोली है। छुप गई…
होलिका जलाएं – मीरा सिंह “मीरा “
चलो आज होलिका जलाएं होली का त्योहार मनाएं नहीं दिखे अब कहीं बुराई मन से मन को आज मिलाएं।। घर घर में खुशहाली आए चलो आज होलिका —- रौशन रौशन…
माँ बिन कौन सुनेगी हमारी –
माँ माँ बिन कौन सुनेंगी हमारी माँ बिन———–२। कतहूंँ से आबि तो माँ लग बैठके सुख- दुख मांँ को सुनाती, दुख में दुखी सुख में खुश होके माँ थी मुझे…