आजादी – महाचण्डिका छंद गीत – राम किशोर पाठक

आजादी – महाचण्डिका छंद गीत इसका अपना अर्थ है, सबको यह समझाइए। आजादी के मूल्य को, जरा समझने आइए।। सहते अत्याचार थे, ऐसा अपना देश था। जानवरों सा हाल था,…

भोला तुम बिन न कोई सहारे – अमरनाथ त्रिवेदी

भोला तुम बिन न कोई सहारे जग  में प्रभु तेरा   नाम है भोला  , तुम  जग  के   हो     रखवारे। भक्त  तुम्हारे  सुमिरन   करते , भोला तुम बिन न कोई सहारे…

हरि भजे शिव शंभु महेश्वरम् – राम किशोर पाठक

हरि भजे शिव शंभु महेश्वरम् भजेऽहम् पद पंकज सुंदरम्। हरि भजे शिव शंभु महेश्वरम्।। त्रिविध ताप निवारण जायते। शरण शंभु मनोहर भायते। आदि अनादि सौम्य सुरेश्वरम्। हरि भजे शिव शंभु…

प्रभु हम तुम्हें भुला न पाएँ – अमरनाथ त्रिवेदी

प्रभु हम तुम्हें भुला न पाएँ सारी    उमरिया   जीवन   की , प्रभुजी  यूँ  ही  बीत   न जाए , कण कण में प्रभु आप बिराजें , प्रभु   हम  तुम्हें भुला   न …

हे रामभक्त अंजनी नंदन- अमरनाथ त्रिवेदी

हे रामभक्त अंजनी नंदन हे रामभक्त   अंजनी  नंदन । हे अमित बल के तू निधान । तुम्हीं   तो   दुखहर्त्ता  हो । तुम्हीं तो पालनकर्त्ता हो ।। तुम सब पापों…

घट-घट वासी शिव संन्यासी – सरसी छंद गीत – राम किशोर पाठक

घट-घट वासी शिव संन्यासी – सरसी छंद गीत बैठे हैं भस्म लगा कैलाशी, करते बेड़ा पार। घट-घट वासी शिव संन्यासी, महिमा अपरम्पार।। महाकाल शंकर विश्वंभर, हर लेते हैं शोक। शरणागत…

नमामि शंभु- राम किशोर पाठक

नमामि शंभु कृपालु शंकर आदि सुरेशा। नमामि शंभु महिषं महेशा।। त्रिलोचनाय कालं करालं। रूपं अनूपं तव चंद्र भालं।। जटा- जूटधारी हरणं क्लेशा। नमामि शंभु महिषं महेशा।। ओमकार रूपं निराकार रूपं।…

नमन पिता को कीजिए – विधा दोहा – राम किशोर पाठक

नमन पिता को कीजिए- दोहा छंद कहें जनक पालक उन्हें, जिन चरणों में धाम। पिता वचन का मान रख, वनगामी श्रीराम।।०१।। कदम बढ़ाना अंक दे, जिसका है शुभ काम। नमन…