Category: Bhakti

For the attainment of God in the world, for the welfare of the person, one has to do spiritual practice for salvation. For this, Bhakti is the best. Therefore, devotion to God and having prayer and meditation is called Bhakti.

Ram Kishor Pathak

गणपति वंदना – राम किशोर पाठकगणपति वंदना – राम किशोर पाठक

0 Comments 10:08 am

महामंगला छंद हे गणपति गजवदन, तुम्हें नवाऊँ शीश। देव पूज्य तुम प्रथम, कृपा करो जगदीश।। गिरिजा नंदन नमन, तुमको बारंबार।[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

गुरुद्वार-मैं जाऊंगी बार-बार – नीतू रानीगुरुद्वार-मैं जाऊंगी बार-बार – नीतू रानी

0 Comments 10:56 am

विषय -गुरुद्वार।शीर्षक -मैं जाउँगी बार -बार। मेरा सबकुछ है गुरुद्वार,मैं जाउंँगी बार- बार। मेरे माता-पिता गुरु हैंमेरे बंधु सखा गुरु,मेरे[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

मां भवानी – रामपाल प्रसाद सिंह अनजानमां भवानी – रामपाल प्रसाद सिंह अनजान

0 Comments 3:52 pm

पद्धरी छंदसम -मात्रिक छंद, 16 मात्राएँआरंभ द्विकल से,पदांत Slअनिवार्य। प्रकट सिद्धिदात्री दिव्य भाल।आभासी अतिविकट विकराल।।पूर्ण कर अभ्यागत के आस।भर दें[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Ram Kishor Pathak

माता से विनय – राम किशोर पाठकमाता से विनय – राम किशोर पाठक

0 Comments 11:48 am

माता से विनय- चौपाई छंद सुन लो माता विनय हमारी।तेरी महिमा न्यारी – न्यारी।।दुष्टों का संहार किया है ।भक्तों का[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Ram Kishor Pathak

नमन तुम्हें है विधाता – राम किशोर पाठकनमन तुम्हें है विधाता – राम किशोर पाठक

0 Comments 5:37 pm

श्याम समवर्णिक छंद नमन तुम्हें है विधाता।सबल हमें जो बनाता।।अगर तुम्हें रास आता।सहज बने सर्व ज्ञाता।। हम-सब अज्ञान पाले।मगन सभी[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

हे मां देवी – रामपाल प्रसाद सिंह अनजानहे मां देवी – रामपाल प्रसाद सिंह अनजान

0 Comments 4:41 pm

दंडक छंद6,11,15,10 हे माॅं देवी,कल्याणी पापहरणी,तेरी जय हो महागौरी,कर अघ का धावन। जले दीप,-धर्म द्वार दिन-रात,भजन कीर्तन करे प्रसन्न,स्नेहिल मन[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Ram Kishor Pathak

कन्या वंदन – राम किशोर पाठककन्या वंदन – राम किशोर पाठक

0 Comments 2:40 pm

माता घर-घर में आती है, धर कन्या का रूप।पाठ पढ़ाती शक्ति बोध का, उसके हर स्वरूप।।शैलसुता सी किलकारी दे, घर[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Jainendra

माता की आराधना – जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’माता की आराधना – जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’

0 Comments 9:32 am

दुर्गा मांँ के मंदिर में, जलता अखंड ज्योति, आओ सब मिल करें, माता की आराधना। नैवेद्य कर्पूर धूप, चंदन अक्षत[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

मां भवानी – अमरनाथ त्रिवेदीमां भवानी – अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 2:45 pm

शक्ति की  अधिष्ठात्री देवीदुर्गा नाम से प्रख्यात हैं ।होती इनकी नौ रूपों की पूजा ,यह पावन पर्व बड़ा विख्यात है[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें