पद्धरी छंदसम -मात्रिक छंद, 16 मात्राएँआरंभ द्विकल से,पदांत Slअनिवार्य। प्रकट सिद्धिदात्री दिव्य भाल।आभासी अतिविकट विकराल।।पूर्ण कर अभ्यागत के आस।भर दें[...]
Category: Bhakti
For the attainment of God in the world, for the welfare of the person, one has to do spiritual practice for salvation. For this, Bhakti is the best. Therefore, devotion to God and having prayer and meditation is called Bhakti.
माता से विनय – राम किशोर पाठकमाता से विनय – राम किशोर पाठक
माता से विनय- चौपाई छंद सुन लो माता विनय हमारी।तेरी महिमा न्यारी – न्यारी।।दुष्टों का संहार किया है ।भक्तों का[...]
नरतन का – नीतू रानीनरतन का – नीतू रानी
प्रभु भजन। तूने रच के बनाया भगवानपाँच तत्व से नरतन का—२। नैन दियो हरि दर्शन करन कोमुख दियो कर गुणगान,पाँच[...]
नमन तुम्हें है विधाता – राम किशोर पाठकनमन तुम्हें है विधाता – राम किशोर पाठक
श्याम समवर्णिक छंद नमन तुम्हें है विधाता।सबल हमें जो बनाता।।अगर तुम्हें रास आता।सहज बने सर्व ज्ञाता।। हम-सब अज्ञान पाले।मगन सभी[...]
हे मां देवी – रामपाल प्रसाद सिंह अनजानहे मां देवी – रामपाल प्रसाद सिंह अनजान
दंडक छंद6,11,15,10 हे माॅं देवी,कल्याणी पापहरणी,तेरी जय हो महागौरी,कर अघ का धावन। जले दीप,-धर्म द्वार दिन-रात,भजन कीर्तन करे प्रसन्न,स्नेहिल मन[...]
कन्या वंदन – राम किशोर पाठककन्या वंदन – राम किशोर पाठक
माता घर-घर में आती है, धर कन्या का रूप।पाठ पढ़ाती शक्ति बोध का, उसके हर स्वरूप।।शैलसुता सी किलकारी दे, घर[...]
माता की आराधना – जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’माता की आराधना – जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’
दुर्गा मांँ के मंदिर में, जलता अखंड ज्योति, आओ सब मिल करें, माता की आराधना। नैवेद्य कर्पूर धूप, चंदन अक्षत[...]
मां भवानी – अमरनाथ त्रिवेदीमां भवानी – अमरनाथ त्रिवेदी
शक्ति की अधिष्ठात्री देवीदुर्गा नाम से प्रख्यात हैं ।होती इनकी नौ रूपों की पूजा ,यह पावन पर्व बड़ा विख्यात है[...]
माता रानी – जैनेन्द्र प्रसाद रविमाता रानी – जैनेन्द्र प्रसाद रवि
माता रानी का भजनआंचलिक भाषा में तोहर माथे में मुकुट गले हार सोहे ला,माई दसों हाथ तोहर हथियार सोहे ला।कर[...]
हे मां तू सुन – स्नेहलता द्विवेदीहे मां तू सुन – स्नेहलता द्विवेदी
हे माँ तू सुन हे कालरात्रि महामाया सुन, हे जगदम्बे महाकाली सुन। तेरी महिमा जग कल्याणी, सब दुख है हरने[...]
