Category: Bhakti

For the attainment of God in the world, for the welfare of the person, one has to do spiritual practice for salvation. For this, Bhakti is the best. Therefore, devotion to God and having prayer and meditation is called Bhakti.

आजादी – महाचण्डिका छंद गीत – राम किशोर पाठकआजादी – महाचण्डिका छंद गीत – राम किशोर पाठक

0 Comments 7:02 pm

आजादी – महाचण्डिका छंद गीत इसका अपना अर्थ है, सबको यह समझाइए। आजादी के मूल्य को, जरा समझने आइए।। सहते[...]

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Amarnath Trivedi

भोला तुम बिन न कोई सहारे – अमरनाथ त्रिवेदीभोला तुम बिन न कोई सहारे – अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 5:57 am

भोला तुम बिन न कोई सहारे जग  में प्रभु तेरा   नाम है भोला  , तुम  जग  के   हो     रखवारे। भक्त [...]

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हरि भजे शिव शंभु महेश्वरम् – राम किशोर पाठकहरि भजे शिव शंभु महेश्वरम् – राम किशोर पाठक

0 Comments 10:51 am

हरि भजे शिव शंभु महेश्वरम् भजेऽहम् पद पंकज सुंदरम्। हरि भजे शिव शंभु महेश्वरम्।। त्रिविध ताप निवारण जायते। शरण शंभु[...]

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Amarnath Trivedi

प्रभु हम तुम्हें भुला न पाएँ – अमरनाथ त्रिवेदीप्रभु हम तुम्हें भुला न पाएँ – अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 9:44 pm

प्रभु हम तुम्हें भुला न पाएँ सारी    उमरिया   जीवन   की , प्रभुजी  यूँ  ही  बीत   न जाए , कण कण[...]

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Amarnath Trivedi

हे रामभक्त अंजनी नंदन- अमरनाथ त्रिवेदीहे रामभक्त अंजनी नंदन- अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 4:45 am

हे रामभक्त अंजनी नंदन हे रामभक्त   अंजनी  नंदन । हे अमित बल के तू निधान । तुम्हीं   तो   दुखहर्त्ता [...]

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घट-घट वासी शिव संन्यासी – सरसी छंद गीत – राम किशोर पाठकघट-घट वासी शिव संन्यासी – सरसी छंद गीत – राम किशोर पाठक

0 Comments 4:42 am

घट-घट वासी शिव संन्यासी – सरसी छंद गीत बैठे हैं भस्म लगा कैलाशी, करते बेड़ा पार। घट-घट वासी शिव संन्यासी,[...]

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नमामि शंभु- राम किशोर पाठकनमामि शंभु- राम किशोर पाठक

0 Comments 10:37 pm

नमामि शंभु कृपालु शंकर आदि सुरेशा। नमामि शंभु महिषं महेशा।। त्रिलोचनाय कालं करालं। रूपं अनूपं तव चंद्र भालं।। जटा- जूटधारी[...]

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Amarnath Trivedi

तू हीं जग के मालिक – अमरनाथ त्रिवेदीतू हीं जग के मालिक – अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 5:48 pm

तू ही जग के मालिक तू  ही  जग के नैया , तुम्हीं    हो   खेवैया । तुम्हीं जग के मालिक ,[...]

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नमन पिता को कीजिए – विधा दोहा – राम किशोर पाठकनमन पिता को कीजिए – विधा दोहा – राम किशोर पाठक

0 Comments 9:59 pm

नमन पिता को कीजिए- दोहा छंद कहें जनक पालक उन्हें, जिन चरणों में धाम। पिता वचन का मान रख, वनगामी[...]

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