Category: Bhakti

For the attainment of God in the world, for the welfare of the person, one has to do spiritual practice for salvation. For this, Bhakti is the best. Therefore, devotion to God and having prayer and meditation is called Bhakti.

Girindra Mohan Jha

श्रीकृष्ण जन्म- गिरीन्द्र मोहन झाश्रीकृष्ण जन्म- गिरीन्द्र मोहन झा

0 Comments 8:41 pm

शूरसेन के पुत्र थे महामना वसुदेव, शरीर से थे वे मानव, गुणों से वे देव, उनकी पहली आदरणीया भार्या रोहिणी,[...]

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Madhu

गीता ज्ञान- मधु कुमारीगीता ज्ञान- मधु कुमारी

0 Comments 8:21 pm

रणभूमि में धनुष त्याग रथ के पीछे बैठ गए अर्जुन। भगवान बोले नपुंसकता को त्याग युद्ध के लिए खड़ा हो[...]

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Deepa verma

जग का पालनहार कन्हैया – दीपा वर्माजग का पालनहार कन्हैया – दीपा वर्मा

0 Comments 7:25 pm

धीरे आते माखनचोर, खाते माखन, मटकी फोड़। खुश हो आती, मैया दौड़, घबराती, बैंया मरोड़। छुप के आँसू भी बहाए,[...]

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ram किशोर

बच्चे और श्रीकृष्ण – रामकिशोर पाठकबच्चे और श्रीकृष्ण – रामकिशोर पाठक

0 Comments 3:08 pm

  कहते हैं लोग हैं कान्हा नहीं। मैं हूॅं कहता, तूने पहचाना नहीं।। कृष्ण जैसे यशोदा को थें लाडले, तू[...]

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Amarnath Trivedi

पालक रक्षक प्रभु श्रीकृष्ण- अमरनाथ त्रिवेदीपालक रक्षक प्रभु श्रीकृष्ण- अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 1:41 pm

तुम गीता के उपदेशक जग में, तुम नंद के राज दुलारे हो। तुम द्वारकाधीश बने प्रभु , तुम वसुदेव पुत्र[...]

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Jainendra

मनहरण घनाक्षरी- जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’मनहरण घनाक्षरी- जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’

0 Comments 7:52 pm

सिर घुँघराले लट, तन पीतांबर पट, बहुत है नटखट, साँवरा साँवरिया। मंत्र मुक्त होता कवि, जाता बलिहारी रवि, मन को[...]

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Kumkum

वन गमन – कुमकुम कुमारी “काव्याकृतिवन गमन – कुमकुम कुमारी “काव्याकृति

0 Comments 3:03 pm

वन गमन (तंत्री छंद) जनक दुलारी, हे सुकुमारी, कैसे तुम,वन को जाओगी। पंथ कटीले,अहि जहरीले, कैसे तुम,रैन बिताओगी।। सुन प्रिय[...]

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Jainendra Prasad Ravi

प्रभु की महानता – जैनेंद्र प्रसाद रविप्रभु की महानता – जैनेंद्र प्रसाद रवि

0 Comments 7:39 pm

पहाड़ों में हरियाली, मेहंदी फूलों में लाली, कलियों में सुगंध है प्रभु की महानता। चीनी की मिठास में हैं,भोजन व[...]

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S K punam

वट सावित्री – एस.के.पूनमवट सावित्री – एस.के.पूनम

0 Comments 8:53 pm

त्याग की मूर्ति है नारी, खुशियाँ देती हैं सारी, दिलाती है पहचान,सब कुछ त्याग कर। मायका को छोड़ आती तन,मन,धन,लाती,[...]

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