विद्या:- मनहरण घनाक्षरी छंद छठ व्रती आस रख, मन में विश्वास रख, खुद निराहार रह, करते हैं खरना। शाम-सुबह सूर्य[...]
Category: Bhakti
For the attainment of God in the world, for the welfare of the person, one has to do spiritual practice for salvation. For this, Bhakti is the best. Therefore, devotion to God and having prayer and meditation is called Bhakti.
प्रेम-दीप – रंजीत कुशवाहाप्रेम-दीप – रंजीत कुशवाहा
चलो प्रेम के दीप जलाएं। भेदभाव को दूर भगाएं। ****** मानव में क्यों द्वेष आज है। खंडित होता क्यों समाज[...]
प्रकाशोत्सव – जैनेन्द्र प्रसाद रविप्रकाशोत्सव – जैनेन्द्र प्रसाद रवि
चहुओर दीवाली में छतों और दीवारों पे, करती हैं जगमग, बल्बों की ये लड़ियांँ। कोई उपहार लाते मिठाई मलाई खाते,[...]
विघ्नेश बुलाइए – एस.के.पूनमविघ्नेश बुलाइए – एस.के.पूनम
🙏ऊँ कृष्णाय नमः🙏 विधा-मनहरण (विघ्नेश बुलाइए) संसार में है अंधेरा, चहुंदिशा में बखेरा, निकले हैं समाधान,दीप को जलाइए। हिया बसे[...]
वो दीपक हैं मैं बाती – मनु रमण चेतनावो दीपक हैं मैं बाती – मनु रमण चेतना
सदा सुहागन का वर मांगू, हे प्रभु विनती कर तुमसे। रखना सलामत मेरे पिया को,भक्ति करूं तेरी तन मन से।[...]
रूपघनाक्षरी – एस.के.पूनमरूपघनाक्षरी – एस.के.पूनम
भानु खड़ा द्वार पर, घूँघट उठाती निशा, शीत का आगाज हुआ,ओढ़ ले कंबल आज। सुबह पत्तियाँ करे, तुहिन से श्रृंगार[...]
करवाचौथ गीत – नीतू रानी “निवेदिताकरवाचौथ गीत – नीतू रानी “निवेदिता
पिया यौ अहाॅ॑ लएअ करै छी करवाचौथ त्योहार यौ , भैर दिन राएख केअ उपवास यौ ना। एक दिन पहिले[...]
रावण-एक अपराजित योद्धा – संजय कुमाररावण-एक अपराजित योद्धा – संजय कुमार
उसे घमंड था कि,मैं हूँ अपराजेय हूँ त्रिलोक विजेता। दिग,दिगंत है हमारी मुट्ठी में, पर भूल रहा था वो। अपराजित[...]
विजयादशमी राज – एस.के.पूनमविजयादशमी राज – एस.के.पूनम
🙏कृष्णाय नमः🙏 विधा:-रूपघनाक्षरी (विजयादशमी राज) दस दिन श्रमदान, चहुँओर मिला मान, सम्मान का अधिकार,पाकर करता नाज। सत्ता पाने का संघर्ष,[...]
मुक्तहस्त स्नान दान – एस.के.पूनममुक्तहस्त स्नान दान – एस.के.पूनम
🙏कृष्णाय नमः🙏 विधा:-रूपघनाक्षरी विषय:-(मुक्तहस्त स्नान दान) बीता है ग्रहणकाल, सुतक का अंत हुआ, सरिता के तट पर,करते हैं योगी ध्यान।[...]
