Category: Bhakti

For the attainment of God in the world, for the welfare of the person, one has to do spiritual practice for salvation. For this, Bhakti is the best. Therefore, devotion to God and having prayer and meditation is called Bhakti.

Jainendra

नीलकंठ पक्षी – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’नीलकंठ पक्षी – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 10:23 am

विजयादशमी पर्व का महिमा महान है, नीलकंठ चिड़िया का, शुभ होता है दर्शन। सुबह से शाम तक पक्षी का दीदार[...]

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Snehlata

भवानी सुन – स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या ‘भवानी सुन – स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या ‘

0 Comments 8:37 am

ममतामयी मातु भवानी सुन, आद्या जननी तू सदगति दे। इहलोक में जगदम्बा सुन ले, भावप्रीता मुझे शरणागति दे। ममतामयी मातु[...]

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Jainendra

अष्टमी का महाव्रत – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’अष्टमी का महाव्रत – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 9:28 am

भारत में नर-नारी समूल संकट हारी, श्रद्धा पूर्वक रखते, अष्टमी का उपवास। गृहस्थ हो याकि संत, भक्ति भाव में हो[...]

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Sanjay Kumar

माता की महिमा – संजय कुमारमाता की महिमा – संजय कुमार

0 Comments 9:27 am

माता की महिमा माता की महिमा अपरंपार करती हैं अपनी भक्तों का उद्धार। जो भी इनकी शरण मे आया दुःख[...]

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S K punam

प्रभु सुन लें पुकार- एस.के.पूनमप्रभु सुन लें पुकार- एस.के.पूनम

0 Comments 9:23 am

🙏कृष्णाय नमः🙏 विधा:-रूपघनाक्षरी (प्रभु सुन लें पुकार) रात है अमावस्या की, प्रकाश है खद्योतों से, हृदय में ध्यान कर,सूर्य प्रभा[...]

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Snehlata

मुझे भी तू चुन ले – स्नेहलता द्विवेदी ’आर्या’मुझे भी तू चुन ले – स्नेहलता द्विवेदी ’आर्या’

0 Comments 7:01 pm

जगत मां तू सुन ले मुझे भी तो चुन ले, शरण तेरे आई खड़ी हूं यूं कब से। तू सबसे[...]

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Manu Raman Chetna

विनती सुनो हमार – मनु रमण “चेतना”विनती सुनो हमार – मनु रमण “चेतना”

0 Comments 7:37 pm

जय -जय अम्बे,जय जगदम्बे, सुन लो अरज हमार। सकल जगत की तू हो माता , विनती सुनो हमार। तू हो[...]

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Jainendra

माता की आराधना – जैनेन्द्र प्रसाद रविमाता की आराधना – जैनेन्द्र प्रसाद रवि

0 Comments 7:35 pm

प्रभाती पुष्प 🌹🙏🌹🙏🌹🙏 माता की आराधना आश्विन पावन मास, मंगल दिवस खास, भक्त जन करते हैं माता की आराधना। शरण[...]

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S K punam

दुर्गार्चना – एस.के.पूनमदुर्गार्चना – एस.के.पूनम

0 Comments 7:24 pm

🙏कृष्णाय नमः🙏 विधा:-रुप घनाक्षरी विषय:-दुर्गार्चना/नवरात्रि विराजीं हैं घर-घर, प्रफुल्लित तन-मन, थाल सजी दीप जले,अब आरती उतार। मिष्ठान का भोग लगे,[...]

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S K punam

मनहरण घनाक्षरी – एस.के.पूनममनहरण घनाक्षरी – एस.के.पूनम

0 Comments 8:40 pm

🙏कृष्णाय नमः🙏 विधा:-मनहरण घनाक्षरी बिखरे गुलाब पुष्प, आईं सिंहवासिनी माँ, पथ को बुहारते ही,आप सदा रहिए। सोलह श्रृंगार कर, बैठी[...]

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