Category: Bhakti

For the attainment of God in the world, for the welfare of the person, one has to do spiritual practice for salvation. For this, Bhakti is the best. Therefore, devotion to God and having prayer and meditation is called Bhakti.

Nitu Rani

मांँ भगवती – नीतू रानीमांँ भगवती – नीतू रानी

0 Comments 8:33 pm

विषय -नवरात्र शीर्षक -मांँ भगवती माँ हाथी चढ़ी नवरात्र में एली जेती मुर्गा चढ़ी भगवती। माँ हंँसती खल -खल दाँत[...]

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Sanjay Kumar

बंधन प्रीत के – संजय कुमारबंधन प्रीत के – संजय कुमार

0 Comments 9:39 pm

आपसे ही बंधी,मेरे जीवन की हर डोर आपसे ही पिया सांझ है,आपसे ही भोर। आप ही मेरे,मनमंदिर के अप्रतिम देव,[...]

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S K punam

ईश्वर की लीला जान – एस.के.पूनमईश्वर की लीला जान – एस.के.पूनम

0 Comments 9:37 pm

खींची रेखा किस्मत की, बर्षों की थी इंतजार, कोसों दूर आन मिली,ईश्वर की लीला जान। माँग है सिंदूरी लाल, बिंदिया[...]

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Devkant

प्रेरणा गीत: सीखो – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’प्रेरणा गीत: सीखो – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’

0 Comments 9:35 pm

प्रतिदिन अपनी माँ से सीखो करुणा को बरसाना। प्रेम-भाव से सिक्त हृदय में सौम्य सुमन महकाना।। अनुशासन चींटी बतलाती गुण[...]

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देव गजानन – मीरा सिंह “मीरा”देव गजानन – मीरा सिंह “मीरा”

0 Comments 9:33 pm

आओ घर में देव गजानन करके वाहन मूस सवारी। तेरे दर्शन को आतुर है इस दुनिया में सब नर नारी।।[...]

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Jainendra

हरितालिका तीज – जैनेन्द्र प्रसाद रविहरितालिका तीज – जैनेन्द्र प्रसाद रवि

0 Comments 9:32 pm

सुहागिन महिलाएं अपने पति के लिए, दीर्घायु जीवन हेतु, रखतीं हैं उपवास। मन-कर्म वचन से करती हैं उपासना, माँगती दुआएँ[...]

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Jainendra

गणेश चतुर्थी – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’गणेश चतुर्थी – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 9:30 pm

बिगड़ी बनाने हेतु सभी तेरे द्वार आते, श्रद्धा पूर्वक भक्तों के, वंदना में झुके माथ। नारियल फल-फूल मोदक चंदन लिए,[...]

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S K punam

वंदना में झुके माथ – एस.के.पूनमवंदना में झुके माथ – एस.के.पूनम

0 Comments 9:28 pm

पार्वती के प्रिय पुत्र, एकदंत गणपति, आगवन घर-घर,लाए हैं आनंद साथ। मंदिरों के पट खुले, फूल माला खूब चढ़े, कुंज-कुंज[...]

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Kumkum

आयो कृष्ण कन्हाई – कुमकुम कुमारी ‘काव्याकृति”आयो कृष्ण कन्हाई – कुमकुम कुमारी ‘काव्याकृति”

1 Comment 6:53 pm

भाद्रपद कृष्ण अष्टमी को, देवकीनंदन जन्म लिए हैं। कारागार के बंधन टूटे, द्वारपाल सब औंधे पड़े हैं। लेकर टोकरी में[...]

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S K punam

हम भारती के लाल – एस.के.पूनमहम भारती के लाल – एस.के.पूनम

1 Comment 8:54 pm

राष्ट्र के सपूत हम, मिट्टी पर गढ़ा नाम, सदा से वचनबद्ध,शत्रुओं का बनूं काल। तिरंगे को ओढ़कर, चल पड़े प्रभु[...]

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