Category: Bhawna

Arvind Mishra Niraj

“सप्तमं कालरात्रीति” – अरविंद मिश्र “नीरज”“सप्तमं कालरात्रीति” – अरविंद मिश्र “नीरज”

0 Comments 7:54 pm

“सप्तमं कालरात्रीति” – अरविंद मिश्र “नीरज” गुज गुज अन्हार सन रूप विकराल केने, मृत्युकेँ परास्त केने काल बेतहास केने। गर्धव[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Rakesh Kumar

दस सिरों का रावण – राकेश कुमारदस सिरों का रावण – राकेश कुमार

0 Comments 7:49 pm

दस सिरों का रावण – राकेश कुमार दशहरा आया, शंख बजाओ, गूँजे जय-जयकार, मन के रावण को भी मारो, यही[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Dharmendra Kumar Thakur

पथ और प्रत्याशा – धर्मेंद्र कुमार ठाकुरपथ और प्रत्याशा – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर

0 Comments 7:41 pm

पथ और प्रत्याशा – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर आयु बीत रही है निरंतर, पर जीवन की यात्रा अभी शेष है, जो[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Dharmendra Kumar Thakur

स्वावलंबी :- धर्मेंद्र कुमार ठाकुर स्वावलंबी :- धर्मेंद्र कुमार ठाकुर 

0 Comments 10:12 pm

स्वावलंबी :- धर्मेंद्र कुमार ठाकुर    जब भी था कठिनता का घेरा, मैंने हर गिरते को उठाया। उनके दर्दों को[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

आगमन से विदाई तक — उमेश कुमार सिन्हा ‘निर्देशक ‘आगमन से विदाई तक — उमेश कुमार सिन्हा ‘निर्देशक ‘

0 Comments 9:57 pm

शीर्षक :- आगमन से विदाई तक — उमेश कुमार सिन्हा ‘निर्देशक ‘   माँ दुर्गा के संग लक्ष्मी, सरस्वती भी[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

दुर्गा स्वरुपिणी बिटिया रानी :- बेबी अर्चना दुर्गा स्वरुपिणी बिटिया रानी :- बेबी अर्चना 

0 Comments 9:34 pm

दुर्गा स्वरुपिणी बिटिया रानी :- बेबी अर्चना    हे दुर्गास्वरूपिणी मेरी बिटिया रानी आओ सुनाऊँ तुझे मैं एक कहानी नन्हें[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Dharmendra Kumar Thakur

मौन और अनुभव :- धर्मेन्द्र कुमार ठाकुरमौन और अनुभव :- धर्मेन्द्र कुमार ठाकुर

0 Comments 8:48 pm

मौन और अनुभव :- धर्मेन्द्र कुमार ठाकुर चलो अब जाने भी दो क्या करोगे कथा सुनकर, ये चोट जो गहरी[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Dharmendra Kumar Thakur

हम है कर्जदार – धर्मेंद्र कुमार ठाकुरहम है कर्जदार – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर

0 Comments 10:58 pm

हम है कर्जदार – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर हम है कर्जदार हाँ, हम कर्जदार हैं… गुनाहगार नहीं, बस जिम्मेदारियों के बीमार[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

हे स्त्री आप साधारण नहीं होहे स्त्री आप साधारण नहीं हो

0 Comments 6:08 pm

॥ हे स्त्री! आप साधारण नहीं हो ॥ – गौरव कुमार तिवारी हे स्त्री! आप साधारण नहीं हो, माँ भवानी[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

नवदुर्गा की हुंकार- चंद्रकांत कुमारनवदुर्गा की हुंकार- चंद्रकांत कुमार

0 Comments 6:06 pm

शीर्षक: “नवदुर्गा की हुंकार” उठो तेजस्वी…! अपने जीवन में हुंकार भरो, नवयुग के जीवन का निर्माण करो, माँ दुर्गा के[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें