Category: Bhawna

Umesh kumar sinha

मन का चुनाव (राम या रावण)- उमेश कुमार सिन्हा मन का चुनाव (राम या रावण)- उमेश कुमार सिन्हा 

0 Comments 9:24 pm

मन का चुनाव (राम या रावण)- उमेश कुमार सिन्हा  मन में उठते दो विकल्प हैं—एक सद्गुण, एक दुर्गुण छाया, मनुष्य[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

विश्वास और घाव – धर्मेंद्र कुमार ठाकुरविश्वास और घाव – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर

0 Comments 9:18 pm

विश्वास और घाव – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर कमी किसी ने भी नहीं छोड़ी, हमें आजमाने में, शेष कुछ न रहा[...]

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Dhiraj Kumar

मन का रावण कब मारोगे?- धीरज कुमारमन का रावण कब मारोगे?- धीरज कुमार

0 Comments 12:29 pm

वो रावण था, क्योंकि वसुधा को शापित कर अधिकार किया। गंधर्व, यक्ष पर क्या कहना, देवों पर अत्याचार किया। वो[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

स्वयं की खोज – धर्मेंद्र कुमार ठाकुरस्वयं की खोज – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर

0 Comments 11:30 pm

स्वयं की खोज – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर जो मैं कभी था ही नहीं… कभी क्षमा नहीं करूँगा मैं उन चेहरों[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

सागर का संदेश – धर्मेंद्र कुमार ठाकुरसागर का संदेश – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर

0 Comments 3:29 pm

सागर का संदेश – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर अथाह मन का मीत यहाँ पर, यह जग सारा खारा है, सीने में[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

नाम कहो या संज्ञा – धर्मेंद्र कुमार ठाकुरनाम कहो या संज्ञा – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर

0 Comments 3:26 pm

नाम कहो या संज्ञा – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर संज्ञा (Noun) परिभाषा काव्य: जो बतलाए नाम को, वस्तु, जीव या स्थान।[...]

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Bebi Archana

मातृशक्ति – बेबी अर्चनामातृशक्ति – बेबी अर्चना

0 Comments 3:22 pm

मातृशक्ति – बेबी अर्चना हे मातृशक्ति अब जाग भी जाओ, कर निज-अस्तित्व की तू पहचान। बन सबला कर निज पथ-[...]

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Manu Raman Chetna

मनु के दोहे – मनु कुमारीमनु के दोहे – मनु कुमारी

0 Comments 3:14 pm

मनु के दोहे – मनु कुमारी दुर्गा है जगतारिणी, जग उनकी संतान। चाहो तुम उद्धार तो, कर माता का ध्यान।।[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

अटल विश्वास – धर्मेंद्र कुमार ठाकुरअटल विश्वास – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर

0 Comments 8:28 pm

अटल विश्वास – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर टूटे हैं स्वप्न कई, पर आँखों में अभी अंगार बाकी है, हालात के बंधनों[...]

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ENJAL KUMARI

नारी : सम्मान या आडंबर? – एंजल कुमारीनारी : सम्मान या आडंबर? – एंजल कुमारी

0 Comments 8:16 pm

नारी : सम्मान या आडंबर? – एंजल कुमारी मंदिर में पूजे देवी को, बाहर डालते कुदृष्टि, क्यों करते नारी का[...]

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