मौसम – रास छंद गीत२२२२,२२२२,२११२ मौसम भाए, ऋतुपति आए, प्रीत गहे।खुशी मनाते, सब इठलाते, झूम रहे।। कुसुम खिले हैं, गंध[...]
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अनुकरण से सीखना – मनु कुमारीअनुकरण से सीखना – मनु कुमारी
अनुकरण से सीखना बोलने से पहले बच्चे,आँखों से पढ़ना सीखते हैं।कहने से पहले दुनिया को,करके देखना सीखते हैं। जो देखा,[...]
जातिवाद तो कोढ़ है – राम किशोर पाठकजातिवाद तो कोढ़ है – राम किशोर पाठक
जातिवाद तो कोढ़ है- दोहा छंद गीत बना दिया शासन जिसे, लाइलाज सा रोग।जातिवाद तो कोढ़ है, कहते ज्ञानी लोग।।[...]
ऋतुओं का स्कूल – आशीष अंबरऋतुओं का स्कूल – आशीष अंबर
पोस्टमैन है सूरज चाचा,डाक सुबह की लाता है ।द्वारा – द्वार किरणों की पाती ,ठीक समय पहुँचाता है । चुन[...]
श्रम की महिमा – आशीष अंबरश्रम की महिमा – आशीष अंबर
श्रम से हर मंजिल होती आसान,श्रम से ही तो मानव बनें महान । श्रम से जो भी है नाता रखता,जीवन[...]
मां भारती के साधक – मनु कुमारीमां भारती के साधक – मनु कुमारी
माँ भारती का साधक : माखनलाल चतुर्वेदी कलम नहीं थी उनकी केवल,ज्वाला थी अंगार बनी।शब्दों में राष्ट्र धड़कता था,भारत माँ[...]
मैं संविधान हूं – आंचल शरणमैं संविधान हूं – आंचल शरण
“मैं संविधान हूं” मैं भारत का संविधान हूं,महज़ एक किताब नहीं,गहन करो तो अधिकार हूंमैं भारत का संविधान हूं।इसमें केवल[...]
गीत गाते सभी हैं-राम किशोर पाठकगीत गाते सभी हैं-राम किशोर पाठक
झूमो गाओ, मिल-जुल सभी, प्रीत पाते सभी हैं। आओ प्यारे, जय-जय करें, गीत गाते सभी हैं।। आजादी है, समरस[...]
राष्ट्रीय बालिका दिवस – मनु कुमारीराष्ट्रीय बालिका दिवस – मनु कुमारी
आज मत पूछो,क्यों आई है बेटी—आज पूछो,कैसे बची है बेटी? गर्भ की देहरी परहर बार सवालों से जूझती,मौन की चादर[...]
गणतंत्र का जयघोष – मनु कुमारीगणतंत्र का जयघोष – मनु कुमारी
गणतंत्र का जयघोष छब्बीस जनवरी पुकार रही,उठो! इतिहास बुलाता है।यह दिन नहीं केवल तिथि कोई,जन-जन का स्वाभिमान जगाता है। जब[...]
