यह लेखनी चले निरंतर, तू कलम से प्यार कर, अक्षर-अक्षर, शब्द-शब्द से, एक नया विस्तार कर । अक्षर-अक्षर गूँथ जाएँ[...]
Category: Bhawna
कविताएं जन्म लेती हैं-मनु कुमारीकविताएं जन्म लेती हैं-मनु कुमारी
कविताएं जन्म लेती हैं – शब्द और भाव के अर्थपूर्ण मिलावट से, उन्मुक्त आकाश में उड़ते पक्षियों की चहचहाहट से।[...]
ईद-मनु कुमारीईद-मनु कुमारी
प्रेम की सौगात लेकर ईद है आई, हर आंगन और गली – गली में खुशियां छाई। नये – नये कपड़े[...]
राम वन से आ गये- राम किशोर पाठक राम वन से आ गये- राम किशोर पाठक
राम वन से आ गये। देवता बन भा गये।। सूचना से राष्ट्र में। हर्ष पूरे छा गये।। शोक चौदह साल[...]
मेरे भोले नाथ जी-राम किशोर पाठकमेरे भोले नाथ जी-राम किशोर पाठक
शिव शंभू अविनाशी, कहलाते जो कैलाशी, घट-घट के हैं वासी, पार्वती के साथ जी। बेलपत्र पर रीझे, भक्तों से कभी[...]
होली-कहमुकरी- राम किशोर पाठकहोली-कहमुकरी- राम किशोर पाठक
उसके आते नर्तन करती। मन में नव भावों को गढ़ती।। बहकाए वह मेरी बोली। क्या सखि? साजन! न सखी! होली।।०१।।[...]
रसधार है नारी-अर्जुन प्रभातरसधार है नारी-अर्जुन प्रभात
प्रकृति की कल्पना कोमल, मधुर रस धार है नारी। नहीं नर से कहीं कम ,सृष्टि का श्रृंगार है नारी ।।[...]
श्याम नारी वेश में-राम किशोर पाठकश्याम नारी वेश में-राम किशोर पाठक
श्याम नारी वेश में। पुष्प डाले केश में।। माथ पर डलिया लिए। कान की बलिया लिए।। हार कंगण संग में।[...]
कलह-मनु कुमारीकलह-मनु कुमारी
प्रेम से बनता स्वर्ग सा घर है,कलह से बिखरता संसार। कलह से अगर बचना है तो, नि:स्वार्थ प्रेम कर रिश्तों[...]
एक युग का विराम-संजीत कुमार निगम एक युग का विराम-संजीत कुमार निगम
आपने जो बिहार को दिया, रहेगा सदा कर्जदार बिहार दे रहे राज्यसभा के लिए बधाई आपने पर आपका CM पद[...]
