तुम पर्वतों के समान बनो, आँधियाँ भी मुड़कर लौट जायें तुम पर्वतों के समान अचल बनो, आँधियाँ भी स्पर्श[...]
Category: Bhawna
स्वस्थ होने का पैमाना क्या है? _ धर्मेंद्र कुमार ठाकुरस्वस्थ होने का पैमाना क्या है? _ धर्मेंद्र कुमार ठाकुर
स्वस्थ होने का पैमाना क्या है? यहाँ हर व्यक्ति बीमार है, दिखती हर सूरत बेज़ार है। भीड़ तो है इंसानों[...]
हम भारतवासी हैं स्वच्छता अपनाए – उमेश कुमार सिन्हा हम भारतवासी हैं स्वच्छता अपनाए – उमेश कुमार सिन्हा
हम भारतवासी हैं स्वच्छता अपनाए – उमेश कुमार सिन्हा हम भारतवासी हैं, स्वच्छता अपनाए आओ, भारत को स्वस्थ बनाएँ। अपने विद्यालय[...]
धरा का गौरव – धर्मेंद्र कुमार ठाकुरधरा का गौरव – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर
धरा का गौरव – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर इस धरा पर जनम लिया, ये सौभाग्य हमारा है, जिसकी गोदी में पला-बढ़ा,[...]
नवशक्ति-नूतन कुमारी नवशक्ति-नूतन कुमारी
हे दुर्गा ! हे चंडिके! हे महामाया! स्त्री रुप है तेरी ही छाया, तेरी नवशक्ति से दुनिया कायम, तूने यह[...]
वज्रतुंड – प्राकृतिक वरदान – धर्मेंद्र कुमार ठाकुरवज्रतुंड – प्राकृतिक वरदान – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर
वज्रतुंड (प्राकृतिक वरदान) – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर नभ की अनंत गहराइयों से, जो रखता धरती पर नज़र, कुदरत का अनुपम[...]
क्रोध का कुनबा – धर्मेंद्र कुमार ठाकुरक्रोध का कुनबा – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर
क्रोध का कुनबा – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर भीतर हमारे बैठा है, एक ऐसा परिवार, जो सुख-चैन को डस लेता, कर[...]
हम शिक्षक हैं, हाँ हम शिक्षक हैं! – मृत्युंजय कुमारहम शिक्षक हैं, हाँ हम शिक्षक हैं! – मृत्युंजय कुमार
हम शिक्षक हैं, हाँ हम शिक्षक हैं! – मृत्युंजय कुमार हम शिक्षक हैं, हाँ हम शिक्षक हैं, देश के नौनिहालों[...]
मेरी माँ – कुमारी मधुमेरी माँ – कुमारी मधु
मन के कोने में एक झनकार सी उभरती है, सूखती आंखें,कांपते होठ,फिर भी ममता मयी चेहरा लिए मुझे सुबह शाम[...]
भूख की हुंकार – धर्मेंद्र कुमार ठाकुरभूख की हुंकार – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर
भूख की हुंकार भूख उदर में जब आती है, रणचंडी-सा रूप दिखाती है, धमनियों में लहू उबलता है, नस-नस में[...]
