मेरी बेटियां! मेरी प्रतिरूप, मैं बसती हूं उनमें, अंतस्त बिल्कुल अंदर, आद्यो पांत सर्वांग, प्राण वायु की तरह। मेरी बेटियां![...]
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सुलक्षणा बेटी – मनु कुमारीसुलक्षणा बेटी – मनु कुमारी
खुशियों का संसार है बेटी , प्रेम का सुंदर उपहार है बेटी, बेटों को जो विनम्र बनाये, ममता,स्नेह व प्यार[...]
राष्ट्र कवि दिनकर – मनु कुमारीराष्ट्र कवि दिनकर – मनु कुमारी
साहित्य सरोवर में, खिला अद्भुत कमल! रामधारी सिंह दिनकर। बेगुसराय के गांव सिमरिया, जहां बसे मनरूप देवी और रवि भैया,[...]
प्यारी सी “सोना”- मनु कुमारीप्यारी सी “सोना”- मनु कुमारी
विद्यालय चल पड़ी है प्यारी सी “सोना”…. नई सखियों का साथ होगा और, खुशियों का झरना, पढेगी खूब मन से[...]
बेटी धन अनमोल-कुमकुम कुमारीबेटी धन अनमोल-कुमकुम कुमारी
बेटी धन अनमोल मेरे जन्म से पापा क्यों डरते हो, मुख अपना मलिन क्यों करते हो? बेटी हूँ कोई अभिशाप[...]
कर्मयोगी – कुमकुम कुमारी “काव्याकृति”कर्मयोगी – कुमकुम कुमारी “काव्याकृति”
जीवन में कुछ करना है तो, मन को मारे मत बैठो। बनकर दीन–हीन ऐ बंदे, हाथ पसारे मत बैठो। माना[...]
नव निर्माण – कुमकुम कुमारीनव निर्माण – कुमकुम कुमारी
युग है यह निर्माण का, नूतन अनुसंधान का। हम भी कुछ योगदान करें, अपना चरित्र निर्माण करें। प्रकृति ने है[...]
शिक्षक दिवस-गिरिधर कुमारशिक्षक दिवस-गिरिधर कुमार
स्वागत है शिक्षक दिवस का, शाश्वत और सत्य पथ का, आलोक का वह श्रोत है, सरल सहज विनीत है, गरिमामयी,[...]
एक श्रद्धांजलि-गिरिधर कुमारएक श्रद्धांजलि-गिरिधर कुमार
वह बरगद, वह बरगद की छांव… सभी के लिए स्वीकार मन में, सभी के लिए प्यार मन में, वह छांव[...]
रिश्तों की डोर बेजोड़-विवेक कुमाररिश्तों की डोर बेजोड़-विवेक कुमार
अटूट प्रेम की पक्की डोर, टूटे कभी न इसका जोड़, इस रिश्ते का न कोई तोड़, माथे तिलक, रोरी और[...]
