Category: Khushi

Ram Kishore Pathak

अंग-अंग प्रेम रंग-राम किशोर पाठकअंग-अंग प्रेम रंग-राम किशोर पाठक

0 Comments 7:18 pm

अंग-अंग प्रेम रंग। साँवरा बना विहंग।। राधिका उदास जान। छेड़ मंद-मंद तान।। सौम्य गीत प्रेम गान। कुंज ढूँढता निदान।। ध्यान[...]

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बसंत की बहार- मुन्नी कुमारीबसंत की बहार- मुन्नी कुमारी

0 Comments 10:58 pm

बसंत की बहार है, वर्षा की फुहार है। रंगों का त्योहार है, आया खुशियों का बौछार है। सूरज की किरणे[...]

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Nitu Rani

स्वर की देवी सरस्वती-नीतू रानीस्वर की देवी सरस्वती-नीतू रानी

0 Comments 11:38 am

कमल आसन पर बैसल छथि, स्वर की देवी सरस्वती। माँ हँस वाहिनी ज्ञान दायिनी, विद्या दायिनी सरस्वती। कमल आसन पर[...]

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मधुमास का श्रृंगार-मनु कुमारीमधुमास का श्रृंगार-मनु कुमारी

0 Comments 3:29 pm

मधुमास ने जब धीरे से आँचल फैलाया, वसंत ने धरती को दुल्हन-सा सजाया। सौंदर्य झुका पत्तों की हरित पलकों में,[...]

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ऋतुराज बसंत- रत्ना प्रियाऋतुराज बसंत- रत्ना प्रिया

0 Comments 4:35 pm

प्रकृति यौवन का रूप धार, करती नित्य-नूतन श्रृंगार, सौंदर्य शिखाओं में अनंत, चहुँ ओर खिला यह दिग-दिगंत, कण-कण में उल्लास[...]

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मकर संक्रांति-बैकुंठ बिहारीमकर संक्रांति-बैकुंठ बिहारी

0 Comments 1:26 pm

आया मकर संक्रांति का पर्व, जो बनाता संतुलन प्रकृति के साथ, संतुलन सूर्योपासना के साथ, संतुलन मानव जीवन के साथ।[...]

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Nitu Rani

नव वर्ष के एलै बहार – नीतू रानीनव वर्ष के एलै बहार – नीतू रानी

0 Comments 2:11 pm

नव वर्ष के एलै बहार बहार मेरी सखिया, नजदीक एलै पर्व त्योहार  त्योहार मेरी सखिया। नव वर्ष केअ —–२। तिला[...]

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धन्यवाद टीचर्स ऑफ बिहार – एम० एस० हुसैन “कैमूरी”धन्यवाद टीचर्स ऑफ बिहार – एम० एस० हुसैन “कैमूरी”

0 Comments 9:24 pm

है कोटि-कोटि धन्यवाद  ऐ टीचर्स ऑफ बिहार  तेरे बदौलत हीं सबका होता है सपना साकार  रचनाएं दब सी जाती थी[...]

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Ruchika

अक्टूबर – रुचिकाअक्टूबर – रुचिका

0 Comments 6:18 pm

देखो,कैसे आ गया अक्टूबर थोड़ी सी ठंडी हवा लेकर, थोड़ी सी सूरज की गर्मी चुराकर थोड़ी सी सूरज में नर्मी[...]

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