स्वर की देवी सरस्वती-नीतू रानी

कमल आसन पर बैसल छथि, स्वर की देवी सरस्वती। माँ हँस वाहिनी ज्ञान दायिनी, विद्या दायिनी सरस्वती। कमल आसन पर बैसल छथि, स्वर की देवी सरस्वती। मांँ स्वेत वस्त्र धारिनी…

मधुमास का श्रृंगार-मनु कुमारी

मधुमास ने जब धीरे से आँचल फैलाया, वसंत ने धरती को दुल्हन-सा सजाया। सौंदर्य झुका पत्तों की हरित पलकों में, लावण्य चमक उठा ,ओस की झिलमिल छलकों में। डाल-डाल पर…

ऋतुराज बसंत- रत्ना प्रिया

प्रकृति यौवन का रूप धार, करती नित्य-नूतन श्रृंगार, सौंदर्य शिखाओं में अनंत, चहुँ ओर खिला यह दिग-दिगंत, कण-कण में उल्लास छा गया । ऋतुराज बसंत है आ गया । पीत-वर्णी…

मकर संक्रांति-बैकुंठ बिहारी

आया मकर संक्रांति का पर्व, जो बनाता संतुलन प्रकृति के साथ, संतुलन सूर्योपासना के साथ, संतुलन मानव जीवन के साथ। आया मकर संक्रांति का पर्व, जो जाना जाता है विभिन्न…

नव वर्ष के एलै बहार – नीतू रानी

नव वर्ष के एलै बहार बहार मेरी सखिया, नजदीक एलै पर्व त्योहार  त्योहार मेरी सखिया। नव वर्ष केअ —–२। तिला संक्रांति एलै  महाशिवरात्रि एलै, एलै राष्ट्रीय त्योहार  त्योहार मेरी सखिया।…

धन्यवाद टीचर्स ऑफ बिहार – एम० एस० हुसैन “कैमूरी”

है कोटि-कोटि धन्यवाद  ऐ टीचर्स ऑफ बिहार  तेरे बदौलत हीं सबका होता है सपना साकार  रचनाएं दब सी जाती थी होता न था प्रचार प्रसार  लिखना शुरू मैंने किया  तुने…

अक्टूबर – रुचिका

देखो,कैसे आ गया अक्टूबर थोड़ी सी ठंडी हवा लेकर, थोड़ी सी सूरज की गर्मी चुराकर थोड़ी सी सूरज में नर्मी लाकर जैसे करने को आतुर है शीत का स्वागत देखो…

सबसे मधुर वाणी – मीरा सिंह “मीरा”

विश्व हिन्दी दिवस की हार्दिक शुभकामनाओं के साथ एक मौलिक, स्वरचित रचना प्रेषित है आओ बच्चों तुम्हें बताएं सबसे मधुर वाणी है कौन। सबके दिल पर करे हुकूमत सुनो बच्चों…