धरती की तू पताल रस से, विद्या का रसपान किया। बादल- बरसे और बिजली, चमकी फिर दरिया भी तूफान किया।।[...]
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बसंत बहार- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’बसंत बहार- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
घनाक्षरी छंद में (१) बागों में बहार आई, मन में उमंग छाई , भांति-भांति फूल देख, छूटे फुलझड़ियां। जहां भी[...]
जीने दो खुले मन से- संजय कुमारजीने दो खुले मन से- संजय कुमार
उन्हें उड़ने दो , नील गगन में । मादा रखते हैं जो उड़ने की , बांधो न उन्हें न दिखाओ[...]
मामा चले ससुराल -मीरा सिंह “मीरा”मामा चले ससुराल -मीरा सिंह “मीरा”
बंदर मामा चले ससुराल पहनकर सिर पर टोपी लाल। है उनके साले की शादी मामा पहने कुरता खादी।। साथ चली[...]
गुड़िया – अदिती भुषणगुड़िया – अदिती भुषण
आओ सब मिल खेले खेल मैं इक गुड़िया, बच्चों के मन को भाती सुंदरता मेरी प्यारी प्यारी मैं कई रूप[...]
बैगलेस सुरक्षित शनिवार -प्रीति कुमारीबैगलेस सुरक्षित शनिवार -प्रीति कुमारी
हम सबों का सपना हो रहा साकार, ढेरों खुशियां लेकर आया, बैगलेस सुरक्षित शनिवार । नाचेंगे गाएंगे,खेलेंगे कुदेंगे, मस्ती करेंगे[...]
बैग लेश शनिवार -मीरा सिंह “मीरा”बैग लेश शनिवार -मीरा सिंह “मीरा”
आया आया आया बैग लेश शनिवार। खुश हैं सारे बच्चे पाकर खुशियां अपार।। खेल खेल में सीखें हम बच्चे नवाचार।[...]
बस्ते से मुक्ति – पामिता कुमारीबस्ते से मुक्ति – पामिता कुमारी
चलो आज सांस आयी है , बस्ते के बोझ से आज मुक्ति पाई है। बस्ता मेरा भारी बहुत थक जाते[...]
बैगलेस शनिवार – संजय कुमार सिंहबैगलेस शनिवार – संजय कुमार सिंह
डिमिक डिमिक डम डिम डिम डम डिमिक डिमिक डम डिम डिम डम । सुन लो मम्मी,सुन लो पापा चाचा –[...]
बैगलेस – अशोक कुमारबैगलेस – अशोक कुमार
टी ओ बी ने रखा प्रस्ताव, सरकार ने किया स्वीकार| शनिवार अब बैगलेस होगा, रचनात्मक कार्यों से लैस होगा|| नई-नई[...]
