मधुमास ने जब धीरे से आँचल फैलाया, वसंत ने धरती को दुल्हन-सा सजाया। सौंदर्य झुका पत्तों की हरित पलकों में,[...]
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ऋतुराज बसंत- रत्ना प्रियाऋतुराज बसंत- रत्ना प्रिया
प्रकृति यौवन का रूप धार, करती नित्य-नूतन श्रृंगार, सौंदर्य शिखाओं में अनंत, चहुँ ओर खिला यह दिग-दिगंत, कण-कण में उल्लास[...]
मकर संक्रांति-बैकुंठ बिहारीमकर संक्रांति-बैकुंठ बिहारी
आया मकर संक्रांति का पर्व, जो बनाता संतुलन प्रकृति के साथ, संतुलन सूर्योपासना के साथ, संतुलन मानव जीवन के साथ।[...]
नव वर्ष के एलै बहार – नीतू रानीनव वर्ष के एलै बहार – नीतू रानी
नव वर्ष के एलै बहार बहार मेरी सखिया, नजदीक एलै पर्व त्योहार त्योहार मेरी सखिया। नव वर्ष केअ —–२। तिला[...]
धन्यवाद टीचर्स ऑफ बिहार – एम० एस० हुसैन “कैमूरी”धन्यवाद टीचर्स ऑफ बिहार – एम० एस० हुसैन “कैमूरी”
है कोटि-कोटि धन्यवाद ऐ टीचर्स ऑफ बिहार तेरे बदौलत हीं सबका होता है सपना साकार रचनाएं दब सी जाती थी[...]
अक्टूबर – रुचिकाअक्टूबर – रुचिका
देखो,कैसे आ गया अक्टूबर थोड़ी सी ठंडी हवा लेकर, थोड़ी सी सूरज की गर्मी चुराकर थोड़ी सी सूरज में नर्मी[...]
बारिश की बूंदे -बिंदु अग्रवालबारिश की बूंदे -बिंदु अग्रवाल
बारिश की बूंदे गिर रही हैं । यह उनकी नियति है। उन्हें गिरना है । उन्हें नहीं मालूम की अपना[...]
एक शिक्षक- पुष्पा प्रसादएक शिक्षक- पुष्पा प्रसाद
एक शिक्षक अपनी पूरी जिंदगी बच्चो के साथ बिताते हैं। खुद सड़क की तरह एक जगह रखते है पर विद्यार्थी[...]
सबसे मधुर वाणी – मीरा सिंह “मीरा”सबसे मधुर वाणी – मीरा सिंह “मीरा”
विश्व हिन्दी दिवस की हार्दिक शुभकामनाओं के साथ एक मौलिक, स्वरचित रचना प्रेषित है आओ बच्चों तुम्हें बताएं सबसे मधुर[...]
खुशियों की तलाश में- मीरा सिंह “मीरा”खुशियों की तलाश में- मीरा सिंह “मीरा”
नए साल की नयी सुबह नए सपने आंखों में सजाए नयी उम्मीदों की अंगुली थामे आंख मिचते आज पूरा पटना[...]
