बंदर मामा चले ससुराल पहनकर सिर पर टोपी लाल। है उनके साले की शादी मामा पहने कुरता खादी।। साथ चली उनकी बंदरिया सिरपर ओढे लाल चुनरिया। ठुमक ठुमक के पांव…
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गुड़िया – अदिती भुषण
आओ सब मिल खेले खेल मैं इक गुड़िया, बच्चों के मन को भाती सुंदरता मेरी प्यारी प्यारी मैं कई रूप रंगों में आती। तुम जैसा मुझे बनाओगे, वैसा मैं बन…
बैगलेस सुरक्षित शनिवार -प्रीति कुमारी
हम सबों का सपना हो रहा साकार, ढेरों खुशियां लेकर आया, बैगलेस सुरक्षित शनिवार । नाचेंगे गाएंगे,खेलेंगे कुदेंगे, मस्ती करेंगे दिन- भर, खेल खेल में शिक्षा पाकर आगे बढेंगे हर…
बैग लेश शनिवार -मीरा सिंह “मीरा”
आया आया आया बैग लेश शनिवार। खुश हैं सारे बच्चे पाकर खुशियां अपार।। खेल खेल में सीखें हम बच्चे नवाचार। सोनू मोनू रजिया हो जाओ सब तैयार।। खुशियां लाया हजार…
बस्ते से मुक्ति – पामिता कुमारी
चलो आज सांस आयी है , बस्ते के बोझ से आज मुक्ति पाई है। बस्ता मेरा भारी बहुत थक जाते थे हम कंधे मेरे दुख जाते थे थक जाता था…
बैगलेस शनिवार – संजय कुमार सिंह
डिमिक डिमिक डम डिम डिम डम डिमिक डिमिक डम डिम डिम डम । सुन लो मम्मी,सुन लो पापा चाचा – चाची तुम भी सुनो मौसा – मौसी, मामा – मामी…
बैगलेस – अशोक कुमार
टी ओ बी ने रखा प्रस्ताव, सरकार ने किया स्वीकार| शनिवार अब बैगलेस होगा, रचनात्मक कार्यों से लैस होगा|| नई-नई गतिविधियां होगी, नई ऊर्जा का होगा संचार| नई-नई कौशल सीखेंगे,…
बिन बस्ता – दीपा वर्मा
बच्चो की खुशी का ठिकाना नहीं है, बस्ता लेकर शनिवार को जाना नहीं है। पूरे हफ्ते इंतजार होगा इस दिन का , नाचना-गाना है, कोई मन से बीमार नहीं है।…
वो बचपन की यादे -दीपा वर्मा
वो प्यारा सा बचपन मेरा, वो मिट्टी के बरतन और कागज के नाव बनाना, कभी-कभी याद आ ही जाती है। आपस में लड़ना, फिर एक-दूजे को मनाना। वो छोटा सा…
दीप जले – अशोक कुमार
दीप जले दीप जले, घर आंगन दीप जले| चारों तरफ खुशियां है छाई, दीपों का त्योहार आई|| वीर सपूतों के याद मे, घर-घर दीप जलाएं| स्कूल हो या घर हो,…