बारिश की बूंदे गिर रही हैं । यह उनकी नियति है। उन्हें गिरना है । उन्हें नहीं मालूम की अपना[...]
Category: Khushi
एक शिक्षक- पुष्पा प्रसादएक शिक्षक- पुष्पा प्रसाद
एक शिक्षक अपनी पूरी जिंदगी बच्चो के साथ बिताते हैं। खुद सड़क की तरह एक जगह रखते है पर विद्यार्थी[...]
सबसे मधुर वाणी – मीरा सिंह “मीरा”सबसे मधुर वाणी – मीरा सिंह “मीरा”
विश्व हिन्दी दिवस की हार्दिक शुभकामनाओं के साथ एक मौलिक, स्वरचित रचना प्रेषित है आओ बच्चों तुम्हें बताएं सबसे मधुर[...]
खुशियों की तलाश में- मीरा सिंह “मीरा”खुशियों की तलाश में- मीरा सिंह “मीरा”
नए साल की नयी सुबह नए सपने आंखों में सजाए नयी उम्मीदों की अंगुली थामे आंख मिचते आज पूरा पटना[...]
बधाई हो -जयकृष्णा पासवानबधाई हो -जयकृष्णा पासवान
धरती की तू पताल रस से, विद्या का रसपान किया। बादल- बरसे और बिजली, चमकी फिर दरिया भी तूफान किया।।[...]
बसंत बहार- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’बसंत बहार- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
घनाक्षरी छंद में (१) बागों में बहार आई, मन में उमंग छाई , भांति-भांति फूल देख, छूटे फुलझड़ियां। जहां भी[...]
जीने दो खुले मन से- संजय कुमारजीने दो खुले मन से- संजय कुमार
उन्हें उड़ने दो , नील गगन में । मादा रखते हैं जो उड़ने की , बांधो न उन्हें न दिखाओ[...]
मामा चले ससुराल -मीरा सिंह “मीरा”मामा चले ससुराल -मीरा सिंह “मीरा”
बंदर मामा चले ससुराल पहनकर सिर पर टोपी लाल। है उनके साले की शादी मामा पहने कुरता खादी।। साथ चली[...]
गुड़िया – अदिती भुषणगुड़िया – अदिती भुषण
आओ सब मिल खेले खेल मैं इक गुड़िया, बच्चों के मन को भाती सुंदरता मेरी प्यारी प्यारी मैं कई रूप[...]
बैगलेस सुरक्षित शनिवार -प्रीति कुमारीबैगलेस सुरक्षित शनिवार -प्रीति कुमारी
हम सबों का सपना हो रहा साकार, ढेरों खुशियां लेकर आया, बैगलेस सुरक्षित शनिवार । नाचेंगे गाएंगे,खेलेंगे कुदेंगे, मस्ती करेंगे[...]
