उसके रिझाने से – एस.के.पूनम

जाग कर कई रातें, स्वप्निल है मेरी आँखें, प्राप्त हुई दिव्य ज्योति,तम मिट जाने से। फैल गया उजियारा, छिप गया नभ तारा, बगिया में फूल खिले,पौधे सींच जाने से। मंडराता…

फाल्गुन के भाव – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

कृपाण घनाक्षरी छंद विद्या:-फाल्गुन के भाव जंगल में नाचे मोर कोयल मचाती शोर, हलचल चहुंओर, आ गया फाल्गुन मास। हाथों में गुलाल लाल कर के गुलाबी गाल, मोरनी की देख…

बगिया के फूल – जैनेन्द्र प्रसाद रवि

विद्या:-रूप घनाक्षरी छंद बच्चें लगें फूल ऐसे गेंदा व गुलाब जैसे, खिले खिले चेहरे पे, दिखते जब मुस्कान। परियों की पंख लगा उड़ते आसमान में, दुनिया के गम से वो,…

कन्हैया की बाँसुरी – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

कन्हैया की बाँसुरी मनहरण घनाक्षरी छंद “”””””””””””””””””””””” नैन कजरारे काले सिर लट घुंघराले, सबकी लुभाता मन, सूरत ये सांवरी। मोहक छवि के आगे फीके पड़े कामदेव, मोहन का रूप देख,…

चहुँओर बजे साज – एस.के.पूनम

🙏ऊँ कृष्णाय नमः🙏 रूपघनाक्षरी (चहुँओर बजे साज) लाडली हमारी चली, बाबूल का घर छोड़, जिसकी दुहाई देता,हुई है पराई आज। मैया की अखियाँ भींगी रात-दिन वियोग में, आँचल तरस रहा,सुता…

धन्य सुपौल जिला रे- नीतू रानी

विषय- महर्षि आशुतोष महाराज। संत सोहर गीत धन्य गुरु गाम पिपराही से धन्य सुपौल जिला रे, ललना रे धन्य माता सत्यभामा पिता विश्वनाथ जिनकर घर गुरु आशु जन्म लेल रे।…

प्रभाती पुष्प – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

सनातन पर नाज रूप घनाक्षरी छंद “”””””””””””””””””” पाँच सौ वर्षों के बाद वनवास काटकर, राम रघुवर मेरे अवध में आए आज। आँगन सजाते सभी राम गीत गाते कभी, देश की…

टीचर्स ऑफ बिहार – मीरा सिंह “मीरा

सबल समर्थ जीवंत बिहार के शिल्पकार हैं टीचर्स ऑफ बिहार मुश्किलों से हर कदम ठानते हैं रार विकट परिस्थितियों से मानते नहीं हार नवसृजन के गीत गाते कल के सृजनहार…

दोहावली – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’

राम नाम रटते रहो, लेकर मन विश्वास। प्रभु तो दीनदयाल हैं, रखो दया की आस।। राम नाम सुखधाम है, राम नाम अभिराम। धर्म मार्ग चलते रहो, लेकर प्रभु का नाम।।…