सजल मात्रा – 14 समांत – आया पदांत — बचपन मोबाइल खाया बचपन । क्यों ऐसा लाया बचपन ? सब[...]
Category: padyapankaj
Through Padyapankaj, Teachers Of Bihar give you the chance to read and understand the poems and padya of Hindi literature. In addition, you can appreciate different tastes of poetry, including veer, Prem, Raudra, Karuna, etc.
नौ से पाँच – नीतू रानीनौ से पाँच – नीतू रानी
नौ से पाँच हुआ स्कूल रोज करते हैं सात -आठ पार पूल, जाते आते हैं आॅटो बस से चाहे स्कूल[...]
समय है गतिमान – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’समय है गतिमान – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
नश्वर दुनिया में है धर्म केवल शाश्वत, लोभ-मोह छोड़कर, नित्य करें प्रेमदान। जगत पिता से यहां कुछ भी है छिपा[...]
छिन गया बचपन- एस.के.पूनमछिन गया बचपन- एस.के.पूनम
एक था नन्हा बालक, छिन गया जिसका बचपन, जो पार किया था अभी, उम्र का आठवां सावन। अपने पिता को[...]
युगपुरुष- कुमकुम कुमारी “काव्याकृति”युगपुरुष- कुमकुम कुमारी “काव्याकृति”
जीवन में कुछ करना है तो, आलस को तजना होगा। बगैर रुके और बिना थके,नित्य तुम्हें चलना होगा।। सपने[...]
गीत – सुधीर कुमारगीत – सुधीर कुमार
सबको मिलकर लड़ना होगा। हरदम आगे बढ़ना होगा ।। महँगाई से लड़ना है अब , जिसने लूटा चैन सभी का[...]
दोहावली – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’दोहावली – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’
पावन कार्तिक मास में, करें छठी का ध्यान। गुणवंती करुणामयी, महिमा बड़ी महान।। जग की आत्मा सूर्य को, करें नित्य[...]
छठ पर्व – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’छठ पर्व – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
विद्या:- मनहरण घनाक्षरी छंद छठ व्रती आस रख, मन में विश्वास रख, खुद निराहार रह, करते हैं खरना। शाम-सुबह सूर्य[...]
विकास की मार – जैनेन्द्र प्रसाद रविविकास की मार – जैनेन्द्र प्रसाद रवि
चहुओर चकाचौंध दिवाली की रात है। सफाई के साथ लाई खुशी की सौगात है।। बल्बों की लड़ियों से घरों को[...]
दोहावली – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’दोहावली – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’
दीप जलें जब द्वार पर, मिलता नवल प्रकाश। खुशियाँ अंतस् तब मिलीं, हुआ तिमिर का नाश।। दीप अवलि में सज[...]
