सुभग संस्कार से रग रग भर दें । मन अपना वासंती कर लें । सुभग पवन के सरस हैं झोंके[...]
Category: padyapankaj
Through Padyapankaj, Teachers Of Bihar give you the chance to read and understand the poems and padya of Hindi literature. In addition, you can appreciate different tastes of poetry, including veer, Prem, Raudra, Karuna, etc.
रंग बदलते चेहरे – अवनीश कुमाररंग बदलते चेहरे – अवनीश कुमार
मैं तेरे पास कोई मेरे जैसा शख्स ढूंढता हूं, तेरी अकड़ को ठिकाने लगता देखता हूं। तेरी मूंछों को ताव[...]
निर्वाण दृश्य – अवनीश कुमारनिर्वाण दृश्य – अवनीश कुमार
अस्सी की अवस्था जब होने को आई बुद्ध ने संघ में निर्वाण की इच्छा जताई सुनते हीं संघ के बौद्ध[...]
Way of life – Ashish Kumar PathakWay of life – Ashish Kumar Pathak
The way of life an anchor for youngsters a road map to truthfulness an easy inspiration Truthful mirror, in this[...]
These Books – Ashish Kr PathakThese Books – Ashish Kr Pathak
Offer a vast reservoir of Knowledge On any topic imaginable; Exposing you to wide range of words and world; Keeping[...]
धरा के आभूषण- मीरा सिंह “मीरा “धरा के आभूषण- मीरा सिंह “मीरा “
दादी माँ हमको समझाई क्यों करते वृक्षों का पूजन ? वृक्ष सभी होते हितकारी ये धरती के हैं आभूषण।। ये[...]
स्वर्ग नर्क कहीं और नहीं- नीतू रानीस्वर्ग नर्क कहीं और नहीं- नीतू रानी
स्वर्ग नरक कहीं और नहीं है इसी पृथ्वी पर सब, बैठके थोड़ा सोचिए जब समय मिलता है तब। इसी पृथ्वी[...]
सागर और नदी -गिरीन्द्र मोहन झासागर और नदी -गिरीन्द्र मोहन झा
सागर ने नदी से कहा- सरिते! लोग कहते हैं, तुम नदी समान बनो, चलो, निरंतर चलो, विघ्नों को लाँघकर, अनवरत[...]
हरियाली विकसाएँ हम- रत्ना प्रियाहरियाली विकसाएँ हम- रत्ना प्रिया
सूरज के प्रचण्ड ताप से , अब नहीं कुम्हलाएँ हम । आओ करें श्रृंगार धरा का, हरियाली विकसाएँ हम ॥[...]
है बेबस धरती – एस.के.पूनमहै बेबस धरती – एस.के.पूनम
मनहरण घनाक्षरी बहती है कलकल, सोचती है हरपल, सूखे नहीं नीर कभी,यही दुआ करती। तट पर आशियाना, साधु-संतों का ठिकाना,[...]
