Category: padyapankaj

Through Padyapankaj, Teachers Of Bihar give you the chance to read and understand the poems and padya of Hindi literature. In addition, you can appreciate different tastes of poetry, including veer, Prem, Raudra, Karuna, etc.

S K punam

केवल प्रकाश है – एस.के.पूनमकेवल प्रकाश है – एस.के.पूनम

0 Comments 11:57 am

प्रिय दीप बनकर, हिया करे जगमग, शेष नहीं अब दंभ,केवल प्रकाश है। नित्य दीया जल कर, बिखरने लगी आभा, उज्जवल[...]

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मानवता हीं धर्म है – नीतू रानीमानवता हीं धर्म है – नीतू रानी

0 Comments 2:54 pm

मेरा मानवता हीं धर्म है यदि मानव ,मानव न बन सका तो मानव के लिए तब शर्म है मेरा मानवता[...]

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Jainendra

नाम की महिमा – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’नाम की महिमा – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 2:52 pm

सूर – रसखान करें महिमा की गुण गान, छोड़ जग दिन रात, मीरा जपी राधे श्याम। नाम का सहारा ले[...]

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Vivek kumar

आई दिवाली खुशियों वाली – विवेक कुमारआई दिवाली खुशियों वाली – विवेक कुमार

0 Comments 2:44 pm

देखो पावन दिवस है आया, तन मन में उमंग है छाया, बच्चे बूढ़े या हो जवान, सबके जिव्हा एक ही[...]

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Jainendra Prasad Ravi

दिवाली का त्यौहार – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’दिवाली का त्यौहार – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 9:14 pm

उत्साह उमंग संग दूधिया प्रकाश पर्व, साल भर बाद आता दीपावली का त्यौहार। आपस में सब मिल घरों की सफाई[...]

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सादा भोजन -नीतू रानीसादा भोजन -नीतू रानी

0 Comments 9:13 pm

खाना आलू,भात खाना न ज्यादा, ये होगा मोटापा को फायदा। तेल ,मसाला ज्यादा न खाना, पेट दर्द होकर होगा पाखाना।[...]

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Jainendra Prasad Ravi

बच्चों का हुडदंग – जैनेन्द्र प्रसाद रविबच्चों का हुडदंग – जैनेन्द्र प्रसाद रवि

0 Comments 9:11 pm

जब भी दीवाली आता, बच्चों को बहुत भाता, भाग दौड़ कर निज, घरों को सजाते हैं। साफ कर घर-वार रंगाई[...]

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नारी सबपर हो भारी – -नीतू रानीनारी सबपर हो भारी – -नीतू रानी

0 Comments 9:15 pm

विषय -कमजोर कहाँ हो तुम नारी। नारी कमजोर कहाँ हो तुम नारी, हर क्षेत्र में सबपर हो भारी। तेरे साथ[...]

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Jainendra Prasad Ravi

इंसान की कीमत – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’इंसान की कीमत – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 9:13 pm

आदमी से कहीं ज्यादा पशु होता वफादार, मानव को त्याग हम, पालते हैं स्वान को। माता-पिता से भी ज्यादा करते[...]

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Jainendra Prasad Ravi

सुबह की सैर – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’सुबह की सैर – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 9:11 pm

शीतल पवन चली, दूब बिछी मखमली, सुंदर नजारा देख,कदम ठहरता। फैली हुई हरियाली, झुकी हुई धान बाली, फसलों को देखकर[...]

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