गगन में मेघ छाए, ठंडी-ठंडी बूंदें लाए, अंबु से सरिता भरी,हरि को पिलाना है। चल पड़े आप साथ, थाम रखें[...]
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Through Padyapankaj, Teachers Of Bihar give you the chance to read and understand the poems and padya of Hindi literature. In addition, you can appreciate different tastes of poetry, including veer, Prem, Raudra, Karuna, etc.
Those Clint Eastwood Thoughts – Ashish K PathakThose Clint Eastwood Thoughts – Ashish K Pathak
Don’t look for Luxury in ⌚Watches Or Bracelets Don’t look for luxury in Forks Or Sails Luxury is laughter and[...]
अदृश्य सत्ता- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’अदृश्य सत्ता- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
मनहरण घनाक्षरी छंद अखिल ब्रह्मांड बीच, कोई तो है सार्वभौम, जिसके इशारे बिना, पत्ता नहीं हिलता। धरती खनिज देती, सीप[...]
मेघा रे- कुमकुम कुमारी “काव्याकृति”मेघा रे- कुमकुम कुमारी “काव्याकृति”
आ जाओ रे मेघ, इतना मत न इतराओ। उजड़ रहा खलिहान,थोड़ा नीर बरसाओ।। हैं बहुत परेशान,तप रही धरा हमारी। कृपा[...]
मधुमास की घड़ी – एस.के.पूनममधुमास की घड़ी – एस.के.पूनम
काली कच लहराई, विन्यास निखर आई, हाथों में मेंहदी लगे,प्रतीक्षा में थी खड़ी। सोलह श्रृंगार कर, वरमाला डाल कर, साक्षी[...]
उसे नित्य सींचिए – एस.के.पूनमउसे नित्य सींचिए – एस.के.पूनम
विधा:-मनहरण घनाक्षरी कानन से वृक्ष कटे, शीत भरी छाया हटे, तप्त हुई वसुंधरा,नीर मत पीजिए। यत्र-तत्र कूडादान, चल पड़ा अभियान,[...]
कसक किसानों की – एस.के.पूनमकसक किसानों की – एस.के.पूनम
🙏ऊँ कृष्णाय नमः🙏 विधा:-मनहरण घनाक्षरी (कसक किसानों की) लालिमा के संग जागे, टोकरी उठाए भागे, ढूंढ रहे फलियों में,श्रमदान महानों[...]
बहुत पछताओगे – गौतम भारतीबहुत पछताओगे – गौतम भारती
बड़े चीत्कार से पावन मन कहता कोई रंज नहीं , फिर क्यों ऐसी स्थिति आ गई? जब कोई प्रपंच नहीं[...]
मनहरन घनाक्षरी छंद – जैनेन्द्र प्रसाद रविमनहरन घनाक्षरी छंद – जैनेन्द्र प्रसाद रवि
और कोई काम नहीं, मिलता आराम नहीं, थक हार कर थोड़ा, सूर्य अलसाया है। चलता हूँ जिस पथ, देखता हूँ[...]
अमरों में नाम लिखा लेना – कुमकुम कुमारी “काव्याकृतिअमरों में नाम लिखा लेना – कुमकुम कुमारी “काव्याकृति
चलते-चलते गर पग दुख जाय बैठ थोड़ा सुस्ता लेना। मगर धैर्य खोकर कभी तुम पग को पीछे ना हटा लेना।[...]
