Category: padyapankaj

Through Padyapankaj, Teachers Of Bihar give you the chance to read and understand the poems and padya of Hindi literature. In addition, you can appreciate different tastes of poetry, including veer, Prem, Raudra, Karuna, etc.

Nitu Rani

वन महोत्सव – नीतू रानीवन महोत्सव – नीतू रानी

0 Comments 8:35 pm

आओ बहना आओ हमसब मिल पेड़ लगाएँ, हरे- भरे पेड़ों के बीच वन महोत्सव मनाएँ, आओ बहना ——2। 🌳🌴🌲🌳🌴🌳 पर्यावरण[...]

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Jainendra

वर्षा रानी – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’वर्षा रानी – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 8:32 pm

वर्षा आई झमाझम, मोती गिरे छमाछम, किसानों के चेहरे पे खुशी की निशानी है। बिजली कड़क रही, घटाएं गरज रहीं,[...]

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Nitu Rani

गुरु पूर्णिमा – नीतू रानीगुरु पूर्णिमा – नीतू रानी

0 Comments 8:30 pm

गुरु पूर्णिमा पर गुरु को है शत् -शत् बार प्रणाम, जबतक सूरज चाँद रहेगा अमर रहेगा गुरु का नाम। गुरु[...]

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suresh kumar gaurav

सात्त्विक मास सावन – सुरेश कुमार गौरवसात्त्विक मास सावन – सुरेश कुमार गौरव

0 Comments 4:35 pm

आया सावन मास तन-मन में, मानो हरियाली सी छाई, जागा उमंग-तरंग,और वर्षा रानी भी, खुशियाली लाई। सावन मास में नर-नारी,[...]

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Jainendra

पानी से जिंदगानी – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’पानी से जिंदगानी – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 4:26 pm

बरखा के आस करके थकलय नयनमा,किसनमा। कि खेतिए पर निर्भर हय सबके परनमा किसनमा।। जेठ, बैसाख बितल, बितलय असढ़वा, बिना[...]

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suresh kumar gaurav

वर्षा रानी के संदेश – सुरेश कुमार गौरववर्षा रानी के संदेश – सुरेश कुमार गौरव

0 Comments 4:21 pm

सबके लिए ऋतुओं की रानी है वर्षा, पानी जब-जब बरसे तब-तब मन हर्षा। आसमान में घटाटोप बादल हैं छाएं, पेड़-पौधे[...]

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S K punam

रूपघनाक्षरी – एस.के.पूनमरूपघनाक्षरी – एस.के.पूनम

0 Comments 4:01 pm

🙏कृष्णाय नमः🙏 विधा:-रूपघनाक्षरी बदरा लुभाए आज, रिमझिम बजे साज, कैसे करे कोई काज तन मन पाए खास। तरंगिणी भर गई,[...]

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Jainendra

सारा जग परिवार – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’सारा जग परिवार – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 10:29 pm

गर्म-गर्म हवा चली, झुलस रही है डाली, फल-फूल-पत्ते बिना, वृक्ष ये बेकार हैं। माझी बिना मझधार- नैया डोले डगमग, दरिया[...]

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Devkant

बरसात – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’बरसात – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’

0 Comments 10:27 pm

काली घटा व्योम में छाई दृश्य देख मन मुदित कीजिए। हँसती हुई बरसात आई हस्त उठाकर तोय पीजिए।। वर्षा देखो[...]

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S K punam

रूपघनाक्षरी – एस.के.पूनमरूपघनाक्षरी – एस.के.पूनम

0 Comments 10:26 pm

गरजे बरसे मेघ, गगन वितान सेंघ, टप टप करे शोर,रात जाग होए भोर। आलस्य का जकड़न, अंग-अंग अकड़न, मंदिरों में[...]

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