विद्या:-मनहरण घनाक्षरी ठंडी-ठंडी हवा चली, शीत यहाँ खूब पली, आलाव है जल पड़ी,ठंड में शरण है। अंशु-अंशु कह पड़ा, करबद्ध[...]
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Through Padyapankaj, Teachers Of Bihar give you the chance to read and understand the poems and padya of Hindi literature. In addition, you can appreciate different tastes of poetry, including veer, Prem, Raudra, Karuna, etc.
प्रकृति और मनुष्य- रणजीत कुशवाहाप्रकृति और मनुष्य- रणजीत कुशवाहा
प्रकृति है जीवन का आधार। मनुष्य ने किया इससे खिलवाड़।। गगनचुंबी इमारत की जाल बिछाई। धरा पर कंक्रीट रुपी जंगल[...]
मैं खुश हूं कि- रणजीत कुशवाहामैं खुश हूं कि- रणजीत कुशवाहा
मैं खुश हूं कि क्योंकि मैं थोड़ा बहुत कमा लेता हूं, यानि बेरोजगार तो नहीं हूं , जो बेरोजगार लोग[...]
रुप अनेक पर मैं इक नारी हूं-रणजीत कुशवाहारुप अनेक पर मैं इक नारी हूं-रणजीत कुशवाहा
अपने पापा की प्यारी परी हूं। जननी मां की राज दुलारी हूं।। बड़े भैया की बहना न्यारी हूं। बाबुल के[...]
हम लड़की है- रणजीत कुशवाहाहम लड़की है- रणजीत कुशवाहा
हमें किसी से भावानात्मक लगाव होता है, लेकिन आप लोग जिस्मानी समझ लेते हो। हम सोशल मीडिया पे आपके विचारों[...]
लालची बाप- नीतू रानीलालची बाप- नीतू रानी
जिस माँ बाप को खाने का नहीं है औकात, उसे बच्चा पैदा करने का नहीं है अधिकार। जिस घर में[...]
लगाय छी माथो घुसो म – जय कृष्णा पासवानलगाय छी माथो घुसो म – जय कृष्णा पासवान
ठंडा पड़ल छै पुसो म, लगाय छी माथो घुसो म। नौकरी में मंदा मत पूछो, पढ़ाई में धंधा मत पूछो।।[...]
बीत गई बात वो- एस.के.पूनमबीत गई बात वो- एस.के.पूनम
विद्या-:- मनहरण घनाक्षरी जीवन का नवरंग,इंद्रधनुष-सा अंग, धरा पर छाया कण, मिल गया जात को। मुस्कुराया अंशुमन,तप गया मेरा मन,[...]
नववर्ष-संजय कुमारनववर्ष-संजय कुमार
नववर्ष नूतन संदेश लाये हर वर्षों से ये अच्छा कहलाए, खुशियां ही हो चहुँओर नववर्ष नूतन संदेश लाये। गम न[...]
अंत ही आरंभ है-नवाब मंजूरअंत ही आरंभ है-नवाब मंजूर
देखो ना, साल जो नया था अब हाल उसका पूछो? कभी जश्न में था डूबा आज स्वयं डूब रहा है….[...]
