Category: padyapankaj

Through Padyapankaj, Teachers Of Bihar give you the chance to read and understand the poems and padya of Hindi literature. In addition, you can appreciate different tastes of poetry, including veer, Prem, Raudra, Karuna, etc.

Amarnath Trivedi

कर्म का रहस्य -अमरनाथ त्रिवेदीकर्म का रहस्य -अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 8:48 pm

सम्बल तप -त्याग का , चला रहा संसार को । कर्मपथ निष्कंटक नही, बतला रहा निज सार को । है[...]

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Jainendra

जीवन अनमोल-जैनेन्द्र प्रसाद रवि’जीवन अनमोल-जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 8:44 pm

मनहरण घनाक्षरी छंद माता – पिता, गुरुजन, का जो ना सहारा मिले, उम्र सारी बीत जाए, जिंदगी बनाने में। मानव[...]

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Jainendra

कर्पूर बदन-जैनेन्द्र प्रसाद रवि’कर्पूर बदन-जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 9:18 pm

मनहरण घनाक्षरी छंद ++++++++++++++ सिर शोभे जटा जूट, विभाकर का मुकुट, कर्पूर बदन शिव, हाथों में त्रिशूल है। चढ़ता है[...]

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Jaykrishna

आबह की होतैय-जयकृष्णा पासवानआबह की होतैय-जयकृष्णा पासवान

0 Comments 9:16 pm

कत्ह सपना सजै-लह छेला, किस्मत के आड़ म। सब धरले रही गेलैय, जीवन के मंजधार म।। हाथ आबह मली क,[...]

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Amarnath Trivedi

कर्त्तव्य बोध -अमरनाथ त्रिवेदीकर्त्तव्य बोध -अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 8:33 pm

पुरातन से ओजस्विता लिए , विचरण हम जब – जब करते हैं । सत्य -दृढ़ अनुशीलन पर , तब मार्ग[...]

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Jaykrishna

आज वीरान क्यों है- जयकृष्णा पासवानआज वीरान क्यों है- जयकृष्णा पासवान

0 Comments 12:07 pm

आज धरती पर आसमां, वीरान क्यों है। चांद और सितारे, भी तो वहीं है। मगर हवा की सुर्खियां, इतना परेशान[...]

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Jaykrishna

ठ्काय गेला- जयकृष्णा पासवानठ्काय गेला- जयकृष्णा पासवान

0 Comments 8:59 pm

अंगिका आज को दिन कहिन्ह, उदास लागैय छै । वार-वार हमरा कहिन्ह, प्यास लागैय छै ।। ग़रीबी के पसीना हम्म,[...]

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Jainendra

मनहरण घनाक्षरी- जैनेन्द्र प्रसाद रविमनहरण घनाक्षरी- जैनेन्द्र प्रसाद रवि

0 Comments 9:00 pm

टूटे रिश्ते जिंदगी गुजर जाती, यहां रिश्ते बनाने में, गाँठ पड़ जाते यदि, टूटे-रिश्ते जुड़ते। खूब मजबूत रखें , संबंधों[...]

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