Category: padyapankaj

Through Padyapankaj, Teachers Of Bihar give you the chance to read and understand the poems and padya of Hindi literature. In addition, you can appreciate different tastes of poetry, including veer, Prem, Raudra, Karuna, etc.

आदर्श-विजय सिंह नीलकण्ठआदर्श-विजय सिंह नीलकण्ठ

0 Comments 1:01 pm

आदर्श सुनने में लगता सरल लेकिन रहता काफी विरल पर जिसके पीछे लग जाए बना दे उसे निर्मल। गाँव शहर[...]

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संरक्षण-विजय सिंह नीलकण्ठसंरक्षण-विजय सिंह नीलकण्ठ

0 Comments 10:07 am

संरक्षण माता के संरक्षण में  छोटे बच्चे पलते हैं तो  पिताजी के संरक्षण में  बच्चे अनुशासित बनते हैं। शिक्षक गण[...]

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Asmaja Priydarshni

बाल मजदूर विरोध-अश्मजा प्रियदर्शिनीबाल मजदूर विरोध-अश्मजा प्रियदर्शिनी

0 Comments 9:46 am

बाल मजदूर विरोध अपने बचपन को खोता कितना वह लाचार मलिन सी काया, दुर्बल छवि, जीर्ण-शीर्ण आकार  अत्यंत आवश्यक प्यासे[...]

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बचपन का वो जमाना-एम एस हुसैनबचपन का वो जमाना-एम एस हुसैन

0 Comments 11:32 am

बचपन का वो जमाना आता है याद मुझको बचपन का वो ज़माना । कॉपी किताब लेकर घर से स्कूल जाना[...]

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Asmaja Priydarshni

जनसंख्या-अश्मजा प्रियदर्शिनीजनसंख्या-अश्मजा प्रियदर्शिनी

0 Comments 9:44 am

जनसंख्या एक अरब सैतिश करोड़ की जनसंख्या वाला है हमारा नेशन 17.64 के दर से बढ रहा पोपूलेशन दिन दूनी,[...]

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Asmaja Priydarshni

वृक्ष है संजीवनी-अश्मजा प्रियदर्शिनीवृक्ष है संजीवनी-अश्मजा प्रियदर्शिनी

0 Comments 9:39 am

वृक्ष है संजीवनी वृक्ष है संजीवनी हमारी वसुंधरा की हैं शान धरती को स्वर्ग बनाते, जैसे ईश्वर का वरदान प्राणवायु[...]

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मोक्ष की प्रतिक्षा-अवनीश कुमारमोक्ष की प्रतिक्षा-अवनीश कुमार

0 Comments 10:10 am

मोक्ष की प्रतीक्षा थक जाता जब मानव का तन मन ईश्वर से मोक्ष दिलाने को करता नमन लेकिन आत्मा है[...]

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Asmaja Priydarshni

राखी का त्योहार- अश्मजा प्रियदर्शिनीराखी का त्योहार- अश्मजा प्रियदर्शिनी

0 Comments 10:06 am

राखी का त्योहार सावन में इन्द्रधनुषी रंग है राखी का त्योहार  सप्त ऋषियों के ज्ञान को समेटे राखी का त्योहार [...]

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चलो चलें स्कूल की ओर-विजय सिंह “नीलकण्ठ”चलो चलें स्कूल की ओर-विजय सिंह “नीलकण्ठ”

0 Comments 8:15 pm

चलो चलें स्कूल की ओर जागो बच्चो हो गई भोर चिड़ियाँ मचा रही है शोर जल्दी-जल्दी तैयार होकर चलो चलें[...]

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