Category: padyapankaj

Through Padyapankaj, Teachers Of Bihar give you the chance to read and understand the poems and padya of Hindi literature. In addition, you can appreciate different tastes of poetry, including veer, Prem, Raudra, Karuna, etc.

Nidhi

चंचल वन में मनी है होली-निधि चौधरीचंचल वन में मनी है होली-निधि चौधरी

0 Comments 9:55 pm

एक बाल कविता होली आई होली आई, चंचल वन की टोली आई। शेर, जिराफ,लोमड़ी, सियार, सभी को भाया है त्योहार।[...]

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Jainendra

गुरु को नमन-जैनेन्द्र प्रसाद रवि’गुरु को नमन-जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 9:53 pm

पूरब में देख लाली, झूमती है डाली डाली, धरती आबाद होती, सूरज किरण से। बसंत बहार देख, फूलों की कतार[...]

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Jainendra

शिष्टाचार -जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’शिष्टाचार -जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’

0 Comments 7:07 pm

मनहरण घनाक्षरी छंद सामाजिक रिवाजों से, कट रहे युवा पीढ़ी, शिष्टाचार – व्यवहार, दिखते न वाणी में। सत्य का महल[...]

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बगिया की उदासी- संजय कुमारबगिया की उदासी- संजय कुमार

0 Comments 8:22 pm

आज बगिया क्यों उदास है, बोलो मेरे पापाजी। कल तक कितनी चहल पहल थी गुलजार तुम्हारी बगिया थी। माँ खुश[...]

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Bhola

क्यूँ हम भूल जाते हैं-भोला प्रसाद शर्माक्यूँ हम भूल जाते हैं-भोला प्रसाद शर्मा

0 Comments 9:32 pm

जब हम माँ के गर्भ में होते हैं मुझे बहुत सुखों की अनुभूति होती है कुछ ही दिनों में हमें[...]

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Jainendra

प्रेम अनुराग -जैनेन्द्र प्रसाद रवि’प्रेम अनुराग -जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 9:26 pm

मनहरण घनाक्षरी छंद बसंत बहार ले के, रंगों का त्योहार आया, जगदंबा माता संग, शिव खेलें फाग है। सिर पर[...]

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Vivek

हमारी बेटियाँ -विवेक कुमारहमारी बेटियाँ -विवेक कुमार

0 Comments 7:55 pm

माँ बनकर मुझे जन्म दिया, बहन बनकर किया दुलार | जब भी आई मुसीबत मेरे, पत्नी बन किया उद्धार। सुबह[...]

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Jaykrishna

कपटी नज़र – जयकृष्णा पासवानकपटी नज़र – जयकृष्णा पासवान

0 Comments 6:50 pm

जिस मूरत को ज्ञान दिया , वो जग में है नाम किया। उसी पेड़ की डाली बनकर, वृक्षों का अपमान[...]

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Suresh kumar gaurav

बंधन-.सुरेश कुमार गौरवबंधन-.सुरेश कुमार गौरव

0 Comments 7:47 pm

जीवन एक विश्वास रुपी है अनोखा बंधन, रक्त के तो कहीं बिना रक्त के कहलाते बंधन, हर्ष-विषाद,खट्टी-मीठी और अनोखी यादों[...]

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