भाई बहना संग में- महाधरणी छंद गीत महिमा जिसकी गा रहे, लाया वह मनुहार है। प्रेम भरा अनुराग ले, आया[...]
Category: Prem
Love has no definition, and it is a feeling that comes within the heart. The meaning of love can be different for different people, different age groups, and different relationships, but the surface is the same for everyone. Love comes from knowledge, and for this, one needs to understand oneself.
जिसको मित्र बनाया है – लावणी छंद गीत – राम किशोर पाठकजिसको मित्र बनाया है – लावणी छंद गीत – राम किशोर पाठक
जिसको मित्र बनाया है – लावणी छंद गीत आँख खोलकर इस भूतल पर, ज्यों हमने मुस्काया है। रिश्ते नाते हमने[...]
हरि भजे शिव शंभु महेश्वरम् – राम किशोर पाठकहरि भजे शिव शंभु महेश्वरम् – राम किशोर पाठक
हरि भजे शिव शंभु महेश्वरम् भजेऽहम् पद पंकज सुंदरम्। हरि भजे शिव शंभु महेश्वरम्।। त्रिविध ताप निवारण जायते। शरण शंभु[...]
अपना हमें समर्पण दे दो- राम किशोर पाठकअपना हमें समर्पण दे दो- राम किशोर पाठक
अपना हमें समर्पण दे दो – बाल कविता कूद कूदकर आते बच्चे। कुछ सहमें इठलाते बच्चे।। कहना चाह रहे कुछ[...]
गुरुवर वाले प्रेम से – अवतार छंद गीतिका- राम किशोर पाठकगुरुवर वाले प्रेम से – अवतार छंद गीतिका- राम किशोर पाठक
गुरुवर वाले प्रेम से – अवतार छंद गीतिका झूम रहे सब संग में, कुछ आज कीजिए। गुरुवर वाले प्रेम से,[...]
घट-घट वासी शिव संन्यासी – सरसी छंद गीत – राम किशोर पाठकघट-घट वासी शिव संन्यासी – सरसी छंद गीत – राम किशोर पाठक
घट-घट वासी शिव संन्यासी – सरसी छंद गीत बैठे हैं भस्म लगा कैलाशी, करते बेड़ा पार। घट-घट वासी शिव संन्यासी,[...]
नमामि शंभु- राम किशोर पाठकनमामि शंभु- राम किशोर पाठक
नमामि शंभु कृपालु शंकर आदि सुरेशा। नमामि शंभु महिषं महेशा।। त्रिलोचनाय कालं करालं। रूपं अनूपं तव चंद्र भालं।। जटा- जूटधारी[...]
तू हीं जग के मालिक – अमरनाथ त्रिवेदीतू हीं जग के मालिक – अमरनाथ त्रिवेदी
तू ही जग के मालिक तू ही जग के नैया , तुम्हीं हो खेवैया । तुम्हीं जग के मालिक ,[...]
भरना इन्हें उड़ान है – प्रदीप छंद गीत – राम किशोर पाठकभरना इन्हें उड़ान है – प्रदीप छंद गीत – राम किशोर पाठक
भरना इन्हें उड़ान है – प्रदीप छंद गीत बच्चों को हम बच्चा मानें, देना उनको ज्ञान है। नहीं बोध है[...]
नर-नारी दोनों का जग में – लावणी छंद गीत- राम किशोर पाठकनर-नारी दोनों का जग में – लावणी छंद गीत- राम किशोर पाठक
नर- नारी दोनों का जग में – लावणी छंद गीत प्रेम भाव जब रहता मन में, भरकर लगता गागर है।[...]
