विघ्न हर्ता देव हो तुम, कष्ट अपना मैं कहूँ। आज तुमसे आस मुझको, छंद रचना को गहूँ।। शब्द लाऊँ मैं[...]
Category: Prem
Love has no definition, and it is a feeling that comes within the heart. The meaning of love can be different for different people, different age groups, and different relationships, but the surface is the same for everyone. Love comes from knowledge, and for this, one needs to understand oneself.
मुझको कान्हा आज बनाओ -राम किशोर पाठकमुझको कान्हा आज बनाओ -राम किशोर पाठक
अम्मा कुछ मुझको बतलाओ। मुझको कान्हा आज बनाओ। जो चाहूँ वह दे दो मुझको। ऐसे कभी नहीं तड़पाओ।। मैं भी[...]
वंदे मातरम् – गीत – राम किशोर पाठकवंदे मातरम् – गीत – राम किशोर पाठक
वंदे मातरम् – गीत भारत वासी दिल के अच्छे, चाहत सदा स्वच्छंद है। वंदे मातरम् गीत सुंदर, गाना सबको पसंद[...]
गृह लक्ष्मी पत्नी – राम किशोर पाठकगृह लक्ष्मी पत्नी – राम किशोर पाठक
गृह लक्ष्मी पत्नी – कुंडलिया लक्ष्मी है पत्नी सदा, सुखकारी लो जान।जिसको मैंने वर लिया, रखती सबका ध्यान।।रखती सबका ध्यान,[...]
करवा चौथ – राम किशोर पाठककरवा चौथ – राम किशोर पाठक
करवा चौथ – विधाता छंद सुहागन आज करती है जहाँ उपवास भर दिन का।सुधाकर को निहारी है सुहानी रात जीवन[...]
करवा चौथ – रामपाल प्रसाद सिंह अनजानकरवा चौथ – रामपाल प्रसाद सिंह अनजान
विधाता छंदाधारित मुक्तककरवा चौथ कहीं संगम कहीं तीरथ,धरा पर पुण्य बहते हैं, सजी हैं नारियाॅं भूपर,कहेंगे व्यर्थ कहते हैं। हजारों[...]
तुमसे ही है – अवधेश कुमारतुमसे ही है – अवधेश कुमार
हो जाए पूरे ख्वाब, वो तुमसे ही है,सुबह की हर शुरुआत, वो तुमसे ही है। कहने को हर बात, है[...]
गुलाब की कामना – अवधेश कुमारगुलाब की कामना – अवधेश कुमार
ये गुलाब समर्पित हैं उन्हें,जिनसे हमने सच्चा प्रेम किया है —निश्छल, अनवरत, बंधनहीन प्रेम। जैसे ही उनकी याद आती है,चेहरे[...]
भावुक हूं मैं.. डॉ स्वराक्षी स्वराभावुक हूं मैं.. डॉ स्वराक्षी स्वरा
हां,मैं भावुक ही तो हूंतभी तो सह नहीं पातीहल्की सी भी चोट,फिर चाहे वो शरीर पर हो या कि लगे[...]
हिंदी – सार छंदहिंदी – सार छंद
हिंदी – सार छंद सागर सी है गहरी भाषा, प्रेम जगाने वाली। इसके अंदर ज्ञान छुपा है, सुंदर सुखद निराली।।[...]
