Category: Prem

Love has no definition, and it is a feeling that comes within the heart. The meaning of love can be different for different people, different age groups, and different relationships, but the surface is the same for everyone. Love comes from knowledge, and for this, one needs to understand oneself.

Ram Kishor Pathak

करवा चौथ – राम किशोर पाठककरवा चौथ – राम किशोर पाठक

0 Comments 8:11 pm

करवा चौथ – विधाता छंद सुहागन आज करती है जहाँ उपवास भर दिन का।सुधाकर को निहारी है सुहानी रात जीवन[...]

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करवा चौथ – रामपाल प्रसाद सिंह अनजानकरवा चौथ – रामपाल प्रसाद सिंह अनजान

0 Comments 7:59 pm

विधाता छंदाधारित मुक्तककरवा चौथ कहीं संगम कहीं तीरथ,धरा पर पुण्य बहते हैं, सजी हैं नारियाॅं भूपर,कहेंगे व्यर्थ कहते हैं। हजारों[...]

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गुलाब की कामना – अवधेश कुमारगुलाब की कामना – अवधेश कुमार

0 Comments 4:35 pm

ये गुलाब समर्पित हैं उन्हें,जिनसे हमने सच्चा प्रेम किया है —निश्छल, अनवरत, बंधनहीन प्रेम। जैसे ही उनकी याद आती है,चेहरे[...]

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भावुक हूं मैं.. डॉ स्वराक्षी स्वराभावुक हूं मैं.. डॉ स्वराक्षी स्वरा

0 Comments 10:42 am

हां,मैं भावुक ही तो हूंतभी तो सह नहीं पातीहल्की सी भी चोट,फिर चाहे वो शरीर पर हो    या कि लगे[...]

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Ram Kishor Pathak

जीवित्पुत्रिका व्रतजीवित्पुत्रिका व्रत

0 Comments 2:38 pm

जीवित्पुत्रिका व्रत माता निर्जल व्रत करे, सुखी रहे संतान। महाकाल को पूजती, जो लेते संज्ञान।। एक दिवस उपवास का, कोटि[...]

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Ram Kishor Pathak

हिंदी है अस्मिता हमारी -प्रदीप छंद गीत – राम किशोर पाठकहिंदी है अस्मिता हमारी -प्रदीप छंद गीत – राम किशोर पाठक

0 Comments 10:32 pm

हिंदी है अस्मिता हमारी -प्रदीप छंद गीत मन के भावों को करती जो, सरल सहज गुणगान है। हिंदी है अस्मिता[...]

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Ram Kishor Pathak

हुई उत्पत्ति है हिंदी की – गीत – राम किशोर पाठकहुई उत्पत्ति है हिंदी की – गीत – राम किशोर पाठक

0 Comments 3:37 pm

हुई उत्पत्ति है हिंदी की – गीत शौरसेनी अपभ्रंश जिसे, अपनी तनुजा माने। हुई उत्पत्ति है हिंदी की, सुरवाणी से[...]

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Ram Kishor Pathak

चलो नेह का दीप जलाएँ- किशोर छंद – राम किशोर पाठकचलो नेह का दीप जलाएँ- किशोर छंद – राम किशोर पाठक

0 Comments 8:45 pm

चलो नेह का दीप जलाएँ- किशोर छंद चलो नेह का दीप जलाएँ, कैसे भी। सबसे मिलकर स्नेह बढ़ाएँ, कैसे भी।[...]

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