किनारों पर खड़ा होकर गहराई का अंदाजा लगा नही सकते, बिना चोट के दर्द कितना ये कहाँ कभी बता सकते। कयास ,अंदाज ,अटकलें चाहे कितना भी लगा लें बिना चखे…
Category: sandeshparak
Sandeshparak poems are poems that are used to convey a message with feelings. Through poems, statements related to the country, the world, and society are transmitted to the people. Teachers of Bihar give an important message through the Sandeshparak of Padyapankaj.
युवा-कुमारी रूपरानी
“युवा हैं हमारे देश की शान आओ मिलकर करें सलाम।। अपने जीवन को ना करो ध्रुमपान और मादक द्रव में बर्बाद, क्योंकि तुमसे हैं, मां-बाप का ही नहीं देश को…
पुलवामा के वीरों को नमन-कार्तिक कुमार
14 फ़रवरी का दिन था, दर्द भरी वह घड़ी आई, पुलवामा की धरती रो पड़ी, जब वीरों पर आफ़त छाई। चलते थे काफिले वीर जवान, दिल में देश का मान…
जल ही जीवन है-आशीष अम्बर
जल से ही तो है जीवन, जल से ही तो यह धरती हैं । उपयोग करें हम सूझबूझ से, व्यर्थ न इसका उपभोग करें । गर्मी में जब उड़ जाता…
हौसलों की उड़ान – राम किशोर पाठक
पा जाते हर लक्ष्य हम, बिना किसी व्यवधान। मन लेता है जब वहाँ, हौसलों की उड़ान।। बाधाओं को चीर कर, करते रहिए नृत्य। हो जाता उनका सफल, सहज सदा हर…
फागुन-राम किशोर पाठक
अन्न भरा खेतों में, मन को भाया है। हलचल अब रेतों में, फागुन आया है।। सरसों पीली फूले, मस्ती से झूमे। पाकर खिलती कलियाँ, भौरों ने चूमे।। मादक हुई हवाएँ,…
मन की वीणा के तार कसे-मनु कुमारी
मन की वीणा के तार कसे, अब नए सुरों की बात करें। डर और संशय दूर हटाएँ, खुद पर फिर विश्वास करें। सपनों को फिर जागृत करें, हिम्मत को फिर…
*गुरु-शिष्य महिमा*
गुरु-शिष्य महिमा गुरु चाणक्य का सानिध्य पाकर, चंद्रगुप्त मिशाल बना; नंद वंश का नाश कर, वह मगध सम्राट बना। भद्रबाहु से शिक्षा पाकर, प्रियदर्शी अशोक बना; विश्वभर में…
बसंत ऋतु आया-मुन्नी कुमारी
देखो बसंत ऋतु है आया, कितना सुंदर खुशियां लाया। मोर, पपीहा, कोयल गाए, सुंदर-सुंदर पक्षी छाए। देखो बसंत ऋतु है आया, कितना सुंदर खुशियां लाया। सुबह-सुबह जब सुरज निकले, मन…
ऋतुराज बसंत -ब्यूटी कुमारी
मनहर लगता दृश्य धारा, उपवन-उपवन खिले सुमन, धरा पर सरसों की पीली चुनरी, केसरिया खिला टेसू फूल, तरु पर लगा नव पल्लव, आ गया ऋतुराज बसंत। बहे मंद- मंद…