कैसे समझोगे तुम कैसे समझोगे तुम समय को, जिसने लोगों को जीना सिखाया। कैसे समझोगे तुम स्वजन को, जिसने तुम्हारा मान बढ़ाया। कैसे समझोगे तुम परिजन को, जिसने तुम्हारा अपमान…
Category: sandeshparak
Sandeshparak poems are poems that are used to convey a message with feelings. Through poems, statements related to the country, the world, and society are transmitted to the people. Teachers of Bihar give an important message through the Sandeshparak of Padyapankaj.
पग-पग आगे बढ़ना होगा – ब्यूटी कुमारी
पग-पग आगे बढ़ना होगा गुरु शिखर पर चढ़ाना हो तो चट्टानों से टकराना होगा । सिंधु पार जाना हो तो लहरों से भी लड़ना होगा। जीवन में कुछ करना है…
ठंडा – नीतू रानी
ठंडा का महीना थर- थर कांँपै सब लोग, कोना केअ बनाएब खाना कि खायत बच्चा मोर। मन नै करैयेअ हम बिछना सेअ निकली ठंडा पैन सेअ हम बर्तन धोबी, ठंडा…
आँसू और खामोशी – नीतू रानी
आँसू और खामोशी सिर्फ महिलाओं में हीं होती, ये दोनों लेकर महिला दिन- रात हैं रोती। आँसू और खामोशी महिलाओं को सोने नहीं देती, ये दोनों को सिर पर लेकर…
धन्यवाद टीचर्स ऑफ बिहार – एम० एस० हुसैन “कैमूरी”
है कोटि-कोटि धन्यवाद ऐ टीचर्स ऑफ बिहार तेरे बदौलत हीं सबका होता है सपना साकार रचनाएं दब सी जाती थी होता न था प्रचार प्रसार लिखना शुरू मैंने किया तुने…
आओ नववर्ष मनायें – मनु रमन
आओ नववर्ष मनायें। खुशियों के फूल खिलाएं। नयी उम्मीदें नयी उमंगों के साथ , नित्य नया कुछ कर जायें। नये सपनों को देखें, उसे सही आकार दें। नीले- नीले आसमान…
अलाव-राम किशोर पाठक प्रधान शिक्षक
कुहासा है घना देखो, जलाने आग अब आओ। रहे हो कांँपते अबतक, जरा अब तापकर जाओ।। पता पथ का नहीं चलता, उजाला मिल न पाता है। चलें अब राह हम…
सावित्री बाई फुले-राम किशोर पाठक
तर्क कसौटी की थी दात्री। सावित्री शिक्षा की जात्री।। ज्योति जलाने जग में आई। नारी शिक्षा को फैलाई।। बनकर वह एक अधिष्ठात्री। सावित्री शिक्षा की जात्री।।०१।। पति से मिलकर कदम…
सम्मान या सौदा..विनोद कुमार विमल
शिक्षा की देहरी पर दीप जले,आदर्शों में सपने पले।पर पावन उस प्रांगण में अबकुछ मौन-से मोल टँगे मिले।जिस मान का मूल चरित्र रहा,जिस गौरव की जड़ तप में थी—वह मान…
मुझे पढ़ाओ पापा..बिंदु अग्रवाल
मुझे आगे बढ़ाओ पापाहाँ मुझे पढ़ाओ पापा।न दो मुझे उंगली का सहारामुझे चलना सिखाओ पापा। किताबों का दो उपहार मुझे दहेज न तुम जमाओ पापा।मैं भी तो तुम्हारा हिस्सा हूँ…