Category: sandeshparak

Sandeshparak poems are poems that are used to convey a message with feelings. Through poems, statements related to the country, the world, and society are transmitted to the people. Teachers of Bihar give an important message through the Sandeshparak of Padyapankaj.

Ratna Priya

कलम से प्यार-रत्ना प्रियाकलम से प्यार-रत्ना प्रिया

0 Comments 8:59 pm

यह लेखनी चले निरंतर, तू कलम से प्यार कर, अक्षर-अक्षर, शब्द-शब्द से, एक नया विस्तार कर । अक्षर-अक्षर गूँथ जाएँ[...]

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Nitu Rani

परीक्षा केअ एलै परिणाम-नीतू रानीपरीक्षा केअ एलै परिणाम-नीतू रानी

0 Comments 8:03 pm

परीक्षा केअ एलै परिणाम  परिणाम मेरी सखिया, झूमै छै शहर और गाम  गाम मेरी सखिया परीक्षा—२। देलकै परीक्षा बच्चा एलै[...]

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Manu Raman Chetna

कविताएं जन्म लेती हैं-मनु कुमारीकविताएं जन्म लेती हैं-मनु कुमारी

0 Comments 7:48 pm

कविताएं जन्म लेती हैं – शब्द और भाव के अर्थपूर्ण मिलावट से, उन्मुक्त आकाश में उड़ते पक्षियों की चहचहाहट से।[...]

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Ram Kishore Pathak

प्रेम बड़ा अनमोल-राम किशोर पाठक प्रेम बड़ा अनमोल-राम किशोर पाठक 

0 Comments 10:52 pm

महज शब्द मत मानिए, प्रेम बड़ा अनमोल। तार साँस की जोड़ता, द्वार हृदय का खोल।। कौन बखाने प्रेम को, जो[...]

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Beauty

प्रवेशोत्सव-ब्यूटी कुमारी प्रवेशोत्सव-ब्यूटी कुमारी 

0 Comments 10:48 pm

नए सत्र का हुआ आगाज,  गूंजेगी अब बच्चों की आवाज।  विद्यालय में मनेगा प्रवेशोत्सव, परीक्षा फल प्रकाशन उत्सव । अभिभावक[...]

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Girindra Mohan Jha

सूर्य-चंद्र-गिरीन्द्र मोहन झासूर्य-चंद्र-गिरीन्द्र मोहन झा

0 Comments 7:43 pm

सूर्य अकेला ही विचरता है, जगत् का तम वह हरता है, एक राशि से दूसरे राशि में प्रवेश करे, तो[...]

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Nitu Rani

विलुप्त हो गई गौरैया-नीतू रानीविलुप्त हो गई गौरैया-नीतू रानी

0 Comments 7:49 am

गौरैया दिवस मनाइए,  गौरैया को घर में बसाइए। जब से बना पक्का का मकान, गौरैया की उड़ गई मुस्कान। घर[...]

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RAMPAL SINGH ANJAN

रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’

0 Comments 4:25 pm

भाग गया है शीत,निकल कर देखो। बाहर किरणें प्रीत,निकल कर देखो।। पगडंडी के प्रांत,आज है भारी। हरियाली है मगन,मार सिसकारी।।[...]

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Ram Kishore Pathak

मानवता- राम किशोर पाठक मानवता- राम किशोर पाठक 

0 Comments 4:19 pm

ज्ञानी जन चिंतन करें, मानव कर्म विमर्श। कुंठित मानवता हुई, कैसे हो शुभ दर्श।। कैसे हो शुभ दर्श, वर्ष नव[...]

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