Category: sandeshparak

Sandeshparak poems are poems that are used to convey a message with feelings. Through poems, statements related to the country, the world, and society are transmitted to the people. Teachers of Bihar give an important message through the Sandeshparak of Padyapankaj.

Ashish Amber

हमारे पथ प्रदर्शक – आशीष अम्बरहमारे पथ प्रदर्शक – आशीष अम्बर

0 Comments 5:10 pm

हमारे पथ प्रदर्शक – आशीष अम्बर शिक्षक ज्ञान का दीपक हैं जलाते, जीवन जीने की राह बतलाते। मेहनत का हमें[...]

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BAIKUNTH BIHARI

वाह रे इंसान – बैकुंठ बिहारीवाह रे इंसान – बैकुंठ बिहारी

0 Comments 5:03 pm

वाह रे इंसान – बैकुंठ बिहारी दूसरों से छल कपट कर, समझता तू खुद को बुद्धिमान, वाह रे इंसानI अपनों[...]

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Md Sabik

एकता के रंग त्योहारों के संग – मो॰ साबिकएकता के रंग त्योहारों के संग – मो॰ साबिक

0 Comments 4:02 pm

एकता के रंग त्योहारों के संग – मो॰ साबिक धर्मो की रक्षा करे संस्कृतियों के साथ चले आपसी समन्वय बनी[...]

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Kartik Kumar

 ऐ बच्चा, स्कूल जाओ – कार्तिक कुमार ऐ बच्चा, स्कूल जाओ – कार्तिक कुमार

0 Comments 12:27 pm

 ऐ बच्चा, स्कूल जाओ – कार्तिक कुमार ऐ बच्चा, स्कूल जाओ, ज्ञान की ज्योति जलाओ। सुबह उठकर माता-पिता को, प्रणाम[...]

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Jitendra Paswan

धर्म-संकट – जितेन्द्र पासवानधर्म-संकट – जितेन्द्र पासवान

0 Comments 12:16 pm

धर्म-संकट – जितेन्द्र पासवान महाभारत युद्ध का जब शंखनाद हुआ, श्रीकृष्ण-अर्जुन में एक संवाद हुआ। “देख रहे हो, हे केशव![...]

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जीवन में नारायण बन पाए  – बेबी अर्चनाजीवन में नारायण बन पाए  – बेबी अर्चना

0 Comments 8:47 am

छोड़ पुष्पों की सेज सुहानी जो काँटों का बिस्तर अपनाए कर्मपथ पर सतत चलकर जो सबका पथ प्रदर्शक बन जाए[...]

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Kartik Kumar

एक शिक्षक ही तो है – कार्तिक कुमारएक शिक्षक ही तो है – कार्तिक कुमार

0 Comments 7:47 am

एक शिक्षक ही तो है – कार्तिक कुमार तुझे राह दिखाने वाला, तेरी भूल बताने वाला, अंधियारे में दीप जलाकर,[...]

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Purushottam Kumar

आत्ममंथन – पुरुषोत्तम कुमारआत्ममंथन – पुरुषोत्तम कुमार

0 Comments 9:08 pm

आत्ममंथन – पुरुषोत्तम कुमार दूसरों की पहचान बताता तू खुद अपनी पहचान कर छोड़ अन्य बातों को अपने भीतर स्वाभिमान[...]

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RAMPAL SINGH ANJAN

रक्षाबंधन – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’रक्षाबंधन – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’

0 Comments 8:58 pm

रक्षाबंधन – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’ प्रश्नोत्तर जो मिला ढूँढ़कर, पथ प्रशस्त करता है। दिवस पूर्णिमा के धागे में, शक्ति[...]

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Buty Kumari

रेशम की डोर – ब्यूटी कुमारीरेशम की डोर – ब्यूटी कुमारी

0 Comments 8:37 pm

रेशम की डोर – ब्यूटी कुमारी भाई-बहन के रिश्तों की डोर, बड़ा है अनमोल। मूल्यों से ना इसे तोल, रेशम[...]

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