Category: sandeshparak

Sandeshparak poems are poems that are used to convey a message with feelings. Through poems, statements related to the country, the world, and society are transmitted to the people. Teachers of Bihar give an important message through the Sandeshparak of Padyapankaj.

Ram Kishore Pathak

वृक्ष- राम किशोर पाठकवृक्ष- राम किशोर पाठक

0 Comments 10:26 pm

वृक्ष है जीवन हमारा, क्यों किया इसका विनाश। कर रहे हो फिर भला क्यों, शुद्ध संचारी तलाश।। ताप जब बढ़ता[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Ram Kishore Pathak

जल ही जीवन है-राम किशोर पाठकजल ही जीवन है-राम किशोर पाठक

0 Comments 10:22 pm

जल ही जीवन विचार लाओ। अपनी धरती निहार आओ।। प्यासे कब-तक भला सहेंगे। दिन कितने हम बचे रहेंगे।। धरा-ताप जब[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Amarnath Trivedi

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस- अमरनाथ त्रिवेदीअंतर्राष्ट्रीय योग दिवस- अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 10:17 pm

आत्मचिंतन से निकली ऊर्जा ज़ब भोग का नाश कराती है । तभी योग उमड़ता जीवन में , यह शरीर से[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Ram Kishore Pathak

शशि नभ मंडल, आए कैसे-राम किशोर पाठकशशि नभ मंडल, आए कैसे-राम किशोर पाठक

0 Comments 2:44 pm

शशि नभ मंडल, आए कैसे? नित छवि नूतन, पाए कैसे? हरपल शीतल, दे अंजोरा। तन रखता निज, गोरा-गोरा।। हम सबका[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

बाल श्रम नहीं, पढ़ने की उम्र है-राहुल कुमार रंजनबाल श्रम नहीं, पढ़ने की उम्र है-राहुल कुमार रंजन

0 Comments 6:45 am

खेलने-कूदने की उम्र है, अभी बढ़ने दो, नन्हे हाथों में काम नहीं, सपने रहने दो। कंधों पर बस्ते सजने दो,[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Girindra Mohan Jha

हितोपदेश-गिरीन्द्र मोहन झाहितोपदेश-गिरीन्द्र मोहन झा

0 Comments 2:41 pm

कर्त्तव्यपरायण और व्यवहारकुशल बनना, स्वयं के प्रति सत्यनिष्ठ-ईमानदार बनना, निरंतर सीखना, जिज्ञासु बनना, वैज्ञानिक दृष्टिकोण रखना, प्रगति के लिए सदा[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Girindra Mohan Jha

जीना तो इसी का नाम है-गिरीन्द्र मोहन झाजीना तो इसी का नाम है-गिरीन्द्र मोहन झा

0 Comments 11:01 pm

कर्त्तव्यपरायण और व्यवहारकुशल बनें हम, सदा-सर्वदा स्वयं के प्रति ईमानदार बनें हम, जीना इसी का नाम है। प्रगति पथ पर,[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें