Category: sandeshparak

Sandeshparak poems are poems that are used to convey a message with feelings. Through poems, statements related to the country, the world, and society are transmitted to the people. Teachers of Bihar give an important message through the Sandeshparak of Padyapankaj.

शिक्षा – रंजना कुमारीशिक्षा – रंजना कुमारी

0 Comments 10:36 pm

  शिक्षा – रंजना कुमारी शिक्षा से अज्ञान को मिटाने चले हैं, ज्ञान का दीप हम जलाने चले हैं, हर[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Ashish Amber

श्रम की महिमा – आशीष अम्बरश्रम की महिमा – आशीष अम्बर

0 Comments 10:30 pm

श्रम की महिमा – आशीष अम्बर श्रम से हर मंजिल होती आसान, श्रम से ही तो मानव बनें महान ।[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

एक तस्वीर जो गवाह बनी – रूचिकाएक तस्वीर जो गवाह बनी – रूचिका

0 Comments 10:24 pm

  एक तस्वीर जो गवाह बनी – रूचिका एक तस्वीर जो गवाह बनी मेरे अतीत की। दिलाया एहसास जिसने मुझे[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Vijay Shankar Thakur

चैन कहां से पाओगे – विजय शंकर ठाकुरचैन कहां से पाओगे – विजय शंकर ठाकुर

0 Comments 10:18 pm

चैन कहां से पाओगे – विजय शंकर ठाकुर प्रकृति से टकराओगे, तो चैन कहां से पाओगे ग़र पेड़ काटते जाओगे,[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Kartik Kumar

खेल का मेला-कार्तिक कुमारखेल का मेला-कार्तिक कुमार

0 Comments 5:02 pm

3:30 से खेला होगा, बैट-बॉल का मेला होगा। दूसरा और तीसरा का मैच, नहीं करेंगे आपस में बैच। मिल-जुलकर सब[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

फटकार से संस्कार – उमेश कुमार सिन्हा ‘ निर्देशक ‘फटकार से संस्कार – उमेश कुमार सिन्हा ‘ निर्देशक ‘

0 Comments 4:49 pm

जो डाँट पड़ी, वह मस्तिष्क में आट गई, इसे अपने दिल में न लगाओ। मूर्तिकार के पत्थर से पूछो— क्या[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

स्वतंत्रता-भवानंद सिंह स्वतंत्रता-भवानंद सिंह 

0 Comments 10:26 pm

स्वतंत्रता के पावन, अवसर हम सब, उल्लास पूर्वक और  खुशी से मनाते हैं। याद करेंगे बीरों को, जिसने दी कुर्बानी[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

स्वाधीनता-एम० एस० हुसैन “कैमूरी”स्वाधीनता-एम० एस० हुसैन “कैमूरी”

0 Comments 10:22 pm

जब घोषणा हुई स्वाधीनता का हर मन प्रफुल्लित हो आया था । खुशियों से झूमे उठे भारतवासी सैकड़ों वर्षों बाद[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Ruchika

फिर पन्द्रह अगस्त आया-रूचिकाफिर पन्द्रह अगस्त आया-रूचिका

0 Comments 9:12 am

फिर पन्द्रह अगस्त देश प्रेम का परचम लहराया। जय हिंद के नारों से गुंजयमान हुआ भारतवर्ष भारत देश महान कहलाया।[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें