काव्य-मुहावरा मंजरी – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर यहाँ हिंदी के कुछ प्रसिद्ध मुहावरों और लोकोक्तियों को काव्य (कविता) के रूप में[...]
Category: sandeshparak
Sandeshparak poems are poems that are used to convey a message with feelings. Through poems, statements related to the country, the world, and society are transmitted to the people. Teachers of Bihar give an important message through the Sandeshparak of Padyapankaj.
मन का रावण कब मारोगे?- धीरज कुमारमन का रावण कब मारोगे?- धीरज कुमार
वो रावण था, क्योंकि वसुधा को शापित कर अधिकार किया। गंधर्व, यक्ष पर क्या कहना, देवों पर अत्याचार किया। वो[...]
शब्द-शिल्प: वाक्य भेद-धर्मेंद्र कुमार ठाकुर शब्द-शिल्प: वाक्य भेद-धर्मेंद्र कुमार ठाकुर
पदों के सार्थक मेल से, ‘वाक्य’ जनम लेता है, भावों और विचारों को, जो पूर्ण रूप देता है। इसके भेदों[...]
शब्द के आठ भेद -कार्तिक कुमार शब्द के आठ भेद -कार्तिक कुमार
आओ बच्चों! ज्ञान बढ़ाएँ, कविता गाकर भेद बताएँ। संज्ञा नाम बताती है, राम-श्याम की पहचान कराती है। सर्वनाम संज्ञा की[...]
सामर्थ्य-धर्मेंद्र कुमार ठाकुरसामर्थ्य-धर्मेंद्र कुमार ठाकुर
शारीरिक ढांचा नारी का, पर भीतर तेज पुरानी है, विजयादशमी का पर्व कहे, वह साक्षात भवानी है। दिखते नहीं हैं[...]
शब्दों की महफ़िल: छंदों के संग – धर्मेंद्र कुमार ठाकुरशब्दों की महफ़िल: छंदों के संग – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर
शब्दों की महफ़िल: छंदों के संग – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर शब्द-विचार: काव्य रूप में 1. सार्थक और निरर्थक शब्द वर्ण[...]
तुम पर्वतों के समान बनो- गौरव कुमार तिवारीतुम पर्वतों के समान बनो- गौरव कुमार तिवारी
तुम पर्वतों के समान बनो, आँधियाँ भी मुड़कर लौट जायें तुम पर्वतों के समान अचल बनो, आँधियाँ भी स्पर्श[...]
स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत: स्वच्छता से ही सुंदरता-पुनम कुमारीस्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत: स्वच्छता से ही सुंदरता-पुनम कुमारी
स्वच्छता का दीप जलाएँ, भारत को सुंदर बनाएँ। गली-गली और गाँव-गाँव में, स्वच्छता का अलख जगाएँ॥ न गंदगी हम फैलाएँगे,[...]
स्वस्थ जीवन, सुखी जीवन-पुनम कुमारीस्वस्थ जीवन, सुखी जीवन-पुनम कुमारी
स्वस्थ तन में स्वस्थ मन का, होता सुंदर वास। स्वास्थ्य रहे तो जीवन में, जगती नई मिठास॥ सुबह-सुबह जब सूरज[...]
उलझन सुलझाएं -धर्मेंद्र कुमार ठाकुरउलझन सुलझाएं -धर्मेंद्र कुमार ठाकुर
गणित की दो धाराएँ: ल.स. और म.स. गणित नगर के दो हैं भाई, दोनों ने अद्भुत महिमा पाई। एक ढूँढता[...]
