आत्मचिंतन से निकली ऊर्जा ज़ब भोग का नाश कराती है । तभी योग उमड़ता जीवन में , यह शरीर से[...]
Category: sandeshparak
Sandeshparak poems are poems that are used to convey a message with feelings. Through poems, statements related to the country, the world, and society are transmitted to the people. Teachers of Bihar give an important message through the Sandeshparak of Padyapankaj.
शशि नभ मंडल, आए कैसे-राम किशोर पाठकशशि नभ मंडल, आए कैसे-राम किशोर पाठक
शशि नभ मंडल, आए कैसे? नित छवि नूतन, पाए कैसे? हरपल शीतल, दे अंजोरा। तन रखता निज, गोरा-गोरा।। हम सबका[...]
गर्मी आई-ब्यूटी कुमारीगर्मी आई-ब्यूटी कुमारी
गर्मी आई लू बरसाई , सूरज की तेज तपिश । धरती पर छाई लू की कहर, निकल ना पाते घर[...]
बाल श्रम नहीं, पढ़ने की उम्र है-राहुल कुमार रंजनबाल श्रम नहीं, पढ़ने की उम्र है-राहुल कुमार रंजन
खेलने-कूदने की उम्र है, अभी बढ़ने दो, नन्हे हाथों में काम नहीं, सपने रहने दो। कंधों पर बस्ते सजने दो,[...]
हितोपदेश-गिरीन्द्र मोहन झाहितोपदेश-गिरीन्द्र मोहन झा
कर्त्तव्यपरायण और व्यवहारकुशल बनना, स्वयं के प्रति सत्यनिष्ठ-ईमानदार बनना, निरंतर सीखना, जिज्ञासु बनना, वैज्ञानिक दृष्टिकोण रखना, प्रगति के लिए सदा[...]
पिता-रूचिकापिता-रूचिका
पिता एक सुरक्षा कवच इस समाज में जो ढाल बन जाते हर मुश्किल में। पिता मार्गदर्शक एक सलाहकार जो सही[...]
जीना तो इसी का नाम है-गिरीन्द्र मोहन झाजीना तो इसी का नाम है-गिरीन्द्र मोहन झा
कर्त्तव्यपरायण और व्यवहारकुशल बनें हम, सदा-सर्वदा स्वयं के प्रति ईमानदार बनें हम, जीना इसी का नाम है। प्रगति पथ पर,[...]
सपनों की उड़ान-आशीष अम्बरसपनों की उड़ान-आशीष अम्बर
हम तो आगे बढ़ चलें हैं, सपनों की एक लिए उड़ान । बस लक्ष्य अपना हम साध लिए हैं, चाहे[...]
नन्हे फूल-रामपाल प्र०सिंह अनजाननन्हे फूल-रामपाल प्र०सिंह अनजान
विद्यालय के बाग बगीचे।आओ हम सब मिलकर सींचे। मुन्नी-मुन्ना कोमल प्यारे।आँगनबाड़ी के हैं सारे।। इनको कक्षा में ले जाओ।ज्येष्ठ तुम्हीं[...]
मजदूर की मजबूरी-बिंदु अग्रवालमजदूर की मजबूरी-बिंदु अग्रवाल
वो चल पड़ा अपने कर्म के पथ पर लिए अपने हुनर का नूर, अपने घर परिवार से दूर किसी अनजान[...]
