Category: sandeshparak

Sandeshparak poems are poems that are used to convey a message with feelings. Through poems, statements related to the country, the world, and society are transmitted to the people. Teachers of Bihar give an important message through the Sandeshparak of Padyapankaj.

चतुर लोमड़ी-अशोक कुमारचतुर लोमड़ी-अशोक कुमार

0 Comments 9:22 am

चतुर लोमड़ी कौआ मामा बहुत चतुर, भूख से थे मजबूर। वह निकले गाँव की ओर, रोटी का टुकड़ा मिला जरूर।[...]

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दूर धरा की अंधियारी-मनु कुमारीदूर धरा की अंधियारी-मनु कुमारी

0 Comments 10:33 am

दूर धरा की अंधियारी मिट्टी के दीये से जब करते हम, अपने घर की उजियारी, स्नेह के दिये जलाकर कर[...]

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Aprajita

ठनका वज्रपात-अपराजिता कुमारीठनका वज्रपात-अपराजिता कुमारी

0 Comments 8:47 pm

ठनका वज्रपात मानसून आ चुका है, बच्चों ! काले काले बादल घिर आए कड़ कड़ कड़ कड़ बिजली कड़की यह[...]

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मैं प्रकृति हूँ- संदीप कुमारमैं प्रकृति हूँ- संदीप कुमार

0 Comments 7:20 pm

मैं प्रकृति हूँ मैं प्रकृति हूँ! इंसान मैं तुझे क्या नहीं देती हूँ सबकुछ समर्पित करती हूँ तेरे लिए फिर[...]

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मेरा अखंड भारत-मुकुल कुमार कपरियामेरा अखंड भारत-मुकुल कुमार कपरिया

0 Comments 9:03 am

मेरा अखंड भारत नया जन्म हो रहा हमारा, नई उमंगे आएंगी, नई नवेली आदत मेरे, जीवन को चमकाएँगी। प्रदूषण मुक्त[...]

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मैं शिक्षक हूँ-स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या’मैं शिक्षक हूँ-स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या’

0 Comments 11:19 am

मैं शिक्षक हूँ मैनें तो सूरज चाँद रचा, इस जीवन का सम्मान रचा, नव अंकुर नव कोपलों में, रच बस[...]

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इस माटी की शान बढ़ाएँ-दिलीप कुमार गुप्ताइस माटी की शान बढ़ाएँ-दिलीप कुमार गुप्ता

0 Comments 12:50 pm

 इस माटी की शान बढाएँ  जलाकर स्वदेशी सुगंधित गुलाल लगाएँ पतंग उड़ाकर स्वदेशी स्वाभिमान का तिरंगा फहराएँ आओ! स्वदेशी अपनाएँ[...]

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