मैं हूं शिक्षक-डॉ स्नेहलता द्विवेदी आर्या

मैं इस धरा के ज्ञान धर्म का वाहक हूँ, जननी के स्वाभिमान मर्म का नायक हूँ। मैं शिक्षक संस्कार, सत्य तप का राही, वसुधा से अज्ञान मिटाने वाला हूँ। इस…

तुम हो तो बसंत है-मनु कुमारी

तुम हो तो बसंत है, वरना मौसम रूठ जाते हैं, तुम्हारी हँसी से पतझर भी गीत गुनगुनाते हैं। तुम्हारा साथ मिले तो राहें मुस्कुराती हैं, अधूरी-सी ज़िंदगी भी पूरी हो…

अश्रु आंखों में लिए-रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’ 

आज जाने की घड़ी पर,रो रहा है आसमां। जो अभी परिवार ही हैं,कल रहेंगे पास ना।। राम आए कृष्ण आए,छोड़कर सब चल दिए। देश दुनिया नभ दुखी हैं,अश्रु ऑंखों में…

बाल शोषण-राम किशोर पाठक

अम्मा कहती प्यारी हूँ मैं। छवि तेरी ही धारी हूँ मैं।। फिर शाला क्यों मुझे न भेजी। रखती घर में मुझे सहेजी।। मुन्ना को मैं देखा करती। पाँवों की पीड़ा…

अपना लक्ष्य-राम किशोर पाठक

लक्ष्य सुनिश्चित रखकर हर-पल, तुम बढ़ते रहना। तय है होना सफल तुम्हारा, रख हिम्मत गहना। बस कदम बढ़ाकर चलना है, कभी नहीं रुकना। आएगी बाधाएँ पर तुम, नहीं कभी झुकना।।…

सत्य का पथ-मनु कुमारी

नमन है आज उस आत्मा को, जो सत्य बनी, अहिंसा बोली। जो दंड नहीं, संवाद सिखाए, जिसने शक्ति को करूणा माना। न हथियार उठाया उसने, पर साम्राज्य डगमगा गए। एक…

हमारा तिरंगा-मनु कुमारी

तीन रंगों में बंधा हुआ, भारत माँ का स्वाभिमान है। केसरिया बलिदान कहे, श्वेत शांति की पहचान है। हरित रंग में जीवन बहता, आशा का मधुर संदेश लिए, अशोक चक्र…