Category: sandeshparak

Sandeshparak poems are poems that are used to convey a message with feelings. Through poems, statements related to the country, the world, and society are transmitted to the people. Teachers of Bihar give an important message through the Sandeshparak of Padyapankaj.

Punam Kumari

प्रकृति प्रहरी-पूनम कुमारीप्रकृति प्रहरी-पूनम कुमारी

0 Comments 7:10 pm

जब धरती की साँसें घुटती हैं, जब नदियाँ रोती हैं, जब जंगल की हरियाली धीरे-धीरे खोती है, तब कौन बनेगा[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

देश का भविष्य: नन्हें मुन्ने-धर्मेंद्र कुमार ठाकुरदेश का भविष्य: नन्हें मुन्ने-धर्मेंद्र कुमार ठाकुर

0 Comments 6:58 pm

ये बात है उन नन्हें मन्नों की, मासूम सी भोली आँखों की। खेल ही जिनकी दुनिया है, ना फिक्र इन्हें[...]

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आत्मा की अमरता-कुमारी प्रियंका वर्माआत्मा की अमरता-कुमारी प्रियंका वर्मा

0 Comments 6:45 pm

अपने धुन में ही लगे हैं सब किसी को किसी की सोच नहीं समझ सको समझो ,ये जिंदगी बोझ नहीं[...]

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Mritunjay Kumar

आओ मिलकर जन्मदिन मनाएँ —मृत्युंजय कुमारआओ मिलकर जन्मदिन मनाएँ —मृत्युंजय कुमार

0 Comments 1:56 pm

आओ मिलकर जन्मदिन मनाएँ, बापू के सत्य-अहिंसा के मार्ग अपनाएँ। राष्ट्रपिता हम जिन्हें कहते, सबके दिलों में वे ही रहते।[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

धर्मेंद्र कुमार ठाकुर धर्मेंद्र कुमार ठाकुर 

0 Comments 9:11 am

जीभ का स्वाद और बेडौल शरीर स्वाद के चक्कर में फंसकर, शरीर हुआ आज बेडौल। पिज़ा, बर्गर, चाउमीन खाकर, बिगाड़[...]

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Rinju Singh

क्या सच में आज अहिंसा दिवस है?-रिंजू कुमारीक्या सच में आज अहिंसा दिवस है?-रिंजू कुमारी

0 Comments 8:56 am

कागज़ों पर लिखकर अहिंसा, क्या सच में हम बदल पाए हैं? हिंसा तो हर ओर दिखाई देती, फिर किस बात[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

जंग अभी बांकी है -धर्मेंद्र कुमार ठाकुरजंग अभी बांकी है -धर्मेंद्र कुमार ठाकुर

0 Comments 8:49 am

दशकों बीते, सदियां बदलीं, पर जंजीरें चटक न पाईं, महलों में शहनाई गूंजी, कुटिया में परछाईं आई। तुम कहते हो[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

हम शिक्षक हैं-धर्मेंद्र कुमार ठाकुरहम शिक्षक हैं-धर्मेंद्र कुमार ठाकुर

0 Comments 12:03 am

 हम शिक्षक हैं, हम युग-निर्माता, हम इस सृष्टि के दर्पण हैं, छात्रों के हर एक आवेगों का, हँसकर करते हम[...]

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