Category: sandeshparak

Sandeshparak poems are poems that are used to convey a message with feelings. Through poems, statements related to the country, the world, and society are transmitted to the people. Teachers of Bihar give an important message through the Sandeshparak of Padyapankaj.

Kartik Kumar

 मेरा प्यारा खिलौना – कार्तिक कुमार मेरा प्यारा खिलौना – कार्तिक कुमार

0 Comments 7:33 pm

 मेरा प्यारा खिलौना – कार्तिक कुमार मेरा प्यारा खिलौना है, सबसे सुंदर, न्यारा है। लाल रंग की छोटी गाड़ी, चलती[...]

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Kartik Kumar

 मेरी गुड़िया की शादी है – कार्तिक कुमार मेरी गुड़िया की शादी है – कार्तिक कुमार

0 Comments 7:29 pm

 मेरी गुड़िया की शादी है – कार्तिक कुमार मेरी गुड़िया की शादी है, घर में आज खुशी ज्यादा है। गुड़िया[...]

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मेरी माँ वसुंधरा -उमेश कुमार सिन्हामेरी माँ वसुंधरा -उमेश कुमार सिन्हा

0 Comments 10:31 am

अपने आँचल में अथाह सागर समेटे, माथे पर शीतल चाँद सजाए। अपनी गोद में समस्त सृष्टि को बसाए, ओ! कोई[...]

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स्वतंत्रता का अमर प्रण -उमेश कुमार सिन्हास्वतंत्रता का अमर प्रण -उमेश कुमार सिन्हा

0 Comments 9:15 am

स्वतंत्रता-दिवस आया है, हर आँगन उल्लास समाया है। केसरिया, श्वेत, हरा तिरंगा, गर्व से नभ में लहराया है। ज्यों ही[...]

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Kartik Kumar

हर घर तिरंगा-कार्तिक कुमारहर घर तिरंगा-कार्तिक कुमार

0 Comments 11:35 pm

हर घर तिरंगा लहराए, भारत माँ मुस्काए, जन-जन के मन में देशभक्ति, दीप नया जल जाए। केसरिया त्याग सिखाए, साहस[...]

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Kartik Kumar

विद्यालय-कार्तिक कुमारविद्यालय-कार्तिक कुमार

0 Comments 9:01 am

विद्यालय ज्ञान का मंदिर है, भारत का यह सुंदर घर है। यहीं खिलते सपनों के फूल, यहीं बनते बच्चे अनमोल।[...]

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स्वतंत्रता का अमर प्रण – उमेश कुमार सिन्हास्वतंत्रता का अमर प्रण – उमेश कुमार सिन्हा

0 Comments 8:50 am

स्वतंत्रता-दिवस आया है, हर आँगन उल्लास समाया है। केसरिया, श्वेत, हरा तिरंगा, गर्व से नभ में लहराया है। ज्यों ही[...]

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सेवाभावी की अभिलाषा -उमेश कुमार सिन्हासेवाभावी की अभिलाषा -उमेश कुमार सिन्हा

0 Comments 11:24 pm

नहीं चाहूँ स्वर्णिम वैभव का मुझ पर राजतिलक हो, नहीं चाहूँ यश का सूरज मेरे ही आँगन उदित हो। नहीं[...]

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