Category: sandeshparak

Sandeshparak poems are poems that are used to convey a message with feelings. Through poems, statements related to the country, the world, and society are transmitted to the people. Teachers of Bihar give an important message through the Sandeshparak of Padyapankaj.

RAMPAL SINGH ANJAN

नन्हे फूल-रामपाल प्र०सिंह अनजाननन्हे फूल-रामपाल प्र०सिंह अनजान

0 Comments 5:59 pm

विद्यालय के बाग बगीचे।आओ हम सब मिलकर सींचे। मुन्नी-मुन्ना कोमल प्यारे।आँगनबाड़ी के हैं सारे।। इनको कक्षा में ले जाओ।ज्येष्ठ तुम्हीं[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

मजदूर की मजबूरी-बिंदु अग्रवालमजदूर की मजबूरी-बिंदु अग्रवाल

0 Comments 5:42 pm

वो चल पड़ा अपने कर्म के पथ पर लिए अपने हुनर का नूर, अपने घर परिवार से दूर किसी अनजान[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

बस यूं ही-विजय शंकर ठाकुरबस यूं ही-विजय शंकर ठाकुर

0 Comments 10:42 pm

गाय -बैलों को भूलकर, कुत्ते के पीछे भागते, गंवार से संभ्रांत बनने की चाहत में। भूलते बिसरते अतीत ! खुले[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

ज्ञान का दीपक शिक्षक – कार्तिक कुमारज्ञान का दीपक शिक्षक – कार्तिक कुमार

0 Comments 10:38 pm

ज्ञान का दीप जलाता शिक्षक, फिर भी दुख ही पाता शिक्षक। बच्चों को उजियारा देता, अपने मन को समझाता शिक्षक।[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

शिक्षा का मंदिर – कार्तिक कुमारशिक्षा का मंदिर – कार्तिक कुमार

0 Comments 10:33 pm

शिक्षा का मंदिर न्यारा है, ज्ञान जहाँ का उजियारा है। यहाँ संस्कारों की गंगा बहती, जीवन की हर राह सँवरती।[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

राष्ट्रवाद-मृणाल गौतमराष्ट्रवाद-मृणाल गौतम

0 Comments 12:57 pm

तुम अलख जगाओ ‘राष्ट्रवाद’ की न्याय नीति की—‘नव प्रभात’ की नवचेतना जाग्रति होगीं— जन-मानस हुँकार भरेगा, भारत नव निर्माण के[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें