जो डाँट पड़ी, वह मस्तिष्क में आट गई, इसे अपने दिल में न लगाओ। मूर्तिकार के पत्थर से पूछो— क्या[...]
Category: sandeshparak
Sandeshparak poems are poems that are used to convey a message with feelings. Through poems, statements related to the country, the world, and society are transmitted to the people. Teachers of Bihar give an important message through the Sandeshparak of Padyapankaj.
स्वतंत्रता-भवानंद सिंह स्वतंत्रता-भवानंद सिंह
स्वतंत्रता के पावन, अवसर हम सब, उल्लास पूर्वक और खुशी से मनाते हैं। याद करेंगे बीरों को, जिसने दी कुर्बानी[...]
स्वाधीनता-एम० एस० हुसैन “कैमूरी”स्वाधीनता-एम० एस० हुसैन “कैमूरी”
जब घोषणा हुई स्वाधीनता का हर मन प्रफुल्लित हो आया था । खुशियों से झूमे उठे भारतवासी सैकड़ों वर्षों बाद[...]
फिर पन्द्रह अगस्त आया-रूचिकाफिर पन्द्रह अगस्त आया-रूचिका
फिर पन्द्रह अगस्त देश प्रेम का परचम लहराया। जय हिंद के नारों से गुंजयमान हुआ भारतवर्ष भारत देश महान कहलाया।[...]
देश के युवक-रंजना कुमारीदेश के युवक-रंजना कुमारी
जागो देश की युवक, नई क्रांति का आगाज करो। नए भारत का सृजन , अब तुम्हारे हाथों में है, कुछ[...]
पौधे ने माँगा पानी-उमेश कुमार सिन्हा ” निर्देशक”पौधे ने माँगा पानी-उमेश कुमार सिन्हा ” निर्देशक”
हवा रुक गई, ताप बढ़ गया, खेतों में दरार पड़ गया। कड़ी धूप देख मन घबराया, हरे पौधों ने आपस[...]
तिरंगा-बेबी अर्चनातिरंगा-बेबी अर्चना
लहराता है तिरंगा धरा-गगन सुरक्षित है अब अपना चमन हवा नहीं, यह फौजी की साँसें बदौलत जिनके शांति-अमन है दीप्त[...]
आजादी की वर्षगाँठ-रूचिकाआजादी की वर्षगाँठ-रूचिका
आजादी की 80वाँ वर्षगाँठ हम मना रहे हैं, स्वयं ही अपनी आजादी पर इठला रहे हैं। मगर क्या कभी सोचा[...]
स्वतंत्रता से प्यार-रत्ना प्रियास्वतंत्रता से प्यार-रत्ना प्रिया
अखिल विश्व के हर प्राणी को , स्वतंत्रता से प्यार है , पराधीनता में सुख नहीं , यह जानता संसार[...]
आजादी का दिव्य पर्व महान-बेबी अर्चना आजादी का दिव्य पर्व महान-बेबी अर्चना
है हिन्द-सिंध अपना हिय सनातन आजादी का यह दिव्य पर्व महान गुलामी- कलुषित- कालिमा का आज ही के दिन हुआ[...]
