सहज धरा को स्वर्ग बनाएँ – अंजनेय छंद गीतिका आओ मिलकर देश सजाएँ। जन-मानस को पाठ पढाएँ।। सभी भेद का[...]
Category: sandeshparak
Sandeshparak poems are poems that are used to convey a message with feelings. Through poems, statements related to the country, the world, and society are transmitted to the people. Teachers of Bihar give an important message through the Sandeshparak of Padyapankaj.
शिक्षा है अधिकार हमारा – गीतिका – राम किशोर पाठकशिक्षा है अधिकार हमारा – गीतिका – राम किशोर पाठक
शिक्षा है अधिकार हमारा – गीतिका शिक्षा है अधिकार हमारा। इससे बनता जीवन प्यारा।। नित्य हमें विद्यालय जाना। गुरुवर देते[...]
विवेकानंद – अहीर छंद – राम किशोर पाठकविवेकानंद – अहीर छंद – राम किशोर पाठक
विवेकानंद – अहीर छंद मानव का निज धर्म । किए सदा शुचि कर्म।। लिए अलौकिक ज्ञान। दिए अलग पहचान।। अद्भुत[...]
वर्षा और जीवन – अंजनेय छंद – राम किशोर पाठकवर्षा और जीवन – अंजनेय छंद – राम किशोर पाठक
वर्षा और जीवन – अंजनेय छंद धूम मचाकर बरसा आती। नभ में अपनी नाच दिखाती।। भिन्न-भिन्न वह वेश बनाती। अवनी[...]
अपनी माटी से जुड़े – दोहावली – देवकांत मिश्र ‘दिव्य’अपनी माटी से जुड़े – दोहावली – देवकांत मिश्र ‘दिव्य’
अपनी माटी से जुड़ें “””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””” अपनी माटी से जुड़ें, करें सदा गुणगान। बनी इसी से देह है, यही ईश वरदान।।०१[...]
सोशल मीडिया – राम किशोर पाठकसोशल मीडिया – राम किशोर पाठक
सोशल मीडिया रूप संचार का बदल रहा, बदला अब सारा समाज है। अंतरजाल सभी अपनाएँ, बदला सबका काम-काज है।। खुलकर[...]
प्रकाश संश्लेषण – विधा दोहें – राम किशोर पाठकप्रकाश संश्लेषण – विधा दोहें – राम किशोर पाठक
प्रकाश संश्लेषण – दोहें जिज्ञासा बच्चे लिए, गुरुवर करें निदान। कैसे भोजन पेड़ में, बनता है श्रीमान।।०१।। कैसे पोषण पा[...]
जगन्नाथपुरी रथयात्रा – राम किशोर पाठकजगन्नाथपुरी रथयात्रा – राम किशोर पाठक
जगन्नाथपुरी रथ-यात्रा- दोहें उत्कल प्रदेश में चलें, जहाँ ईश का धाम। शंख- क्षेत्र, श्रीक्षेत्र है, उसी पुरी का नाम।।०१।। युगल[...]
सारे जग में नाम होगा उसी का – अमरनाथ त्रिवेदीसारे जग में नाम होगा उसी का – अमरनाथ त्रिवेदी
सारे जग में नाम होगा उसी का सारे जग में नाम होगा उसी का , जिसके कर्मों से भाग्य जुड़ेगा[...]
विद्यालय और सामाजिक बदलाव – राम किशोर पाठकविद्यालय और सामाजिक बदलाव – राम किशोर पाठक
विद्यालय और सामाजिक बदलाव शिक्षा समाज का किस्सा है। विद्यालय इसका हिस्सा है।। विविध रूप जो बोल रहे हैं। स्व[...]
