हम शिक्षक धीरे धीरे मैं गढ़ती हूँ, घर घरौंदा आदिम सब, जाने जैसे कैसे लिखती वर्ण व आख़र आखिर[...]
Category: sandeshparak
Sandeshparak poems are poems that are used to convey a message with feelings. Through poems, statements related to the country, the world, and society are transmitted to the people. Teachers of Bihar give an important message through the Sandeshparak of Padyapankaj.
हम शिक्षक राष्ट्र प्रणेता हैं – राम किशोर पाठकहम शिक्षक राष्ट्र प्रणेता हैं – राम किशोर पाठक
हम शिक्षक राष्ट्र प्रणेता हैं हम शिक्षक राष्ट्र प्रणेता हैं। हम पल-पल के अध्येता हैं।। हम ही समाज के नेता[...]
शिक्षक दिवस – हर्ष नारायण दासशिक्षक दिवस – हर्ष नारायण दास
शिक्षक दिवस शिक्षक नहीं है सामान्य व्यक्ति, वह तो शिल्पकार होता है। गीली मिट्टी को सँवारने वाला कुम्भकार होता है।।[...]
यादों को छोड़ आते-एस०के०पूनमयादों को छोड़ आते-एस०के०पूनम
पावन दिवस पाँच, सितंबर हर साल, विद्यार्थी के जीवन को,हर्षित कर जाते। जमावड़ा है शिष्यों का, गुलदस्ता है फूलों का,[...]
शिक्षा – किशोर छंद – राम किशोर पाठकशिक्षा – किशोर छंद – राम किशोर पाठक
घर-घर अलख जगाने वाली, है शिक्षा। आत्म ज्ञान दे जाने वाली, है शिक्षा। अपनी जहाँ बनाने वाली, है[...]
अमूल्य इनका मोल-एस.के.पूनमअमूल्य इनका मोल-एस.के.पूनम
विधा:- रूप घनाक्षरी (अमूल्य इनका मोल) मिला के कदम ताल, कर दिये बुरा हाल, मचा गया हाहाकार,हुई जब कई गोल।[...]
प्राकृतिक आपदा -जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’प्राकृतिक आपदा -जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’
रूप घनाक्षरी छंद में कभी-कहीं बाढ़ आए, कभी तो सुखाड़ आए, सड़कें मकान सारे, हो जाते हैं जमींदोज़। पहाड़ चटक[...]
मन के अपने सूने गगन से- अमरनाथ त्रिवेदीमन के अपने सूने गगन से- अमरनाथ त्रिवेदी
मन के अपने सूने गगन से मन के अपने सूने गगन से , पूछ क्यों कुछ करता नहीं है ।[...]
राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस- राम किशोर पाठकराष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस- राम किशोर पाठक
राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस अंतरिक्ष की बात अलग है, इसकी सीमा ज्ञात नहीं। धरती अम्बर संग मिलें तो, बदले कुछ हालात[...]
रोग का निदान- रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’रोग का निदान- रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’
रोग का निदान! आइए हवा भरे। संग-संग में चरे।। भागते विहान में। शांत आसमान में।। ∆ स्वेद पूर्ण देह से।[...]
