सत्य के राही महात्मा गाँधी- अमरनाथ त्रिवेदी

भारत   के   महाकाश  में , एक नक्षत्र-सा  बिंबित हुआ। सत्य अहिंसा का धीरव्रती वह, भूमंडल पर प्रतिबिंबित हुआ।। बचपन से ही सत्य, न्याय का, भाव  सदा  अर्पित  करता। बाल्यकाल से…

बेटियाँ- गिरीन्द्र मोहन झा

धन्य वह गेह, जहाँ खिलखिलाती हैं बेटियाँ, धन्य वह गेह, जहाँ चहचहाती हैं बेटियाँ, धर्म-ग्रंथ कहते हैं, गृह-लक्ष्मी होती बहु-बेटियाँ, सारे देवों का वास वहाँ, जहाँ सम्मानित हैं बेटियाँ, बेटी…

भारत की पूर्ण पहचान हिंदी – सुरेश कुमार गौरव

  हिन्दी बनी मातृभाषा, तब भाषा की जननी थी। इस समृद्ध भाषा ने देश को एक नई पहचान दी।। चहुँ ओर पहुंँचकर यह जन-जन की पुकार बनी। साहित्यकार, कवियों और…

प्यारी भाषा हिंदी – अमरनाथ त्रिवेदी

हिंदी  हैं  हम  वतन हैं , यह  हिंदोस्ता   हमारा। यह भाषा बहुत सरल है, यह  सौभाग्य है हमारा।। हिंदी  जितनी  सहज  है, उतनी  न  कोई   भाषा। विश्व रंगमंच पर ये…

संस्कृत की संवाहिका हिंदी – कुमकुम कुमारी

  दूसरों का अवश्य हम गुणगान करेंगे, पर सर्वप्रथम खुद का हम जयगान करेंगे। दूसरी भाषा का भी सम्मान करेंगे, पर हिन्दी को सर्वप्रथम प्रणाम करेंगे। क्योंकि हिन्दी ही हमारी…